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Tuglak Kaleen Itihaskar avam Itihas

तुग़लक़ कालीन इतिहासकार एवं इतिहास-लेखन

Language: Hindi
Format: Hardcover
Pages: 240
Edition: Second, 2012
Published Year: 2002
ISBN: 81-7056-242-2

Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

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Tuglak Kaleen Itihaskar avam Itihas भारतीय वाङ्मय में इस्लाम की सबसे बड़ी देन इतिहास-लेखन के रूप में है। डॉ. अशोक कुमार सिंह की यह कृति तुगलक वंश (1320-1414 ई.) के शासकों के समय हुए मुस्लिम इतिहास-लेखन पर प्रकाश डालती है, जिसमें अमीर खुसरो से लेकर शम्स सिराज अफीफ तक के लेखकों की कृतियों का गंभीर विवेचन किया गया है।

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भारतीय वाड्मय में इस्लाम की सबसे बड़ी देन इतिहास-लेखन के रूप में है। जहाँ प्राचीन भारत में इतिहास-लेखन की परम्परा एवं उसके प्रति अभिरुचि का अभाव-सा रहा है। वहीं इतिहास लेखन मुस्लिम संस्कृति का एक अंग रहा है। इस्लाम के अनुयायियों की इतिहास में अभिरुचि इस्लाम धर्म के प्रादुर्भाव से ही रही है। प्रारम्भिक अरब इतिहासकारों ने पैगम्बर मुहम्मद एवं खलीफाओं पर अनेक ऐतिहासिक, ग्रन्थों की रचना की है। इसके आगे भी इन इतिहासकारों ने इस्लाम की विजयों, राष्ट्रों तथा युगों का इतिहास लिखा है। कालान्तर में इस इतिहास लेखन पर फारसी पुनर्जागरण का प्रभाव पड़ा और अनेक मुस्लिम इतिहासकारों ने अरबी भाषा के स्थान पर फारसी भाषा को अपने लेखन का माध्यम चुना। राज्याश्रय प्राप्त इन इतिहासकारों ने “राष्ट्रों तथा युगों” के स्थान पर “शासकों एवं वंशों” का इतिहास लिखना प्रारम्भ कर दिया।

भारत में तुर्की सत्ता की स्थापना के उपरान्त व्यापक स्तर पर मुस्लिम इतिहास लेखन प्रारम्भ हुआ। निःसन्देह यह इतिहास लेखन फारसी इतिहास लेखन की परम्परा से ही अधिक प्रभावित था। यह भारतीय मुस्लिम इतिहास लेखन तुगलक वंश (1320-1414 ई.) के शासकों के समय में एक विशिष्ट स्थान पर पहुँच गया। इतिहास लेखन की दृष्टि से तुगलक काल सल्तनत काल का स्वर्णिम काल है क्योंकि इस काल में तत्कालीन इतिहास लेखन की प्रायः सभी विधाओं का विकास हुआ। प्रस्तुत ग्रन्थ में तुग़लक़कालीन इतिहास लेखकों में अमीर खुसरो से लेकर शम्स सिराज अफीफ तक तथा निकट समकालीन इतिहास लेखकों में यहिया एवं मुहम्मद बिहामद खानी सहित समस्त लेखकों की कृतियों की गम्भीर विवेचना की गई है। इस रूप में पाश्चात्य इतिहासकार पीटर हार्डी की कृति के उपरान्त सल्तनत कालीन एक विशिष्ट काल विषयक इतिहास-लेखन पर प्रकाश डालने वाली यह प्रथम भारतीय कृति है। राष्ट्रभाषा हिन्दी में तो इस विषय पर यह प्रथम मौलिक कृति है।

Weight 415 g
Dimensions 22.5 × 14 × 2 cm
Genre

Textbook Genre

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