₹80.00Original price was: ₹80.00.₹72.00Current price is: ₹72.00.
Lala Gokulchand Kr̥ta Begama Samru Ka Itihas लाला गोकुलचंद कृत बेगम समरू का इतिहास, ब्रिटिश लाइब्रेरी की फारसी पांडुलिपियों से लिया गया एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज है। महेंद्र नारायण शर्मा और राकेश कुमार शर्मा द्वारा प्रस्तुत यह कृति सरधना रियासत की सफल शासिका बेगम समरू के अनछुए प्रसंगों को उजागर करती है, और मुगल साम्राज्य के पतन तथा साम्राज्यवादी इतिहास-लेखन को समझने में सहायक है।
₹350.00Original price was: ₹350.00.₹315.00Current price is: ₹315.00.
Saltantakalin Itihaskar Evam Itihas-Lekhan भारतीय वाङ्मय में इस्लाम की सबसे बड़ी देन इतिहास-लेखन के रूप में है। डॉ. अशोक कुमार सिंह की यह कृति सल्तनतकालीन इतिहास लेखकों—हसन निजामी, मिनहाज सिराज, अमीर खुसरो, जियाउद्दीन बरनी—की कृतियों की विवेचना करती है। यह फारसी इतिहास-लेखन परंपरा के प्रभावों और इस काल के इतिहास-लेखन के गुण-दोषों पर प्रकाश डालती है।
₹350.00Original price was: ₹350.00.₹315.00Current price is: ₹315.00.
Rajasthan Ke Pramukh Shaktipeeth ‘राजस्थान के प्रमुख शक्तिपीठ’ नामक इस पुस्तक में तीस से अधिक प्राचीन देवी मंदिरों का इतिहास, लोकमान्यता, स्थापत्य, और कलात्मक महत्व को उजागर किया गया है। डॉ. राघवेन्द्र सिंह मनोहर द्वारा लिखित यह कृति शक्तिपूजा की प्राचीन परंपरा और लोक आस्था के केंद्रों का ऐतिहासिक साक्ष्यों के साथ सहज और रोचक ढंग से वृतांत प्रस्तुत करती है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Mughal kalin Bharat ke Pramukh Itihaskar मुगलकालीन भारत के प्रमुख इतिहासकारों द्वारा तत्कालीन सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और राजनीतिक स्थिति के विवरणों का संग्रह। डॉ. दिनेश मांडोत की यह कृति मुगल बादशाहों के व्यक्तिगत चरित्र, प्रशासनिक व्यवस्था, साम्राज्य विस्तार के युद्धों, और आर्थिक-सामाजिक सुधारों जैसी विविध पक्षों की महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करती है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹320.00Current price is: ₹320.00.
महाराष्ट्र के सुकरात कहे जाने वाले अद्भुत मेधा के धनी तथा बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी महादेव गोविन्द रानाडे का नाम भारतीय इतिहास में अपना विशिष्ट स्थान रखता है। वे गोपाल कृष्ण गोखले के गुरु थे एवं महात्मा गाँधी उनके कृतित्व से बहुत प्रभावित थे। महादेव गोविन्द रानाडे ने अपने समय में अपनी अहिंसात्मक और उदारवादी…
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
प्राचीन धर्मशास्त्रीय ग्रंथों (श्रुति, स्मृति एवं मध्यकालीन निबंध) पर आधारित यह पुस्तक प्राचीन भारतीय पारिवारिक एवं साम्पत्तिक विधि के ऐतिहासिक विकास का प्रामाणिक विश्लेषण करती है। इसमें संयुक्त परिवार प्रणाली, पुत्रों के उत्तराधिकार अधिकार और ‘स्त्रीधन’ के विधिक स्वरूप का गहन मूल्यांकन किया गया है, जो भारतीय विधि और इतिहास के शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
पंडित राजेन्द्र शंकर भट्ट द्वारा रचित ऐतिहासिक कृति ‘मेवाड़ के महाराणा और शाहंशाह अकबर’ स्वाधीनता, शौर्य और स्वाभिमान के अमर इतिहास का प्रामाणिक दस्तावेज़ है। मेवाड़ के तत्कालीन महाराणा श्रीमान भगवत सिंह मेवाड़ के प्राक्कथन से सुशोभित यह पुस्तक दर्शाती है कि मेवाड़ का संघर्ष किसी एक राजघराने का नहीं, बल्कि स्वधर्म और आज़ादी की रक्षा के लिए समूचे समाज के सामूहिक आत्मोत्सर्ग की गौरवगाथा है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹320.00Current price is: ₹320.00.
राजस्थान के आधुनिक इतिहासकारों में मुन्शी देवी प्रसाद का महत्त्वपूर्ण स्थान है। इतिहास के क्षेत्र में उसका एक अनन्य योगदान मध्यकालीन फ़ारसी के ऐतिहासिक ग्रन्थों का हिन्दी अनुवाद है। वर्तमान समय में उसके द्वारा अनुदित ग्रन्थों में खानखानानामा, जहाँगीरनामा, शाहजहाँनामा एवं औरंगज़ेबनामा ग्रन्थ उपलब्ध हैं। तब फ़ारसी से अनभिज्ञ गौरीशंकर हीराचन्द ओझा आदि इतिहासकारों ने…
₹750.00Original price was: ₹750.00.₹600.00Current price is: ₹600.00.
