“Prachin Bharat Ka Itihas (78-650)” has been added to your cart.
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
इतिहासकारों के अथक् प्रयत्नों से प्राचीन भारत का राजनीतिक इतिहास, मूल स्त्रोतों के क्षीण होते हुए भी, अब स्थूल आकार-प्रकार में रेखांकित किया जा सकता है। हड़प्पा सभ्यता की अन्वेषण से वैदिक साहित्य के अर्थ पर नया प्रकाश पड़ा है। अभिलेखों ने कलियुग की पौराणिक वंशावलियों की सत्यता का समर्थन किया है। पौराणिक इतिहास वैदिक…
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कुषाणोत्तर भारतीय इतिहास में गुप्त सम्राज्य का काल केन्द्रीय आकर्षण का युग है। प्रायः भारतीय इतिहास में गुप्तकाल को राजनीतिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों की दृष्टि से ‘स्वर्ण काल’ और ‘क्लासिकल काल’ आदि नामों से अभिहीत किया जाता है। गुप्त युग के साम्राज्य को चरमोत्कर्ष पर ले जाने के लिए समुद्रगुप्त और चन्द्रगुप्त द्वितीय जैसे सम्राटों…
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
प्राचीन भारत की धर्मशास्त्र-सम्मत न्यायिक प्रणाली का सूक्ष्म विश्लेषण। यह पुस्तक राजा, न्यायाधीशों और न्यायिक कार्य में सहयोगियों की भूमिका को गहराई से उजागर करती है, जो शोधार्थियों और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए नए आयाम खोलती है।
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₹800.00 Original price was: ₹800.00.₹720.00Current price is: ₹720.00.
गौतमीपुत्र सातकर्णि के असाधारण पराक्रम और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण की गाथा। यह ऐतिहासिक उपन्यास शैव, बौद्ध और ब्राह्मण मतों की साधना-पद्धति, सामंती व्यवस्था और तत्कालीन जीवन की गहन अनुभूति को जीवंत करता है।
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₹700.00 Original price was: ₹700.00.₹630.00Current price is: ₹630.00.
द्वितीय शताब्दी के संक्रांति काल पर आधारित यह ऐतिहासिक उपन्यास, गौतमीपुत्र सातकर्णि के अपराजेय व्यक्तित्व को चित्रित करता है। यह युग के ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहलुओं को सहजता से अभिव्यक्त करता है।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Bharat Ka Itihas Avm Sanskriti (Praramb se 1526 E.) विश्व-इतिहास में भारतीय इतिहास एवं संस्कृति एक दैदीप्यमान नक्षत्र है, जिसे अमर और अनंत कहा जा सकता है। डॉ. कालूराम शर्मा और डॉ. प्रकाश व्यास की यह पुस्तक भारत के प्रारम्भ से 1526 ई. तक के इतिहास और संस्कृति का क्रमबद्ध विवेचन करती है। यह मुगल आक्रमणों, मध्यकालीन भक्ति आंदोलन, और हिंदू-मुस्लिम संस्कृतियों में समन्वय के प्रयासों को संक्षेप में बताती है, जो जिज्ञासु भारतीयों को अपने गौरवपूर्ण अतीत को समझने में मदद करेगी।