Lokmanya Tilak Vyaktitv Evam Krititv
लोकमान्य तिलक: व्यक्तित्व एवं कृतित्व
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लोकमान्य तिलक का भारत के स्वातंत्र्य संग्राम में अतुल योगदान एवं समर्पित दायित्वपूर्ण भूमिका का अनुकरणीय निर्वहन रहा। उनका सम्पूर्ण जीवन भारत माँ की स्वतंत्रता की वेदी पर न्यौछावर हो गया था। लगभग सौ वर्ष पूर्व उन्होंने कहा था-“स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और उसे हम लेकर रहेंगे।” उनके इन शब्दों ने करोड़ों व्यक्तियों के जीवन को अनुप्राणित किया था और भारत के स्वाधीनता संग्राम में तन-मन-धन से कूद पड़ने की प्रेरणा दी थी। स्वतंत्रता प्राप्ति की उनकी अभिलाषा उनके जीवनकाल में पूरी नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने जो बीज बोया था, वह आज पुष्पित एवं पल्लवित होकर एक विशाल वृक्ष रूपी भारतीय लोकतंत्र का सफल स्वरूप ले चुका है।
वस्तुतः लोकमान्य तिलक की सम्पूर्ण जीवन यात्रा भारतीय स्वाधीनता संग्राम की संघर्षपूर्ण यात्रा का पर्याय ही बन गया है। इस कृति में लेखक ने बड़े ही परिश्रम एवं अध्यवसाय से तिलक के जीवन मूल्यों की विशिष्टता एवं उत्कृष्टता को रुचिपूर्ण शैली में व्याख्यायित किया है। लोकमान्य तिलक के जीवन के अनेक अछूते प्रसंगों को उजागर कर प्रस्तुत जीवनी को ज्ञानवर्द्धक एवं रोचक बनाने का प्रयास किया है।
देशवासियों ने उनका आदर एवं सम्मान लोकमान्य तिलक की तरह नहीं, अपितु “तिलक भगवान” की तरह किया। तिलक तत्कालीन परिवेश में व्याप्त नैराश्य, कुंठा और तनाव के गहन अंधकार में एक मशालवाहक के रूप में अवतरित हुए और अपनी मशाल के प्रकाश से देश में जागृति, चेतना और आत्मविश्वास का सूत्रपात किया।
हमारे प्रबुद्ध पाठक इस उपयोगी, ज्ञानवर्द्धक एवं सुरुचिपूर्ण प्रकाशन का अवश्यमेव स्वागत करेंगे।
| Weight | 290 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1.5 cm |







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