₹140.00Original price was: ₹140.00.₹112.00Current price is: ₹112.00.
यह पुस्तक महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के सेमेस्टर 4 (हिन्दी) Skill Paper के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
यह पुस्तक महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के सेमेस्टर 4 (हिन्दी) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
यह पुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार की गई है, जिससे विद्यार्थियों को विषय की स्पष्ट, व्यवस्थित एवं परीक्षा-उपयोगी समझ प्राप्त हो सके।
₹140.00Original price was: ₹140.00.₹112.00Current price is: ₹112.00.
यह पुस्तक जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के सेमेस्टर 3 (हिन्दी) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹120.00Original price was: ₹120.00.₹96.00Current price is: ₹96.00.
यह पुस्तक जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के सेमेस्टर 2 (हिन्दी) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Adhunik Hindi Kavita Ke Vaicharik Evam Shilpagat Ayam आधुनिक हिंदी कविता के वैचारिक और शिल्पगत आयामों का विश्लेषण करती यह कृति, डॉ. अनुराधा गर्ग द्वारा प्रस्तुत है। भारतेन्दु युग से लेकर आज तक की कविता पर सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों के प्रभावों का गहन अध्ययन, जिसमें डार्विन, मार्क्स, सार्न जैसे विचारकों की मान्यताओं और मिथक, फैंटेसी, बिम्ब, प्रतीक जैसे शैल्पिक उपादानों के उपयोग का विवेचन किया गया है।
Hindi Katha Sahitya Ka Itihas हिन्दी कहानी के एक शताब्दी के हलचल भरे, किन्तु अकादमिक दृष्टि से समृद्ध इतिहास का मूल्यांकन। हेतु भारद्वाज की यह कृति गुलेरी की ‘उसने कहा था’ से लेकर प्रेमचन्द, प्रसाद, जैनेन्द्र, और स्वातंत्र्योत्तर काल के कहानीकारों तक की विकास यात्रा को निर्लिप्त भाव से समझने का प्रयास करती है, हिन्दी कहानी के विभिन्न आंदोलनों और प्रवृत्तियों का मूल्यांकन करती है।
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₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
जीवन के हर क्षेत्र में बढ़ती हिन्दी की लोकप्रियता के साथ, संभाषण और लेखन में निपुणता आवश्यक है। तेजपाल चौधरी की यह पुस्तक सरल और स्पष्ट शैली में व्यावहारिक नियमों का विवेचन करती है, जो छात्रों, अध्यापकों और नवलेखकों सहित सभी महत्वाकांक्षी नवयुवकों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹320.00Current price is: ₹320.00.
डॉ. हेमेंद्र कुमार पानेरी द्वारा रचित समालोचनात्मक कृति ‘डॉ. आलमशाह खान का कथा साहित्य एवं समकालीन सामाजिक यथार्थ’ हिन्दी के प्रतिष्ठित कथाकार डॉ. आलमशाह खान के सम्पूर्ण कृतित्व का गहन व वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक शोषक और शोषित के बीच की खाई को पाटने वाली उनकी कहानियों, आंचलिक प्रभाव से युक्त अनूठी अभिव्यक्ति-शैली, तथा उपेक्षित, प्रताड़ित व दलित वर्ग के यथार्थवादी शब्दचित्रों का प्रामाणिक विवेचन करती है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
21वीं सदी हिन्दी साहित्य की दुनिया में अनेक विमर्शों पर लगातार चिंतन और मनन हो रहा है। अनेक कहानियों, उपन्यासों कविताओं में जो जीवन के व्यापक अनुभवों को साहित्य में निरंतर अभिव्यक्ति दे रहे हैं इससे साहित्य में अनेक विमर्शों की शुरुआत हुई। वर्तमान में प्रमुख विमर्श हैं स्त्री विमर्श, दलित विमर्श, आदिवासी विमर्श, थर्ड…
₹180.00Original price was: ₹180.00.₹144.00Current price is: ₹144.00.
