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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Madhyayugin Aur Arvachin Hindi Sahitya: Ek Vimarsh साहित्य के विशाल और गहन समुद्र में ज्योति और मोती खोजने का काम आलोचक करता है। डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद की यह कृति उनकी गहरी पारखी-दृष्टि, संवेदनशीलता और शास्त्रज्ञान की गरिमा का परिचय देती है। यह कबीर के काव्य के दार्शनिक पक्ष, बच्चन के काव्य में मस्ती, और समकालीन युवा आक्रोश की अनुगूँजों सहित साहित्य के विस्तृत फलक का वैविध्यपूर्ण मानचित्र प्रस्तुत करती है।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Aadhunik Hindi Upanyas aur Stri Vimarsh बीसवीं सदी के अंतिम दशकों में उभरे स्त्री विमर्श ने साहित्य के परिदृश्य को बदला। सुभाषचंद्र घायल की ‘आधुनिक हिन्दी उपन्यास और स्त्री विमर्श’ कृति इस विमर्श के विविध आयामों, स्त्री अस्मिता, पारिवारिक व सामाजिक हैसियत, शोषण और अधिकारों की प्रासंगिकता का वस्तुपरक विश्लेषण करती है। यह पुस्तक हिन्दी उपन्यासों द्वारा स्त्री विमर्श को दिए गए विस्तार और स्त्री की स्थिति को प्रदान की गई महत्ता को गंभीरता से विचार करती है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Alankar Parijat भारतीय काव्यशास्त्र में अलंकारों का महत्व निर्विवाद है। डॉ. हेतु भारद्वाज और डॉ. रमेश मयंक की यह कृति काव्य के विभिन्न उपकरणों का सम्यक् और सोदाहरण विवेचन करती है। यह भारतीय तथा पश्चिमी काव्यशास्त्र की अवधारणाओं का विश्लेषण करती है, जो काव्य के मूल्यांकन और रचनाकार के उपकरण को समझने में पाठकों की मदद करती है।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Kamleshwar ke Katha Sahitya mein madhyavarg कमलेश्वर, स्वातंत्र्योत्तर काल के संवेदनशील रचनाकार, ने नई कहानी आंदोलन के प्रणेता के रूप में अभूतपूर्व कार्य किया। डॉ. विमलेश शर्मा की यह कृति कमलेश्वर के समस्त कथा-साहित्य का मध्यवर्गीय जीवन के केंद्र में रखकर विश्लेषण करती है, जिसमें भारतीय मध्यवर्ग के संघर्षों, विद्रूपों और बदलते वक्त की विडम्बनाओं का सजीव चित्रण मिलता है।
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Hindi Kavyashastra कविता के स्थापत्य के विविध रूपों को समझने के लिए, ‘हिन्दी काव्यशास्त्र’ एक अनिवार्य मार्गदर्शिका है। रामदेव साहू की यह कृति रस, छंद, अलंकार, काव्य-दोष, काव्यगुण, काव्य रीति, और शब्द शक्ति जैसे काव्य अवयवों का सरल भाषा में विवेचन करती है, जो साहित्य के विद्यार्थियों और सामान्य पाठकों को काव्यास्वादन करने में मदद करती है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Bhasha Vigyan हिन्दी शिक्षण की त्रासदी को दूर करते हुए, डॉ. रमेश रावत की यह पुस्तक भाषा-विज्ञान को सरलता के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। यह विषय की उपादेयता को समझाने और विद्यार्थियों में रुचि जगाने पर बल देती है, जिससे वे भाषा-विज्ञान की बारीकियों को समझने में गहरी रुचि ले सकें और हिन्दी में एक अभाव की पूर्ति हो सके।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Nutan Hindi Vyakran जब्बरमल शर्मा द्वारा लिखित ‘नूतन हिंदी व्याकरण’ भाषा, व्याकरण, लिपि, वर्ण, शब्द, पद, और वाक्य विचार जैसे विषयों का विस्तृत विश्लेषण करती है। यह पुस्तक मानक हिन्दी वर्णमाला, हिन्दी वर्तनी, और समानार्थक शब्दों की जानकारी देती है, जिसे स्नातक स्तर और प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए सरल, सही और सर्वमान्य व्याकरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Hindi Sahitya Ka Itihas हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन की परम्परा को वैज्ञानिक और सारस्वत आधार देने का श्रेय आचार्य रामचन्द्र शुक्ल को है। डॉ. हेतु भारद्वाज की यह कृति हिन्दी साहित्य के आदिकाल से रीतिकाल तक का समग्र और व्यवस्थित परिचय देती है, जो हिन्दी साहित्य के विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले युवाओं और अन्य जिज्ञासुओं की जिज्ञासाओं का शमन करेगी।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Subodh Hindi Patra-Lekhan पत्रों के विभिन्न अंगों, रूपों, प्रारूपों, और व्यावसायिक पत्रों के बारे में विस्तृत विवेचन प्रस्तुत करती यह पुस्तक, जब्बरमल शर्मा द्वारा प्रस्तुत है। इसमें सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, राजनीतिक और सरकारी पत्राचार के उदाहरण भी शामिल हैं, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी-गैर सरकारी कार्यालयों में उपयोगी सिद्ध होगी।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Sanskriti aur Sahitya डॉ. हेतु भारद्वाज की यह कृति संस्कृति पर निष्पक्ष भाव से विचार करती है, जो सांस्कृतिक संकट और अहमवादी पढ़ाकूपन से मुक्त है। यह संग्रह स्त्री अस्मिता, शिक्षा, भाषा, राजनीतिक संकीर्णता और साहित्य की प्रासंगिकता पर तार्किक विचार-पद्धति से हस्तक्षेप करता है, मानवीय राग और अग्रगामिता से ओत-प्रोत है।
