₹200.00Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.
गोदान मुंशी प्रेमचंद का सर्वश्रेष्ठ यथार्थवादी उपन्यास है। इसमें भारतीय किसान जीवन, गरीबी, शोषण और सामाजिक अन्याय का मार्मिक चित्रण किया गया है। यह उपन्यास किसान होरी और उसकी पत्नी धनिया के संघर्ष के माध्यम से ग्रामीण भारत की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करता है।
₹125.00Original price was: ₹125.00.₹100.00Current price is: ₹100.00.
प्रस्तुत नाट्यकृति में नौ एकांकियों को सम्मिलित किया गया है। इस संग्रह में छह प्रहसन हैं, जो हमें तनाव और ऊब भरे जीवन से निकालकर मनोरंजन की दुनिया में ले जाते हैं और वहाँ कभी मुसकराने और कभी अट्टहास करने के लिए हमें प्रेरित करते हैं। इन प्रहसनों में विभिन्न सामाजिक विसंगतियों पर तीखा प्रहार…
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
अंदाजे बयां और पवन कुमार ‘पावन’ की एक अनोखी कृति है, जिसमें विभिन्न शायरों के चुनिंदा शेरों को गद्य, व्यंग्य और दर्शन के साथ पिरोकर एक नया रूप दिया गया है। यह पुस्तक शायरी को केवल पढ़ने का नहीं, बल्कि उसे एक नए नजरिये से समझने और महसूस करने का अवसर देती है। जीवन, इश्क, दर्द और समाज के विविध रंगों को यह किताब रोचक और व्यंग्यात्मक शैली में प्रस्तुत करती है।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹120.00Current price is: ₹120.00.
स्वातंत्र्योत्तर भारत की राजनीति पर आधारित यह उपन्यास वर्णनात्मक यथार्थ में भावनात्मक सत्य तलाशने का एक प्रयास है। पूर्व गृह सचिव वोहरा की एक रिपोर्ट के अनुसार देश में माफिया एक समानान्तर सरकार चला रहा है। भारतीय राज व्यवस्था की केन्द्रीय समस्या एक प्रभावशाली, जनतांत्रिक, पारदर्शी, संवेदनशील एवं उत्तरदायी राज्य का अवसान है। कानून निर्माताओं…
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹320.00Current price is: ₹320.00.
राणा सांगा के नाम से प्रसिद्ध औ। अपने शौर्य और पराक्रम के कारण मिथक बन गये महाराणा संग्राम सिंह भारतीय इतिहास में एक कीर्तिपुरुष के रूप में ख्यात हैं। महाराणा संग्रामसिंह ने अपने अदम्य ‘साहस और दुर्दमनीय पराक्रम से मेवाड़ के बप्पारावल की वंश परम्परा को अक्षुण्ण रखा। उनकी जीवट और जिजीविषा का ही परिणाम…
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
यह व्यंग्य संग्रह जीवन की छोटी-बड़ी सच्चाइयों को जीवंत रूप में सामने लाता है। भाषा के नए तेवर के साथ व्यंग्यकार असंगत मूल्यों को उद्घाटित करता है। रोचकता इन व्यंग्य रचनाओं का प्राण हैं। विसंगतियों और विद्रूपताओं की चिंदी-चिंदी कर रचनाकार जवाबदेह सवाल खड़े करता है और वास्तविकता से रू-ब-रू कराता है। इनमें व्यंग्य की…
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
मेरे प्रिय लेखक हिन्दी व्यंग्य में दो तरह के लोग व्यंग्य लिख रहे हैं-एक वे, जिन्हें व्यंग्य की व्याकरण तथा सौन्दर्यशास्त्र की समझ है और दूसरे वे, जिन्हें इस चीज की कोई समझ नहीं। इसी दूसरे वर्ग में आप एक उपवर्ग उन लोगों का भी कर सकते हैं, जिन्हें खुद तो समझ है नहीं पर…
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.