प्रवासी हिन्दी साहित्य : रचना-प्रक्रिया एवं समीक्षा वैश्विक स्तर पर फैले भारतीय समुदाय के जीवन-अनुभवों, सांस्कृतिक चेतना, संघर्ष और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक प्रामाणिक एवं शोधपरक दस्तावेज़ है। यह पुस्तक गिरमिटिया काल से लेकर आधुनिक युग तक के प्रवासी भारतीयों के विस्थापन, पहचान के संकट, द्वंद्व और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की जिजीविषा को…
₹70.00Original price was: ₹70.00.₹60.00Current price is: ₹60.00.
निबंध साहित्य — Hemchandracharya North Gujarat University, Patan (HNGU) के B.A. Semester-V (Hindi) के 2025–26 से प्रभावी नवीन पाठ्यक्रम के अनुसार प्रकाशित पाठ्यपुस्तक।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹120.00Current price is: ₹120.00.
गद्य को कवियों (रचनाकार) की कसौटी कहा जाता है और निबन्ध को गद्य की कसौटी। यद्यपि परीक्षा में परीक्षार्थी निबन्ध न लिखकर लेख लिखता है, परन्तु कहा इसे निबन्ध ही जाता है। आज किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए हिन्दी भाषा एवं साहित्य का ज्ञान आवश्यक होता जा रहा है। इसमें निबन्ध की भूमिका…
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₹300.00Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
मोहन राकेश अपने पात्रों के माध्यम से जिन्दगी के यथार्थ की बेतरतीब तसवीर प्रस्तुत करते हैं। उनके पात्र, चाहे मिथकीय हों या आधुनिक, अपनी अर्थवत्ता में पूर्णतः समकालीन हैं। जीवन की त्रासदियों, अस्तित्व संकट तथा मूल्य-संक्रमण की स्थितियों से गुजरते हुए ये पात्र अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं के नीचे दबे बिखर-बिखर जाते हैं। तथापि उनकी संवेदनशीलता…
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
शम्भुनाथ ने मिश्रबन्धु के आलोचक व्यक्त्तित्व का पुनर्मूल्यांकन बड़ी निष्ठा, तत्परता और सहानुभूतिपूर्वक किया है। उन्होंने मिश्रबन्धु की इतिहासदृष्टि पर भी नए सिरे से विचार करते हुए परवर्ती इतिहासग्रन्थों पर उसके प्रभाव को भी रेखांकित किया है और इतिहासलेखक आलोचक मिश्रबन्धु की छवि को नयी दीप्ति देने की कोशिश की है। शम्भुनाथ ने निश्चय ही…
₹800.00Original price was: ₹800.00.₹640.00Current price is: ₹640.00.
प्रयोजनमूलक हिन्दी का प्रयोग क्षेत्र सामान्यतः राजकाज की हिन्दी भाषा तक ही सीमित मान लिया जाता है, पर वास्तविकता यह है कि वह प्रारूपण एवं टिप्पण लेखन की कार्यालयी भाषा मात्र नहीं है, वह अपने व्यापक अर्थ में कार्यालयेतर विषयों तक अपनी पहुँच बनाती है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने इसे समझा और व्यापक रूप से…
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹480.00Current price is: ₹480.00.
वैदिककालीन अर्द्ध-नारीश्वर की अवधारणा से पोषित नारी की गौरवशालिनी परम्परा में घोषा, अपाला, सूर्या और मंत्रदृष्टा ऋषिकाएँ थीं। तो मध्यकाल में भारत के राजनीतिक पटल पर अहिल्याबाई, रज़िया सुल्तान या लक्ष्मीबाई जैसी जांबाज़ वीरांगनाएँ उदित हुईं। धार्मिक परिदृश्य पर भी लल्लेश्वरी, आण्डाल या मीरां जैसे हिमालयी व्यक्तित्व सम्पन्न साधिकाओं ने इस देश में नव- जागरण…