Hindi Katha Sahitya Ka Itihas हिन्दी कहानी के एक शताब्दी के हलचल भरे, किन्तु अकादमिक दृष्टि से समृद्ध इतिहास का मूल्यांकन। हेतु भारद्वाज की यह कृति गुलेरी की ‘उसने कहा था’ से लेकर प्रेमचन्द, प्रसाद, जैनेन्द्र, और स्वातंत्र्योत्तर काल के कहानीकारों तक की विकास यात्रा को निर्लिप्त भाव से समझने का प्रयास करती है, हिन्दी कहानी के विभिन्न आंदोलनों और प्रवृत्तियों का मूल्यांकन करती है।
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₹200.00Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.
संवेदनहीनता से जड़ होती जिन्दगी की असंगत धारणाओं को कहानियों में पिरोने का एक सफल प्रयास है यह संकलन। सभी कहानियाँ देश की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में स्थान पा चुकी हैं। भाषा में प्रवाह होने से पठनीयता का दायरा बढ़ा है। लेखिका का अनुभव क्षेत्र बड़ा होने से कहानियों का कथ्य भी नयेपन के साथ आया…
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दैनिक जीवन की आवश्यक जानकारियों तथा समस्याओं को सरल, सुबोध एवं रोचक कहानियों के रूप में प्रस्तुत किया है डॉ. ममता गौतम ने। ये बालोपयोगी कहानियाँ बालकों के जीवन को समृद्ध बनाने तथा उन्हें सुसंस्कारित करने में सहायक हैं। इनमें कुछ कहानियाँ प्रौढ़ोपयोगी तथा नवसाक्षरों के लिए उपयोगी भी हैं। ये कहानियाँ वास्तव में जीवन…
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
अंतिम खंड में प्रेमचंद के अनुभवों और विचारों की परिपक्व अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। यथार्थ, दर्शन और मानवीय संवेदना से भरपूर ये कहानियाँ प्रेमचंद के साहित्यिक योगदान को पूर्णता प्रदान करती हैं।
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इस भाग में तीव्र सामाजिक चेतना से युक्त कहानियाँ संकलित हैं, जो पाखंड, अन्याय और नैतिक पतन पर प्रहार करती हैं। ये कहानियाँ आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक और प्रभावशाली हैं।
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इस खंड की कहानियाँ सामाजिक सुधार, शिक्षा और बदलते सामाजिक मूल्यों पर केंद्रित हैं। इसमें स्वतंत्रता-पूर्व भारत की सामाजिक परिस्थितियों और परिवर्तनशील सोच का सजीव चित्रण मिलता है।
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इस भाग में किसान जीवन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शोषण और संघर्ष को प्रमुखता दी गई है। प्रेमचंद की कहानियाँ समाज के दबे-कुचले वर्ग की पीड़ा को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती हैं और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करती हैं।
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इस खंड की कहानियाँ मनोवैज्ञानिक दृष्टि से अधिक सशक्त हैं। पात्रों के अंतर्द्वंद्व, नैतिक संघर्ष और मानवीय दुर्बलताओं का सूक्ष्म चित्रण इस भाग को विशेष बनाता है। यह प्रेमचंद की साहित्यिक परिपक्वता को दर्शाता है।
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इस भाग में सामाजिक विषमता, जाति-भेद और परंपरा बनाम सुधार के संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है। कहानियाँ समाज की कड़वी सच्चाइयों को उजागर करती हैं और प्रेमचंद की सामाजिक चेतना को स्पष्ट रूप से सामने लाती हैं।
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इस खंड की कहानियाँ पारिवारिक संबंधों, नैतिक मूल्यों और मानवीय संघर्षों पर केंद्रित हैं। नारी जीवन, त्याग, करुणा और कर्तव्य जैसे विषयों को गहराई से प्रस्तुत किया गया है, जो पाठक को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करता है।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्व के उन विरल रचनाकारों में हैं जिनमें व्यक्तित्व और साहित्य का अद्भुत सामंजस्य मिलता है। टैगोर के व्यक्तित्व को देखकर ही लगता था कि साहित्य की व्यापकता सिमटकर उनमें मूर्त हो गयी है। उन्हें ‘गीतांजलि’ नामक कृति पर नोबेल पुरस्कार मिला, जिससे उनकी ख्याति सारे विश्व में फैल गयी। यदि यह पुरस्कार…
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
आज के खुरदरे यथार्थ और समसामयिक समस्याओं से रूबरू कराती कहानियों का संग्रह। यह पुस्तक मानवीय संवेदनाओं, जिजीविषा और संघर्षों को अभिव्यक्त करती है, पाठक को जीवन की वस्तुस्थिति और शाश्वत मूल्यों से परिचित कराती है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Seedhiyeon par Sapne डॉ. अजय अनुरागी का संग्रह ‘सीढ़ियों पर सपने’ जीवन की आकांक्षाओं, संघर्षों और सपनों पर आधारित कहानियों का एक अनूठा संकलन है। यह कृति मानवीय भावनाओं की गहराई में उतरकर, सपनों को साकार करने के लिए अथक प्रयासों और उनके रास्ते में आने वाली चुनौतियों को दर्शाती है, जो पाठकों को प्रेरित करती है।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹135.00Current price is: ₹135.00.
