Bhartiya Samaj me Naree
Bhartiya Samaj me Naree
Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
You Save 10%
Bhartiya Samaj me Naree वर्तमान सदी में उभरे नारी विमर्श में ‘भारतीय समाज में नारी’ एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा द्वारा लिखित यह कृति नारी की अस्मिता की रक्षा के लिए किए जा रहे औपचारिक प्रयासों, नारी समस्याओं और उनके निराकरण के उपायों का विश्लेषण करती है। यह लिंग और जेंडर अवधारणाओं, समानता, न्याय, और संवैधानिक प्रावधानों की विशद् व्याख्या करती है, जो पाठ्यक्रमों के लिए विश्वसनीय सामग्री है।
In stock
वर्तमान सदी में नये-नये विमर्श उभर रहे हैं जिनमें सबसे प्रमुख है नारी विमर्श अर्थात् समाज में नारी की हैसियत को लेकर एक नयी चेतना का उन्मेष। भारतीय समाज में नारी की अस्मिता की रक्षा के लिए जो औपचारिक प्रयास किए जा रहे हैं उनमें उच्च शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रमों में नारी की प्रतिष्ठा के उन्नयन की प्रविधियों के अध्ययन की उपस्थिति निरन्तर व्यापक स्थान पा रही है। नारी समस्याओं तथा उनके निराकरण के उपायों पर गम्भीर शोध कार्य हो रहे हैं। पाठ्यक्रमों में नारी जीवन के सभी पक्षों को ऐतिहासिक, संरचनात्मक, प्रकार्यात्मक, तुलनात्मक आदि सभी उपागमों के अनुसार अध्ययन करने की व्यवस्था की जा रही है।
प्रस्तुत कृति नारी जीवन की विभिन्न विसंगतियों, विडम्बनाओं, विकृतियों से टकराती हुई लिंग और जेंडर अवधारणाओं, समानता, सम्यक न्याय तथा प्रमुख संवैधानिक प्रावधानों की विशद् व्याख्या करती है। विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ाये जा रहे ‘भारतीय समाज में नारी’ जैसे विषयों के अनुरूप विश्वसनीय सामग्री इस कृति में संयोजित की गयी है।
| Weight | 355 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1.5 cm |
| Genre | |
| Textbook Genre |
















Jeev-Jantuon ki Anokhi Dunia
Rasayan Vigyan (Theory & Practical)– Old NEP Syllabus
Khayal...
Bharat Mein Kanoon Aur Vyavastha
Farji Se Paida Bhayo
Swami Ramtirth Ek Divye Vibhuti
Geography of India
Lok Sabha Bhag-2
Subodh Hindi Patra-Lekhan
Vishva ke Taaje Pani ke Adbuth Jeev
Jeev-Jantuon ka Adbhut Sansar
Mohan Rakesh Ke Sahitya Me Patra
Nari Jeevan : Sulagte prashn
Aadhunik Bharat Ka Itihas (1919-1950 E.)
Forts & Palaces of Rajasthan: History, Art and Architecture
Tribal Society in a Flux
Bharat Ka Itihas (1200-1760)
Vishv ke rochak swajati Bhakshi Jeev
Mudra Banking Evam Rajasv
Reviews
There are no reviews yet.