₹600.00Original price was: ₹600.00.₹480.00Current price is: ₹480.00.
वैदिककालीन अर्द्ध-नारीश्वर की अवधारणा से पोषित नारी की गौरवशालिनी परम्परा में घोषा, अपाला, सूर्या और मंत्रदृष्टा ऋषिकाएँ थीं। तो मध्यकाल में भारत के राजनीतिक पटल पर अहिल्याबाई, रज़िया सुल्तान या लक्ष्मीबाई जैसी जांबाज़ वीरांगनाएँ उदित हुईं। धार्मिक परिदृश्य पर भी लल्लेश्वरी, आण्डाल या मीरां जैसे हिमालयी व्यक्तित्व सम्पन्न साधिकाओं ने इस देश में नव- जागरण…
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
किसी भी सुदृढ़ साम्राज्य की सततता के लिए स्थायी, दृढ़ और जनकल्याण उत्प्रेरक नीतियों की स्थापना अनिवार्य प्रक्रिया है। दूरदर्शी अकबर ने मुगल साम्राज्य को जो राजनीतिक और सांस्कृतिक गौरव प्रदान किया था वह औरंगजेब और उसके उत्तराधिकारियों के युग में धराशायी हो गया। मुगलों में उत्तराधिकार की स्थायी और निश्चित परम्परा न होने से…
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.
14 सितम्बर, 1949 को संविधान सभा ने यह प्रस्ताव पारित किया कि भारतीय गणराज्य की राजभाषा, देवनागरी लिपि में लिखी हिन्दी होगी। इसके बाद इस सम्बन्ध में राष्ट्रपति ने 1952, 1955 तथा 1960 में तीन आदेश जारी किए तथा 1963 में राजभाषा अधिनियम पारित किया गया, जिसका संशोधन 1967 में हुआ तथा 1968 में एक…
₹140.00Original price was: ₹140.00.₹112.00Current price is: ₹112.00.
यह पुस्तक जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के सेमेस्टर 6 (हिन्दी) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹120.00Original price was: ₹120.00.₹96.00Current price is: ₹96.00.
यह पुस्तक जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के सेमेस्टर 6 (हिन्दी) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹120.00Original price was: ₹120.00.₹100.00Current price is: ₹100.00.
यह पुस्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर के सेमेस्टर 4 (हिन्दी) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
यह पुस्तक राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर तथा बृज विश्वविद्यालय, भरतपुर के सेमेस्टर 6 (हिन्दी) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹120.00Current price is: ₹120.00.
यह पुस्तक कोटा विश्वविद्यालय, कोटा के सेमेस्टर 6 (हिन्दी) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹120.00Current price is: ₹120.00.
यह पुस्तक काव्य के विभिन्न अंगों—रस, छन्द, अलंकार, रीति आदि—का सरल एवं व्यवस्थित विवेचन प्रस्तुत करती है। इसमें 84 छन्दों, 74 अलंकारों, 14 काव्य दोषों तथा हिन्दी-अंग्रेजी अलंकारिक शब्दों का उदाहरण सहित वर्णन किया गया है। काव्य-शास्त्र को समझने और उसका सही आस्वादन करने के लिए यह एक उपयोगी एवं समग्र कृति है, जो विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं एवं प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होती है।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹120.00Current price is: ₹120.00.
पाश्चात्य काव्यशास्त्र : परम्परा और सिद्धान्त पाश्चात्य साहित्यिक चिंतन की परम्परा और प्रमुख सिद्धान्तों का सरल एवं सुव्यवस्थित परिचय प्रस्तुत करती है। प्लेटो से लेकर आधुनिक आलोचकों तक के विचारों को ऐतिहासिक क्रम में समझाते हुए यह पुस्तक काव्य, कला और साहित्य की विभिन्न धाराओं को स्पष्ट करती है। विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए यह एक उपयोगी और विश्वसनीय मार्गदर्शिका है।
₹125.00Original price was: ₹125.00.₹100.00Current price is: ₹100.00.
