Literary Criticism

  • Sale! Hindi Vyangya : Badlte Pratiman

    Hindi Vyangya : Badlte Pratiman

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    हिंदी व्यंग्य की लंबी यात्रा, उसके विभिन्न रूप-आकारों और बदलते प्रतिमानों का गहन विश्लेषण। यह पुस्तक हास्य-व्यंग्य की भिन्नता, व्यंग्यकार की प्रतिबद्धता और व्यंग्य की शाश्वतता जैसे प्रश्नों की छानबीन करती है, जो व्यंग्यकारों और समीक्षकों के लिए उपयोगी है।

  • Sale! Hindi Upanyason mein moolyabhodh

    Hindi Upanyason mein moolyabhodh

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    हिंदी उपन्यासों में मूल्यबोध की प्रक्रिया और उसके अंतरंग विश्लेषण। यह पुस्तक उपन्यास की रचना-प्रक्रिया, जीवन मूल्यों के उद्घाटन और स्थापन को गहराई से समझाती है, जो पाठक को मानव जीवन की भावनात्मकता और दिशा का अहसास कराती है।

  • Sale! Hindi Lalit Nibhand ki Pehachan : Kubernath Roy

    Hindi Lalit Nibhand ki Pehachan : Kubernath Roy

    Original price was: ₹700.00.Current price is: ₹630.00.

    कुबेरनाथ राय के ललित निबंधों की विशिष्ट पहचान और उनके प्रकांड वैदुष्य का गहन विश्लेषण। यह पुस्तक संस्कृति-बोध, लोक-जीवन और विभिन्न भाषाओं के ज्ञान के अद्भुत संगम को उजागर करती है, जो उन्हें हिंदी के महान ललित निबंधकार बनाते हैं।

  • Sale! Vyangya Vidhya ke Vikas me Dr. Ajay Anuragi ka yogdan

    Vyangya Vidhya ke Vikas me Dr. Ajay Anuragi ka yogdan

    Original price was: ₹550.00.Current price is: ₹495.00.

    Vyangya Vidhya ke Vikas me Dr. Ajay Anuragi ka yogdan ‘व्यंग्य विधा के विकास में डॉ. अजय अनुरागी का योगदान’ विषय पर केंद्रित यह पुस्तक, डॉ. मंजू द्वारा लिखित, समकालीन व्यंग्य साहित्य में डॉ. अजय अनुरागी के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर को दर्शाती है। यह कृति उनके व्यापक व्यंग्य दृष्टि, लेखन के साथ-साथ विश्लेषण एवं मूल्यांकन की क्षमता, और व्यंग्य आलोचना में उनके योगदान को उभारकर व्यंग्य विधा के विकास में उनकी भूमिका को रेखांकित करती है।

  • Sale! Kavitabhar ek Umra

    Kavitabhar ek Umra

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Kavitabhar ek Umra कविता आदमी का आदिम राग है, अभिव्यक्ति की सबसे महत्वपूर्ण और सूक्ष्म विधा है। हेतु भारद्वाज की यह पुस्तक कविता के अनुशासन, रचनाकार के श्रम, और उसके स्थापत्य पर गहन विचार प्रस्तुत करती है। यह कृति बताती है कि कविता किसी जीवन-स्थिति में पाठक को रागात्मक रूप से भागीदार बनाकर उसे किसी जीवन-मूल्य से जोड़ती है, और संवेदना उसका मूल तथा जीवन-मूल्य उसका नतीजा होना चाहिए।

  • Sale! Sathottari Hindi Kahani Sahitya mein Chitrit Gramin Samasyein

    Sathottari Hindi Kahani Sahitya mein Chitrit Gramin Samasyein

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Sathottari Hindi Kahani Sahitya mein Chitrit Gramin Samasyein भारत एक कृषि प्रधान देश है और इसकी सामाजिक संरचना ग्रामीण जीवन पर टिकी है। डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद की यह आलोचना कृति साठोत्तरी हिन्दी कहानी साहित्य में चित्रित ग्रामीण समस्याओं का समाजशास्त्रीय, नृशास्त्रीय, राजनीतिक और साहित्यिक दृष्टि से मूल्यांकन करती है। यह रेणु, मार्कण्डेय, शेखर जोशी जैसे कहानीकारों द्वारा चित्रित बदलते ग्रामीण जीवन का जीवंत दस्तावेज है।