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Adhunik Hindi Kavita Ke Vaicharik Evam Shilpagat Ayam आधुनिक हिंदी कविता के वैचारिक और शिल्पगत आयामों का विश्लेषण करती यह कृति, डॉ. अनुराधा गर्ग द्वारा प्रस्तुत है। भारतेन्दु युग से लेकर आज तक की कविता पर सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों के प्रभावों का गहन अध्ययन, जिसमें डार्विन, मार्क्स, सार्न जैसे विचारकों की मान्यताओं और मिथक, फैंटेसी, बिम्ब, प्रतीक जैसे शैल्पिक उपादानों के उपयोग का विवेचन किया गया है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Karyalay Deepika राजभाषा हिन्दी के व्यवहारिक रूप को प्राप्त करने और उसके प्रचार-प्रसार में आने वाली समस्याओं पर केंद्रित यह पुस्तक, जब्बरमल शर्मा द्वारा प्रस्तुत है। यह राजभाषा संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान सुझाती है, जिसमें विश्व के विद्वानों का हिन्दी व्याकरण, शब्दकोशों, मानक हिन्दी वर्णमाला, और इंटरनेट पर हिन्दी साइटों पर जानकारी शामिल है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Hindi Shodh-Tantra Ki Rooprekha विश्वविद्यालयों में शोध कार्य के महत्व को रेखांकित करती यह पुस्तक, डॉ. मनमोहन सहगल द्वारा हिन्दी शोध-तंत्र के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पक्षों का गंभीर एवं विशद आख्यान है। यह शोध की परिभाषा, प्रकार, पद्धतियों और व्यावहारिक पक्षों का विस्तृत विवेचन करती है, जो शोधार्थियों के लिए एक अपरिहार्य मार्गदर्शिका है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Anuvad: Prakriya Aur Takneek अनुवाद की प्राचीन परंपरा और वर्तमान युग में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर केंद्रित, डॉ. रामप्रकाश कुलश्रेष्ठ की यह कृति अनुवाद को एक स्वतंत्र विधा के रूप में स्थापित करती है। यह पुस्तक अनुवाद प्रक्रिया के विभिन्न रूपों, स्रोत-भाषा की गहराई में जाने की जटिलता और अनुवादकों की दक्षता वृद्धि के लिए एक समग्र मार्गदर्शिका है।
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₹150.00 Original price was: ₹150.00.₹135.00Current price is: ₹135.00.
Hindi Katha Sahitya Ka Itihas हिन्दी कहानी के एक शताब्दी के हलचल भरे, किन्तु अकादमिक दृष्टि से समृद्ध इतिहास का मूल्यांकन। हेतु भारद्वाज की यह कृति गुलेरी की ‘उसने कहा था’ से लेकर प्रेमचन्द, प्रसाद, जैनेन्द्र, और स्वातंत्र्योत्तर काल के कहानीकारों तक की विकास यात्रा को निर्लिप्त भाव से समझने का प्रयास करती है, हिन्दी कहानी के विभिन्न आंदोलनों और प्रवृत्तियों का मूल्यांकन करती है।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Hindi Natak: Udbhav Aur Vikas हिन्दी नाटक और रंगमंच के उद्भव, विकास और अद्भुत प्रयोगों का वस्तुनिष्ठ आकलन। यह कृति नाट्यशास्त्र के सिद्धांतों और भारत में नाटक की दैवी उत्पत्ति से लेकर आधुनिक प्रगति तक की विस्तृत यात्रा का विश्लेषण करती है और पाठकों के समक्ष नाटक और रंगमंच का समूचा परिदृश्य प्रस्तुत करती है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Sant Kavi Raidas : Jeevan Aur Srajan मध्यकालीन कवियों में एक महत्त्वपूर्ण नाम, संत कवि रैदास के जीवन और उच्च कोटि के सृजन का यह गहन अध्ययन। यह पुस्तक उनके उपलब्ध दोहों और पदों का पाठ-संपादन तथा भावार्थ के साथ प्रस्तुतिकरण करती है, जो दीन-हीन और शोषित वर्ग की पीड़ा और समरसता के आह्वान को तर्क-संगत और आधुनिक बोध के साथ प्रस्तुत करता है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Sahitya ke vividh rang aur sarokar भारतेन्दु के भाषा प्रेम और स्वदेशी आंदोलन से प्रेरित, यह कृति हिन्दी भाषा के स्वरूप, व्याकरण और लिपि पर हुए वाद-विवादों को दर्शाती है। डॉ. बीना शर्मा द्वारा लिखित यह पुस्तक हिन्दी को राष्ट्रभाषा का गौरव दिलाने और जनता में राष्ट्रीय चेतना जगाने के प्रयासों को रेखांकित करती है, जो भारतीय स्वाधीनता आंदोलन की एक बड़ी शक्ति थी।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
जीवन के हर क्षेत्र में बढ़ती हिन्दी की लोकप्रियता के साथ, संभाषण और लेखन में निपुणता आवश्यक है। तेजपाल चौधरी की यह पुस्तक सरल और स्पष्ट शैली में व्यावहारिक नियमों का विवेचन करती है, जो छात्रों, अध्यापकों और नवलेखकों सहित सभी महत्वाकांक्षी नवयुवकों के लिए अत्यंत उपयोगी है।