अनुक्रम हिन्दी भाषा तथा हिन्दी का विकास हिन्दी की उपभाषाएँ तथा बोलियाँ हिन्दी की ध्वनियाँ और उनका विकास हिन्दी शब्द समूह तथा शब्द रचना हिन्दी में वाक्य रचना हिन्दी का अर्थ विज्ञान देवनागरी लिपि : स्वरूप तथा विकास राष्ट्रभाषा हिन्दी का मानकीकरण भारतीय संविधान और हिन्दी हिन्दी : अन्तर्राष्ट्रीय सन्दर्भ संचार माध्यम और हिन्दी
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विषय-सूची प्रथम खण्ड सैद्धान्तिक पक्ष 1. अनुसंधान (क) अनुसंधान का स्वरूप, (ख) अनुसंधान का प्रयोजन, (ग) अनुसंधान में तथ्यों का उपयोग, (घ) अनुसंधान तथा समालोचना। 2. अनुसंधान के प्रकार (क) शुद्ध साहित्यिक शोध, (ख) अन्तरविधावर्ती शोध, (क-i) साहित्यिक शोध, (क-ii) भाषावैज्ञानिक शोध, (क-iii) भाषा सर्वेक्षण की विधि, (क-iv) काव्य-शास्त्रीय शोध, (क-v) साहित्येतिहास सम्बन्धी शोध, (क-vi)…
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
रीतिकालीन मुक्त काव्य धारा के अग्रणी कवि घनानंद का रीतिकाल के कवियों में विशिष्ट स्थान है, क्योंकि घनानंद के काव्य में हृदय की कोमल भावनाओं और प्रेम की पीर की सहज और मार्मिक अभिव्यक्ति हुई है। उनके कवित्तों को पढ़कर लगता है कि घनानंद ने अपने हृदय की घनीभूत पीड़ा को अपने कवित्तों में उंडेल दिया है। कृष्ण भक्त कवि घनानंद मूलतः प्रेम के कवि हैं और प्रेम में भी विप्रलम्भ की हृदयस्पर्शी व्यंजनाओं के क्षेत्र में वे अप्रतिम हैं। मन की गहराई से निकली घनानंद की कविता में ब्रजभाषा का जो स्वाभाविक और परिष्कृत रूप प्रवाहित हुआ है, वह उन्हें काव्य के क्षेत्र में सबसे अलग पहचान देता है। घनानंद के कवि व्यक्तित्व का निर्माण करने वाले कवित्तों में गहरी वेदना, तीक्ष्ण उपालम्भ तथा प्रेम-विवशताजन्य असहायता के जैसे चित्र उकेरे गये हैं, वे अन्यत्र नहीं मिलते।
प्रस्तुत कृति में लेखक ने आचार्य विश्वनाथ मिश्र द्वारा सम्पादित ‘घनानंद कवित्त’ के प्रथम सौ कवित्तों का भाष्य तथा घनानंद की काव्यगत विशेषताओं का विस्तृत आकलन किया है। यह कृति घनानंद के पाठकों की घनानंद काव्य-विषयक जिज्ञासाओं का सम्यक् समाधान करेगी।
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₹250.00Original price was: ₹250.00.₹200.00Current price is: ₹200.00.
विषय-सूची वक्तव्य (प्रथम संस्करण) वक्तव्य (द्वितीय संस्करण) मलिक मुहम्मद जायसी पदमावत स्तुतिखंड सिंहलद्वीप वर्णन खंड जन्म खंड मानसरोदक खंड सुआ खंड रत्नसेन जन्म खंड बनिजारा खंड नागमती सुआ संवाद खंड राजा-सुआ संवाद खंड नखशिख खंड प्रेमखंड जोगी खंड राजा-गजपति-संवाद खंड बोहित खंड सात समुद्र खंड सिंघलदीप खंड मंडपगमन खंड पदमावती-वियोग-खंड पदमावती-सुआ-भेंट-खंड बसंत खंड राजा रत्नसेन…