There has been a tradition of patronage of arts in Mewar, born and bred in Mewar and has descended from generation to generation. The seed-time goes almost to pre-historical times. Mewar, since ancient times has been a centre of high-quality paintings. The book ‘Changing Phases of Mewar Painting’ provides an analytical description of the paintings…
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
समकालीन प्रशासनतंत्र न केवल समाज की सर्वांगीण स्थिति को प्रभावित करता है अपितु अन्त में वह इसी का अंग बन जाता है। मुग़ल शासन प्रणाली मोटे रूप से मध्य एशियाई, तुर्की तथा ईरानी परम्पराओं पर आधारित थी परन्तु भारतीय व्यवस्था के सम्पर्क में आने के बाद यह सम्भव नहीं था कि ये उससे अछूती रह…
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
1858 के बाद के भारत का परिदृश्य पिछली शताब्दी से सर्वथा भिन्न था। इस युग का केन्द्रीय विषय भारतीय बौद्धिक मन पर पाश्चात्य प्रभाव है। 1857 के पूर्व ही भारत में एक राष्ट्रीय चेतना का जन्म हो चुका था जो एक लम्बी प्रक्रिया का परिणाम थी। अंग्रेजी शिक्षा के माध्यम से भारतीय विचारों में जो…
₹800.00Original price was: ₹800.00.₹599.00Current price is: ₹599.00.
मध्यकालीन भारत के इतिहास में लोदी एवं सूर वंश के नेतृत्व में अफगान शासकों ने लगभग एक शताब्दी तक उत्तर भारत पर शासन किया। भारतीय इतिहास की इस महत्त्वपूर्ण अवधि को समझने के लिए समकालीन अफगान इतिहासकारों के लेखन का विशेष महत्व है। यद्यपि इन दोनों अफगान राजवंशों का कोई पूर्ण एवं निर्विवाद समकालीन इतिहास-ग्रन्थ उपलब्ध नहीं है, फिर भी विभिन्न अफगान इतिहासकारों द्वारा लिखित ग्रन्थ इस काल के राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास के अध्ययन के प्रमुख स्रोत हैं।
इस पुस्तक में हसन अली, शेख रिज्कुल्लाह मुश्ताकी, अब्बास खाँ सरवानी, मुहम्मद कबीर, अहमद यादगार, अब्दुल्ला तथा ख्वाजा नियामतुल्ला जैसे प्रमुख अफगान इतिहासकारों के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं इतिहास-लेखन का विस्तृत एवं आलोचनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, मुगल इतिहासकार निजामुद्दीन अहमद, अब्दुल कादिर बदायूँनी तथा अबुल फ़ज़ल द्वारा अफगानों के संबंध में व्यक्त विचारों की संक्षिप्त समीक्षा भी सम्मिलित की गई है।
मध्यकालीन भारतीय इतिहास, इतिहास-लेखन (Historiography) तथा ऐतिहासिक स्रोतों के अध्ययन में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों एवं इतिहास के अध्येताओं के लिए यह पुस्तक एक उपयोगी एवं प्रामाणिक संदर्भ ग्रन्थ है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹320.00Current price is: ₹320.00.
It is a facinating, meticulously documented study of the peasant vis-a-vis the state of Hadouti of eighteenth century, primarily based on archival records preserved at Rajasthan state Archives, Bikaner and its district repositories stationed at Kota and Bundi. The author unveils, for the first time, the growth of agrarian economy in this part of Rajputana…
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹320.00Current price is: ₹320.00.
श्री राजेन्द्र शंकर भट्ट राजस्थान के वरिष्ठतम पर्यवेक्षक (आब्जर्वर) हैं। उन्होंने राजस्थान, विशेषकर बदलते-विकसित होते हुए राजस्थान पर बहुत लिखा है। ‘लोकतन्त्रात्मक राजस्थान का अवलोकन’ इसी श्रृंखला की एक कड़ी है। यह पुस्तक, प्रभाव की दृष्टि से मात्र विवरण, रपट या रिपोर्ताज नहीं है, मात्र यात्रावृत्त नहीं है, मात्र देखे हुए की ठंडी प्रस्तुति नहीं…
₹120.00Original price was: ₹120.00.₹99.00Current price is: ₹99.00.
राजस्थान का लोकतीर्थ, पर्यटन एवं पुरातात्विक स्थल राजस्थान के प्रमुख तीर्थों, पर्यटन स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों का समग्र परिचय प्रस्तुत करने वाली उपयोगी पुस्तक है। इसमें विभिन्न स्थलों का वर्णन चित्रों सहित सरल और व्यवस्थित रूप में दिया गया है, जिससे पाठकों को विषय को समझने और याद रखने में आसानी होती है। अद्यतन जानकारी के साथ यह पुस्तक विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों और सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से लाभदायक है।