Kishoravastha : Samasya aur Samadhan
किशोरावस्था: समस्या और समाधान
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Kishoravastha : Samasya aur Samadhan ‘किशोरावस्था: समस्या और समाधान’ मानव जीवन की सबसे सुंदर और स्वर्णिम अवस्था को स्वर्णिम बनाने का प्रयास करती है। डॉ. बृन्दा सिंह की यह पुस्तक किशोरवय के बालक-बालिकाओं को सही राह चुनने, गलत संगति से बचने और सफल जीवन जीने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करती है, जो माता-पिता, शिक्षाविदों और योजनाकारों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
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मानव जीवन की सबसे सुन्दर एवं स्वर्णिम अवस्था है ‘किशोरावस्था’, बशर्ते उसे स्वर्णिम बनाने का प्रयास किया जाए। अनेक किशोरवय के बालक-बालिकाएँ उम्र के इस पड़ाव पर अज्ञानतावश ही गलत राह चुन लेते हैं, गलत संगति में पड़ जाते हैं, गलत आदतों के शिकार हो जाते हैं, जिससे उनका पूरा जीवन ही बर्बाद हो जाता है। वे दुखद, पीड़ादायक एवं निराशाजनक जीवन जीने को मजबूर हो जाते हैं।
किशोरावस्था ‘समस्या बाहुल्य की अवस्था’ है। ‘आँधी और तूफान’ की अवस्था है। ‘तनाव और दबाव’ की अवस्था है। इस अवस्था के बालक क्षण भर में ही आसमान की सैर करते नजर आते हैं, एवरेस्ट की सबसे ऊँची चोटी पर तिरंगा लहराते नजर आते हैं, तो दूसरे ही क्षण निराशाओं के घोर गर्त में अपने-आपको गिरा पाते हैं। क्षण भर में बालक उत्साहित नजर आते हैं तो दूसरे ही क्षण घोर निरुत्साहित। अतः इस वय के बालक-बालिकाओं को सम्भालना, सही दिशा-निर्देश व शिक्षण- प्रशिक्षण देना अत्यावश्यक है ताकि वे सफलता की सीढ़ी पर चढ़कर विकास का परचम सम्पूर्ण विश्व में लहरा सकें, अपना तथा अपने देश का नाम विश्व में रोशन कर सकें।
प्रस्तुत पुस्तक में उन सभी बातों पर गहनता से विचार किया गया है जो एक किशोर वय के बालक-बालिकाओं को सफल जीवन जीने के लिए अत्यावश्यक है। विश्वास है, यह पुस्तक न केवल गृह-विज्ञानियों के लिए अपितु समाजशास्त्रियों, मनोवैज्ञानिकों, राजनीतिज्ञों, साहित्यकारों एवं आमजन के लिए भी जरूरी है।
| Weight | 0.445 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 2 cm |
| Textbook Genre |
















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