Vishva Ki Pracheen Sabhyatae
विश्व की प्राचीन सभ्यताएँ
Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.
You Save 10%
Vishva Ki Pracheen Sabhyatae आधुनिक युग में भूमंडलीकरण ने विश्व को एक ग्राम में परिवर्तित कर दिया है, किन्तु मानव विकास में विभिन्न सभ्यताओं और संस्कृतियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। डॉ. कालूराम शर्मा और डॉ. प्रकाश व्यास की यह कृति मिस्र, सुमेरिया, बेबीलोनिया, चीन, यूनान, रोम, इस्लाम, ईसाई, भारत आदि की संस्कृतियों के संघर्षण से निर्मित मानव संस्कृति का वस्तुनिष्ठ ज्ञान प्रदान करती है।
In stock
आधुनिक युग में आवागमन के साधनों तथा सूचना-संचार के माध्यमों की बहुलता ने पूरे विश्व को एक ग्राम में परिवर्तित कर दिया है। भूमंडलीकरण की प्रक्रिया ने विश्व एकता और भी सघन बनाया है, किन्तु मनुष्य विकास की आज तक की यात्रा में विभिन्न सभ्यताओं और संस्कृतियों ने पूरा योगदान दिया है। मानव संस्कृति अनेक संस्कृतियों का समुच्चय है तथा इसका निर्माण मिस्र, सुमेरिया, बेबीलोनिया, चीन, यूनान, रोम, इस्लाम, ईसाई, भारत आदि की संस्कृतियों के संघर्षण से हुआ है। विभिन्न संस्कृतियों के बीच चलने वाली अन्तर्क्रिया ने ही मानव संस्कृति का निर्माण किया है।
यदि हम मानव की विकास यात्रा को सम्यक् रूप से समझना चाहते हैं तो हमें विश्व की विभिन्न संस्कृतियों के विषय में जानना होगा। सभी संस्कृतियों के अध्ययन से ही हम मनुष्य की समस्त उपलब्धियों को आत्मसात् कर सकते हैं। प्रस्तुत कृति इसी दृष्टि से लिखी गयी है कि संस्कृति के अध्येताओं को विश्व की सभी सांस्कृतिक हलचलों का वस्तुनिष्ठ ज्ञान हो सके। जो अध्येता मानव विकास की संस्कृति के विविध आयामों तथा उनके अन्तः सम्बन्धों को समझना चाहते हैं, उनके लिए यह कृति बहुत उपयोगी सिद्ध होगी, ऐसा हमारा, विश्वास है।
| Weight | 520 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 2 cm |
| Genre | |
| Textbook Genre |















Tulsidas
Kaal Chakra Khand Kavye
Hindi Gadh Sahitya
Utari Bharat Ka Itihas (650-1200 E.)
Rajasthan Ke Itihas Ki Rooprekha
Hindi Nibandh
Bharat Ka Itihas (1200-1760)
Dharm Nirpeksta Aur Rastriya Akta
Upbhokta Ka Arthashastra Evam Upbhokta Sanrakshan
Antharashtriya Vitta Evam Vyapar
Sanvidhan Shankaye Aur Sambhavnaye
Mahila aur Manavadhikar
Vishva ke Taaje Pani ke Adbuth Jeev
Vastra Vigyan Eavm Paridhan Nirman
Reviews
There are no reviews yet.