Ekla Chalo Re समकालीन हिन्दी कहानी के विकास में श्याम जांगिड़ एक सुपरिचित नाम है। उनकी कहानियाँ न शैल्पिक-घटाटोप से आक्रांत हैं न भाषा के दिखावटी विलास से, बल्कि उनमें ज़िन्दगी की विद्रूपताएँ और अभावग्रस्तता के बावजूद जीवन के प्रति मोह का स्पंदन है। ‘एकला चलो रे’ संग्रह की कहानियाँ ‘हंस’, ‘कथादेश’ जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं और पाठक को चकित, झंकृत और व्याकुल करती हैं।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Subah Ki Pahli Kiran हीरा साधक की कहानियाँ हिन्दी पाठकों का नई अनुभूतियों और भावनाओं से परिचय कराएँगी। ‘सुबह की पहली किरण’ संग्रह की कहानियाँ ‘डेवलपमेंटल लिटरेचर’ के दायरे में आती हैं, जहाँ विकास और व्यापार जगत की गतिविधियाँ या लोकाचार विषय बनाए गए हैं। यह कृति शोषण, हताशा, और मध्यमवर्गीय समाज की पहचान को उजागर करती है, जिसका अनुवाद मंजुश्री साधक ने सरस हिंदी में किया है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Samay Kabhi Thamta Nahi हेतु भारद्वाज की कहानियाँ जिन्दगी की विश्वसनीय तस्वीर प्रस्तुत करती हैं, जहाँ समय का स्पंदन पूरी शिद्दत के साथ धड़कता है। यह संग्रह ग्रामीण जीवन की विडम्बनाओं, क्रूरताओं, और बदलते वक्त की अमानवीयताओं को उभारता है, साथ ही सामाजिक बदलावों को भी रेखांकित करता है। हेतु भारद्वाज की कहानियाँ मनुष्यता और मानवीय मूल्यों की रक्षा की चिंता करती हैं।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹135.00Current price is: ₹135.00.
Chuhaa Nagar me ‘Myawon’ मनोहर वर्मा द्वारा लिखित ‘चूहा नगर में ‘म्याऊँ” एक कहानी संग्रह है जो मनोरंजक और विचारोत्तेजक कहानियों के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर करता है। यह कृति पाठकों को एक अनोखी दुनिया से साक्षात्कार कराती है, जहाँ सामान्य जीवन की घटनाओं को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Ek Hansi Kee Umer डॉ. लक्ष्मी शर्मा की कहानियाँ विचित्र मानसिक संघर्षों से जूझते पात्रों को पूरी विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करती हैं। ‘एक हंसी की उम्र’ संग्रह की रचनाएँ कथाकारों, समीक्षकों और पाठकों का ध्यान आकृष्ट करती हैं, जो मानवीय आवेश से पाठक को मुक्त नहीं होने देतीं। यह संग्रह डॉ. लक्ष्मी शर्मा को हिन्दी के कहानीकारों की अग्रिम पंक्ति में विशिष्ट पहचान देगा।