Anmol Prerak Prasang
अनमोल प्रेरक प्रसंग (बोध कथा एवं प्रेरक प्रसंग संग्रह)
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Anmol Prerak Prasang भारतीय वाङ्मय की समृद्ध बोध कथा परंपरा में ‘अनमोल प्रेरक प्रसंग’ एक अनुपम कृति है। यह संग्रह मनोरंजन के साथ-साथ जीवन जीने की कला का उपदेश भी देता है। प्रेरणा, तत्वबोध, और मानवीय गुणों के उन्नयन पर केंद्रित ये कथाएँ पाठक के मानस को उद्वेलित कर जीवन की राह दिखाती हैं।
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भारतीय वाङ्मय में बोध कथाओं की लम्बी और प्राचीन परम्परा रही है। ‘पंचतंत्र’, ‘हितोपदेश’, ‘जातक कथा’ (अनेक खण्डों में), ‘कथासरित्सागर’ जैसे अनेक ग्रन्थ इस परम्परा की समृद्धि का परिचय देते हैं। इसी परम्परा में लेखक सुरेन्द्र शर्मा की कृति ‘अनमोल प्रेरक प्रसंग’ को रखा जा सकता है जिसमें उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ ऐसी कथाएँ पस्तुत की हैं जो पाठक का मनोरंजन करने के साथ उनको जीवन जीने की कला का उपदेश भी देती हैं। प्रेरणा, तत्त्वबोध तथा बूंद-बूंद सागर नामक खण्डों में प्रस्तुत ये कथाएँ जहाँ मानवीय गुणों के उन्नयन का उद्घोष करती हैं वहीं पाठक के मानस को उद्वेलित भी करती हैं।
इस संकलन में एक ओर प्राचीन पौराणिक कथाओं की पुनर्रचना है तो दूसरी ओर ऐसे मार्मिक प्रसंगों की अभिव्यक्ति है जो पाठक को मानवोचित गुणों को ग्रहण करने की प्रेरणा देती है। लेखक की भाषा अत्यन्त सरल, सहज और बोधगम्य है। लेखक की कुशलता इस तथ्य में है कि पाठक इन कथाओं में डूब जाता है। इस प्रकार इस कृति की सबसे बड़ी खूबी इसकी पठनीयता है।
निश्चय ही, यह कृति सामान्य से सामान्य और विद्वान से विद्वान पाठक को सम्मोहित करेगी।
| Weight | 290 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1 cm |
| Genre |








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