  • Sale! Bhishm Sahani ka Katha Sahitya

    Bhishm Sahani ka Katha Sahitya

    Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

    Bhishm Sahani ka Katha Sahitya प्रेमचन्द की परंपरा को समग्रता में आगे बढ़ाने वाले कथाकारों में भीष्म साहनी का नाम अग्रणी है। डॉ. चंद्रप्रकाश महर्षि की यह कृति भीष्म साहनी के कथा-साहित्य का गहनता से अवगाहन करती है, जो उनके लेखन की सहजता, सरलता और रचनात्मक बहुआयामीपन को उजागर करती है। यह पुस्तक भीष्म साहनी की रचना-प्रक्रिया के अंतःसूत्रों को विश्लेषित करती है और हमारे समय व समाज को समझने में सहायक है।

  • Sale! Madhyayugin Aur Arvachin Hindi Sahitya: Ek Vimarsh

    Madhyayugin Aur Arvachin Hindi Sahitya: Ek Vimarsh

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Madhyayugin Aur Arvachin Hindi Sahitya: Ek Vimarsh साहित्य के विशाल और गहन समुद्र में ज्योति और मोती खोजने का काम आलोचक करता है। डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद की यह कृति उनकी गहरी पारखी-दृष्टि, संवेदनशीलता और शास्त्रज्ञान की गरिमा का परिचय देती है। यह कबीर के काव्य के दार्शनिक पक्ष, बच्चन के काव्य में मस्ती, और समकालीन युवा आक्रोश की अनुगूँजों सहित साहित्य के विस्तृत फलक का वैविध्यपूर्ण मानचित्र प्रस्तुत करती है।

  • Sale! Aadhunik Hindi Upanyas aur Stri Vimarsh

    Aadhunik Hindi Upanyas aur Stri Vimarsh

    Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

    Aadhunik Hindi Upanyas aur Stri Vimarsh बीसवीं सदी के अंतिम दशकों में उभरे स्त्री विमर्श ने साहित्य के परिदृश्य को बदला। सुभाषचंद्र घायल की ‘आधुनिक हिन्दी उपन्यास और स्त्री विमर्श’ कृति इस विमर्श के विविध आयामों, स्त्री अस्मिता, पारिवारिक व सामाजिक हैसियत, शोषण और अधिकारों की प्रासंगिकता का वस्तुपरक विश्लेषण करती है। यह पुस्तक हिन्दी उपन्यासों द्वारा स्त्री विमर्श को दिए गए विस्तार और स्त्री की स्थिति को प्रदान की गई महत्ता को गंभीरता से विचार करती है।

  • Sale! Kamleshwar ke Katha Sahitya mein madhyavarg

    Kamleshwar ke Katha Sahitya mein madhyavarg

    Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

    Kamleshwar ke Katha Sahitya mein madhyavarg कमलेश्वर, स्वातंत्र्योत्तर काल के संवेदनशील रचनाकार, ने नई कहानी आंदोलन के प्रणेता के रूप में अभूतपूर्व कार्य किया। डॉ. विमलेश शर्मा की यह कृति कमलेश्वर के समस्त कथा-साहित्य का मध्यवर्गीय जीवन के केंद्र में रखकर विश्लेषण करती है, जिसमें भारतीय मध्यवर्ग के संघर्षों, विद्रूपों और बदलते वक्त की विडम्बनाओं का सजीव चित्रण मिलता है।

  • Sale! Hindi Kavyashastra

    Hindi Kavyashastra

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Hindi Kavyashastra कविता के स्थापत्य के विविध रूपों को समझने के लिए, ‘हिन्दी काव्यशास्त्र’ एक अनिवार्य मार्गदर्शिका है। रामदेव साहू की यह कृति रस, छंद, अलंकार, काव्य-दोष, काव्यगुण, काव्य रीति, और शब्द शक्ति जैसे काव्य अवयवों का सरल भाषा में विवेचन करती है, जो साहित्य के विद्यार्थियों और सामान्य पाठकों को काव्यास्वादन करने में मदद करती है।

  • Sale! Adhunik Hindi Kavita Ke Vaicharik Evam Shilpagat Ayam

    Adhunik Hindi Kavita Ke Vaicharik Evam Shilpagat Ayam

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Adhunik Hindi Kavita Ke Vaicharik Evam Shilpagat Ayam आधुनिक हिंदी कविता के वैचारिक और शिल्पगत आयामों का विश्लेषण करती यह कृति, डॉ. अनुराधा गर्ग द्वारा प्रस्तुत है। भारतेन्दु युग से लेकर आज तक की कविता पर सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों के प्रभावों का गहन अध्ययन, जिसमें डार्विन, मार्क्स, सार्न जैसे विचारकों की मान्यताओं और मिथक, फैंटेसी, बिम्ब, प्रतीक जैसे शैल्पिक उपादानों के उपयोग का विवेचन किया गया है।

Need help?