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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.
Contents Anthropology: The Nature and Scope Introduction; Meaning and Definition of Anthropology; Characteristics of Anthropology as a subject; Nature and Scope of Anthropology; Branches of Anthropology; Relations of Anthropology with other social sciences; Nature and scope of social Anthropology; Relevance of Social Anthropology in the study of primitive society; Relationship of social Anthropology with…
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₹350.00 Original price was: ₹350.00.₹299.00Current price is: ₹299.00.
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₹150.00 Original price was: ₹150.00.₹120.00Current price is: ₹120.00.
गद्य को कवियों (रचनाकार) की कसौटी कहा जाता है और निबन्ध को गद्य की कसौटी। यद्यपि परीक्षा में परीक्षार्थी निबन्ध न लिखकर लेख लिखता है, परन्तु कहा इसे निबन्ध ही जाता है। आज किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए हिन्दी भाषा एवं साहित्य का ज्ञान आवश्यक होता जा रहा है। इसमें निबन्ध की भूमिका…
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₹1,300.00 Original price was: ₹1,300.00.₹999.00Current price is: ₹999.00.
प्रस्तुत पुस्तक में डॉ. प्रेम दवे ने कत्थक नृत्य को परम्परा का विस्तार से विवेचन किया है। नृत्य की उत्पत्ति, विकास, नृत्य के प्रकार-ताण्डव, लास्य, कत्थक नृत्य की उत्पत्ति, इतिहास, कत्थक नृत्य के घराने व विशेषताओं का सूक्ष्मत्तर विवेचन किया गया है। कत्थक नृत्य में पदाघात, नृत्तअंग, लयकारी, भाव प्रदर्शन, वेशभूषा, अभ्यास पद्धति, शैलीगत तालें, गुरु शिष्य परम्परा, परम्परागत व शिष्य सम्प्रदाय के नृत्य साधकों के जीवनवृत्त पर चित्रों सहित प्रकाश डालने के साथ ही विभिन्न प्रकार की क्रियात्मक बंदिशों को लिपीबद्ध किया गया है। डॉ. दवे स्वयं कत्थक नृत्य एवं गायन में उच्च शिक्षा प्राप्त कत्थक नृत्यांगना एवं गायिका हैं। अतः विषय के प्रायोगिक एवं सैद्धान्तिक दोनों पक्षों को सूक्ष्म दृष्टि से हृदयंगम कर पुस्तक में समाहित करने का प्रयास किया है। आशा है, पुस्तक कत्थक नृत्य के स्नातक, स्नातकोत्तर व शोधार्थियों के साथ ही अन्य संगीत नृत्य प्रेमियों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
अंदाजे बयां और पवन कुमार ‘पावन’ की एक अनोखी कृति है, जिसमें विभिन्न शायरों के चुनिंदा शेरों को गद्य, व्यंग्य और दर्शन के साथ पिरोकर एक नया रूप दिया गया है। यह पुस्तक शायरी को केवल पढ़ने का नहीं, बल्कि उसे एक नए नजरिये से समझने और महसूस करने का अवसर देती है। जीवन, इश्क, दर्द और समाज के विविध रंगों को यह किताब रोचक और व्यंग्यात्मक शैली में प्रस्तुत करती है।
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₹1,699.00 Original price was: ₹1,699.00.₹899.00Current price is: ₹899.00.
संगीत में रसानुभूति: कला, कलाकार और उनकी अनुभूतियाँ
क्या आप जानना चाहते हैं कि विश्व प्रसिद्ध संगीतकार और नर्तक अपनी कला का अनुभव कैसे करते हैं? प्रोफेसर (डॉ.) प्रेम दवे की यह पुस्तक आपको भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा में गहराई तक ले जाती है, जहाँ कलाकारों के चित्रों के साथ उनके रस-संबंधी विचारों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
इस पुस्तक में क्या है खास?
- कलाकारों के अनुभव: भारत के दिग्गज कलाकारों के साक्षात्कारों और विचारों का अनूठा संग्रह।
- लेखिका की स्वानुभूति: लेखिका, जो स्वयं एक उच्च कोटि की कलाकार (डी. लिट्.) हैं, के अपने अनुभव और चिंतन।
- सरल और साहित्यिक भाषा: गहन विषय को भी बहुत सरल, रुचिकर और उच्च स्तरीय भाषा में समझाया गया है।
- सभी के लिए उपयोगी: यह पुस्तक न केवल संगीत के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए, बल्कि शास्त्रीय कला के हर रसिक के लिए भी एक अनमोल धरोहर है।
पुस्तक में शामिल कुछ प्रमुख कलाकार:
- गायन: पं. जसराज, पं. राजन-साजन मिश्रा, श्रीमती गिरिजा देवी, श्रीमती किशोरी अमोनकर, उस्ताद बड़े गुलाम अली खां साहब, आदि।
- वादन: पं. रविशंकर, पं. शिव कुमार शर्मा, पं. हरि प्रसाद चौरसिया, पं. विश्व मोहन भट्ट, उस्ताद असद अली खां, पं. किशन महाराज, आदि।
- नृत्य: पं. बिरजू महाराज, श्रीमती रोहिणी भाटे, सुश्री उमा शर्मा, श्रीमती शोवना नारायण, आदि।
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₹150.00 Original price was: ₹150.00.₹120.00Current price is: ₹120.00.
