Vishva ke Taaje Pani ke Adbuth Jeev
विश्व के ताजे पानी के अदभुत जीव
Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
You Save 10%
Vishva ke Taaje Pani ke Adbuth Jeev जलचरों का जीवन बड़ा रोचक और विलक्षण होता है। डॉ. परशुराम शुक्ल की यह पुस्तक विश्व के ताजे पानी में पाए जाने वाले 25 अद्भुत जलचरों—अमेजन कछुआ, ओल्म, कैमान, वृक्ष मेंढक—का परिचय देती है। यह बताती है कि कैसे ये जीव हानिकारक कीड़े-मकोड़ों को खाकर मानव की रक्षा करते हैं और जल प्रदूषण रोकते हैं, जिससे जलचरों की सुरक्षा और पर्यावरण की स्वच्छता बनी रहे।
In stock
जलचरों का जीवन बड़ा रोचक और विलक्षण होता है। मगर और कछुओं के समान कुछ जीव धूप सेकने अथवा प्रजनन हेतु जमीन पर आते हैं। किन्तु ये खतरा निकट होने पर तेजी से भागते हैं और पानी में पहुँच जाते हैं। इस प्रकार का व्यवहार अधिकांश जलचर करते हैं। किन्तु समुद्री इग्वाना नामक दैत्याकार समुद्री छिपकली जमीन पर खतरा निकट होने पर सागर की ओर नहीं भागती, बल्कि खतरे से दूर जाने के लिए जमीन पर ही भागती है।
वृक्ष मेंढक जलचर पानी से निकलकर, अपने जीवन का बहुत बड़ा भाग वृक्षों पर व्यतीत करते हैं। कुछ जलचर भोजन की तलाश में अपने निवास से काफी दूर जंगल में पहुँच जाते हैं तथा भोजन प्राप्त करने के तुरन्त बाद पुनः पानी में आ जाते हैं। कैमान एक ऐसा ही जलचर है।
‘विश्व के ताजे पानी के अद्भुत जीव’ नामक इस पुस्तक में देश-विदेश की नदियों, झीलों, तालाबों, कुण्डों आदि में पाये जाने वाले 25 जलचरों का परिचय दिया गया है। ये हैं-अमेजन कछुआ, ओल्म, कुदालपद टोड, कैमान, कोमल कवचधारी कछुआ, गार्टर सर्प, ग्रेलिंग, जलग्राही मेंढक, जलाशयी घोंघा, जोंक, ताजे पानी की एगमा, दलदल की ईल, नीऊट, पपुआ कछुआ, परी झींगा, फेफड़ाविहीन सरटक, मगर, मत्स्य जूँ, माँदवासी टोड, मीठे पानी की झींगा मछली, यूरोप का सामान्य मेंढक, राजआक्रामक कछुआ, विशाल शीश कच्छप, वृक्ष मेंढक और सूरीनाम टोड।
धरती के सभी जलचर मानव के हितैषी हैं। ये हानिकारक कीड़े-मकोड़ों को खाकर मानव की रक्षा करते हैं तथा मृत जीवों का सड़ा-गला मांस खाकर जल प्रदूषण रोकते हैं। मानव जिस दिन इनके महत्त्व को समझ लेगा, इन्हें मारना बन्द कर देगा। इससे जलचरों की सुरक्षा होगी और हमारा पर्यावरण भी स्वच्छ बना रहेगा। ‘विश्व के ताजे पानी के अद्भुत जीव’ कृति इसी उद्देश्य को पूरा करती है।
| Weight | 285 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1.5 cm |
| Genre | |
| Textbook Genre |
















Jeev-Jantuon ka Adbhut Sansar
Kamleshwar ke Katha Sahitya mein madhyavarg
Arthik Bhugol
Paryavaran Adhayan
Hindi Lalit Nibhand ki Pehachan : Kubernath Roy
Udbhav Shatak
Samajvad Ka Hamshakal
Gadhya Sahitya
Vishva ka Pradeshik Bhugol
Sardar Vallabhbhai Patel: Jeevan Aur Vichar
NECTAR : Renaissance to Commonwealth (1550-1660) (OLD SYLLABUS)
Reviews
There are no reviews yet.