Sant Kavi Raidas : Jeevan Aur Srajan
संत कवि रैदास : जीवन और सृजन
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Sant Kavi Raidas : Jeevan Aur Srajan मध्यकालीन कवियों में एक महत्त्वपूर्ण नाम, संत कवि रैदास के जीवन और उच्च कोटि के सृजन का यह गहन अध्ययन। यह पुस्तक उनके उपलब्ध दोहों और पदों का पाठ-संपादन तथा भावार्थ के साथ प्रस्तुतिकरण करती है, जो दीन-हीन और शोषित वर्ग की पीड़ा और समरसता के आह्वान को तर्क-संगत और आधुनिक बोध के साथ प्रस्तुत करता है।
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मध्यकालीन कवियों में संत कवि रैदास एक महत्त्वपूर्ण नाम है। कबीर, तुलसी, रहीम की तरह संत रैदास ने अनेक साखियाँ और पद लिखे। उच्च कोटि के साधुओं की संगति, भारत के अनेक प्रांतों के भ्रमण, वंचित जनों से सम्पर्क और आत्म-चिंतन से संत रैदास का जीवन बहुत ही अनुभवपूर्ण था और इसी कारण से उनका काव्य उच्च कोटि का बन पड़ा है।
मध्यकालीन कवियों में कबीर, तुलसीदास, सूरदास, मीराँ आदि के समस्त साहित्य का पाठ सम्पादन तथा प्रकाशन गहन शोध के बाद अनेक अध्येताओं ने किया है। लेकिन, इस दिशा में संत रैदास के साहित्य पर उतना कार्य अभी तक नहीं हुआ है।
वैसे धीरे-धीरे अब उनका साहित्य हमारे सामने आ रहा है, जिसको देखते हुए यह कहा जा सकता है कि संत कवि रैदास का साहित्य उच्च कोटि का होने के साथ-साथ तर्क-संगत और आधुनिक बोध लिये हुए है। इसमें दीन-हीन और शोषित वर्ग की पीड़ा और उसके प्रति संवेदना है। रैदास ने तत्कालीन समाज में समरसता के साथ समन्वय के साथ रहने का आह्वान किया है।
मैंने यहाँ संत रैदास जी के उपलब्ध दोहों और पदों का अध्ययन कर पाठ-सम्पादन एवं भावार्थ के साथ प्रस्तुतिकरण किया है। उक्त कृति संत रैदास : जीवन और सृजन में दिये गये पद और दोहे छंद-शास्त्र के अनुशासन में बंधे हैं। आशा है साहित्य जगत में इस कृति का स्वागत होगा।
| Weight | 325 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 15 × 1.5 cm |
| Genre |















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