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₹100.00 Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
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₹80.00 Original price was: ₹80.00.₹64.00Current price is: ₹64.00.
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स्वातंत्र्योत्तर भारत की राजनीति पर आधारित यह उपन्यास वर्णनात्मक यथार्थ में भावनात्मक सत्य तलाशने का एक प्रयास है। पूर्व गृह सचिव वोहरा की एक रिपोर्ट के अनुसार देश में माफिया एक समानान्तर सरकार चला रहा है। भारतीय राज व्यवस्था की केन्द्रीय समस्या एक प्रभावशाली, जनतांत्रिक, पारदर्शी, संवेदनशील एवं उत्तरदायी राज्य का अवसान है। कानून निर्माताओं…
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.
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₹125.00 Original price was: ₹125.00.₹100.00Current price is: ₹100.00.
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₹600.00 Original price was: ₹600.00.₹480.00Current price is: ₹480.00.
महाकाव्य की कथावस्तु दो प्रकार की होती है-कल्पना प्रसूत एवं परम्परा गृहीत। परम्परा गृहीत कथावस्तु के अन्तर्गत ही पुराणों से प्राप्त वस्तु भी है। संस्कृत के श्रेष्ठ आलोच्य महाकाव्य, पौराणिक विषयों के ही हैं। वस्तुतः उनमें हमारी सांस्कृतिक चेतना के समृद्ध स्वरूप की धरोहर भी सुरक्षित है, तभी तो श्रेष्ठ महाकाव्यकार भी पौराणिक आख्यानों को…
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.
आधुनिक भारत के निर्माताओं में स्वामी दयानन्द सरस्वती अग्रगण्य हैं। स्वामीजी ने अपने समय की नब्ज को पहचानते हुए रूढ़िग्रस्त समाजं को झिंझोड़ा और ‘सत्यार्थ प्रकाश’ में विशद विवेचन करते हुए संकीर्ण विचारधाराओं पर कुठाराघात किया। आधुनिक भारत के नव-निर्माण में उनकी विचारधारा ने मशाल का काम किया। आर्य समाज की स्थापना के द्वारा उन्होंने…
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₹100.00 Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
मोहन राकेश अपने पात्रों के माध्यम से जिन्दगी के यथार्थ की बेतरतीब तसवीर प्रस्तुत करते हैं। उनके पात्र, चाहे मिथकीय हों या आधुनिक, अपनी अर्थवत्ता में पूर्णतः समकालीन हैं। जीवन की त्रासदियों, अस्तित्व संकट तथा मूल्य-संक्रमण की स्थितियों से गुजरते हुए ये पात्र अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं के नीचे दबे बिखर-बिखर जाते हैं। तथापि उनकी संवेदनशीलता…
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.
स्वतन्त्रता आन्दोलन के दौरान जिन नेताओं का व्यक्तित्व पूरी प्रखरता से उभरा तथा जो आगे आने वाली पीढ़ी के लिए अनुकरणीय बने, उनमें गोपाल कृष्ण गोखले का नाम अग्रणी था। यद्यपि वे काँग्रेस के उदारवादी नेता थे तथापि ‘वे आधुनिक भारत के प्रथम कूटनीतिज्ञ थे।’ गोखले के विषय में के. एम. पन्निकर की यह उक्ति…
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₹995.00 Original price was: ₹995.00.₹796.00Current price is: ₹796.00.
भारत में सामाजिक परिवर्तन’ शीर्षक कृति सामाजिक विज्ञानों के उन शोधकर्ताओं एवं रुचिशील पाठकों के लिए लिखी गई है जो सामाजिक परिवर्तन से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं से अवगत होना चाहते हैं। विभिन्न सामाजिक विज्ञानों के पाठकों की रुचियों को ध्यान में रखते हुए इस कृति में तीन खण्ड हैं। प्रथम खण्ड में सामाजिक परिवर्तन की…