Sardar Vallabhbhai Patel: Jeevan Aur Vichar
सरदार वल्लभभाई पटेल : जीवन और विचार
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Sardar VallabHardcoverhai Patel: Jeevan Aur Vichar स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख संगठनकर्ता और नवीन भारत के निर्माता सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व, राजनीतिक संघर्षों और उपलब्धियों का सजीव चित्रण। प्रो. एस. एम. चाँद और डॉ. इकबाल फ़ातिमा की यह पुस्तक देश-विभाजन, सांप्रदायिक समस्या, और नेहरू के साथ उनके संबंधों का विस्तृत विश्लेषण करती है, जो उनके त्यागपूर्ण जीवन और विचारों को उजागर करती है।
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प्रस्तुत पुस्तक में सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व, राजनीतिक संघर्षों, विचारों तथा उपलब्धियों का सजीव प्रामाणिक चित्रण किया गया है। सरदार वल्लभभाई पटेल स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख संगठनकर्ता ही नहीं वरन् देश की आजादी के बाद नवीन भारत के निर्माता भी थे।
राष्ट्रीय आन्दोलन के लम्बे इतिहास में ऐसे तीन महान् पुरुष जन्मे महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरू एवं सरदार वल्लभभाई पटेल, जिन्होंने तन, मन, धन से देश की स्वतंत्रता व उसके पुनर्निर्माण हेतु कार्य किया। देश-विभाजन, साम्प्रदायिक समस्या, भारत-पाक सम्बन्ध, आर्थिक नीति, समाजवाद आदि के विषय में सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों एवं कार्यों का इस पुस्तक में विशद, प्रमाणिक विश्लेषण प्रस्तुत किया है।
देश की आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल के कांग्रेस के तीन दिग्गजों महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरू और मौलाना आजाद से जिन मुद्दों पर गंभीर मतभेद उत्पन्न हुए और उसके जो परिणाम सामने आए उनका विस्तृत उल्लेख किया गया है। प्रधानमंत्री नेहरू और गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के मध्य कैसे सम्बन्ध रहे तथा 1947 से 1950 के काल में इस द्विमूर्ति शासन का क्या स्वरूप रहा, सरदार वल्लभभाई पटेल ने गाँधीजी को दिए वचन को जीवनपर्यंत कैसे निभाया, उसके प्रामाणिक वर्णन से स्पष्ट हो जाता है कि उनमें मतभेद भले ही रहा हो, परन्तु मनभेद नहीं था। अपने समय के तीन दिग्गजों के परस्पर सम्बन्धों और विचारों की झलक देती महत्त्वपूर्ण पुस्तक पढ़िए।
| Weight | 370 g |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14.5 × 1.5 cm |
| Genre |






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