संवेदनहीनता से जड़ होती जिन्दगी की असंगत धारणाओं को कहानियों में पिरोने का एक सफल प्रयास है यह संकलन। सभी कहानियाँ देश की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में स्थान पा चुकी हैं। भाषा में प्रवाह होने से पठनीयता का दायरा बढ़ा है। लेखिका का अनुभव क्षेत्र बड़ा होने से कहानियों का कथ्य भी नयेपन के साथ आया…
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.
दैनिक जीवन की आवश्यक जानकारियों तथा समस्याओं को सरल, सुबोध एवं रोचक कहानियों के रूप में प्रस्तुत किया है डॉ. ममता गौतम ने। ये बालोपयोगी कहानियाँ बालकों के जीवन को समृद्ध बनाने तथा उन्हें सुसंस्कारित करने में सहायक हैं। इनमें कुछ कहानियाँ प्रौढ़ोपयोगी तथा नवसाक्षरों के लिए उपयोगी भी हैं। ये कहानियाँ वास्तव में जीवन…
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹200.00Current price is: ₹200.00.
बाअदब बेमुलाहजा’ की व्यंग्य रचनाएँ शिष्टतापूर्ण हैं सो बाअदब, बेलौस हैं सो बेमुलाहजा। सच कहें तो इस शीर्षक में व्यंग्य का स्वरूप ही विद्यमान है। यहाँ व्यग्य किसी को नहीं बख्शता, साथ ही यों ही खींचतानकर भी वह उपस्थित होता। रचनाओं में व्यापक वर्तमान युग परिलक्षित है, तथापि फिंक जाने वाला सामयिक व्यंग्य यहाँ नहीं…
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹200.00Current price is: ₹200.00.
विश्वकवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर को विश्व में जो ख्याति मिली, वह प्रत्येक भारतवासी के लिए गौरव की बात है। रवीन्द्रनाथ ठाकुर अप्रतिम मेधा और प्रतिभा के धनी थे तथा उनका कृतित्व एक पूरे युग का प्रतिनिधित्व करता है। संगीत, कला, साहित्य, दर्शन, शिक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में उनकी प्रतिभा के तेजस् आलोक ने पूरी मानवता को…
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹279.00Current price is: ₹279.00.
जब आपका शहर “स्मार्ट” हो जाता है… लेकिन आपकी ज़िंदगी नहीं बदलती तो क्या होता है?
जयपुर ताबीज़ एक संघर्षरत युवा की उलझनों, पीड़ा और हास्य को सजीव रूप में प्रस्तुत करता है, जो सपनों और हकीकत के बीच फँसा हुआ है। यह आज की तेज़ी से बदलती दुनिया में खुद को रुका हुआ महसूस करने वाले हर व्यक्ति की बेहद जुड़ी हुई कहानी है।
अगर यह कहानी आपकी लगी… तो इसे पढ़े बिना रह पाना मुश्किल होगा।
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₹175.00Original price was: ₹175.00.₹140.00Current price is: ₹140.00.
“जंगल में दंगल” उपन्यास अपने पर्यावरण के विभिन्न घटकों को जानने एवं समझने की दृष्टि से रोचक शैली में लिखा गया है।
छोटी आयु वर्ग के बच्चों के मनोविज्ञान को ध्यान में रखकर इस उपन्यास की रचना की गयी है।
जंगल में छोटे-बड़े का भेदभाव दूर करते हुए सामूहिक आनन्दोत्सव में सहभागी बनते पात्रों से जीवंत दृश्यों की उपस्थिति इस कथा की खूबी है।
जंगली जीव-जन्तु केवल डर के प्रतीक नहीं होते, बल्कि वे हमारे दोस्त भी होते हैं। उनके सुख- दुख में शामिल होना हमारा मानवीय कर्त्तव्य भी है। उपन्यास से इस बात की पुष्टि होती है।
यह उपन्यास प्रेम, सद्भाव, सहयोग एवं सामाजिकता के परस्पर सम्बन्धों को उजागर करता है तथा बच्चों में साहस, शौर्य और शक्ति का समावेश करता है।
जंगली पात्रों पर आधारित यह कथा बच्चों के लिए रुचिकर है। इसे पढ़ना प्रकृति से जुड़ने के लिए जरूरी है।