Bhartiya Sabyata Eavam Sanskriti
भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति
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विषय-सूची
अध्याय
1. भारतीय संस्कृति
(अर्थ, आदर्श और विविधता में एकता)
संस्कृति का अर्थ; संस्कृति का उद्भव; संस्कृति का स्वरूप; सभ्यता और संस्कृति में भेद; भारतीय संस्कृति की मूलभूत विशेषताएँ; संस्कृति का निर्माण।
2. सैन्धव धर्म एवं समाज
सभ्यता का विस्तार क्षेत्र; सभ्यता का काल; सभ्यता के निर्माता; सैन्धव धर्म के आधार; परमपुरुष प्रजापति की उपासना; परम नारी की पूजा; प्रजनन शक्ति की पूजा; वृक्ष पूजा; पशु पूजा; अग्नि कृत्य, स्नान ध्यान और जल देवता; प्रतीक मुद्रा; धार्मिक प्रथाएँ; परलोक में विश्वास; आधुनिक हिन्दू धर्म के साथ तुलना; सैन्धव समाज – भवन निर्माण, परिवार, नारी का स्थान, रहन-सहन, खान-पान, आमोद-प्रमोद, मृतक संस्कार, शिक्षा, लिपि, कला।
3. वैदिक धर्म, समाज और साहित्य
प्रस्तावना : वैदिक धर्म के स्रोत; वैदिक धर्म, देवी-देवताओं के वर्ग, पूजा- उपासना विधि; उत्तर-वैदिक धर्म; वैदिक धार्मिक विचारधारा; वैदिक धर्म की विशेषताएँ; ऋग्वैदिक समाज-परिवार, स्त्रियों का स्थान, विवाह, सती-प्रथा, वर्ण-व्यवस्था, वेश-भूषा, खान-पान, नैतिकता, मनोरंजन, शिक्षा, लेखन कला, उत्तर-वैदिक समाज- स्त्रियों की स्थिति, भोजन, वस्त्र, आभूषण, मनोरंजन आदि, नगर एवं गृह, वर्ण-व्यवस्था, आश्रम व्यवस्था; वैदिक साहित्य-ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद, ब्राह्मण ग्रन्थ, आरण्यक, उपनिषद्, वेदांग, सूत्र-
साहित्य।
4. जैन धर्म
भारत में सामाजिक एवं धार्मिक जागृति के कारण; जैन धर्म; महावरी स्वामी की जीवनी; जैन धर्म के सिद्धान्त; जैन धर्म में विभाजन; जैन धर्म का प्रचार एवं प्रसार; जैन धर्म के व्यापक होने के कारण; जैन धर्म की भारतीय संस्कृति को देन; जैन धर्म नवीन मूल धर्म नहीं।
5. बौद्ध धर्म
महात्मा बुद्ध की जीवनी; बौद्ध धर्म के प्रमुख सिद्धान्त; महात्मा बुद्ध के अन्य विचार; बौद्ध धर्म का विभाजन; बौद्ध संगीतियाँ, बौद्ध धर्म का मुख्य साहित्य; बौद्ध धर्म की लोकप्रियता के कारण; बौद्ध धर्म के भारत से लोप होने के कारण; भारतीय संस्कृति को बौद्ध धर्म की देन; जैन धर्म और बौद्ध धर्म-तुलनात्मक अध्ययन ।
6. पौराणिक धर्म
पौराणिक धर्म का उद्भव काल; भक्ति-प्रधान आन्दोलनों का जन्म; बौद्ध व जौन धर्म का हिन्दू धर्म पर प्रभाव; वैदिक धर्म का पुनरुद्धार; पौराणिक हिन्दू धर्म; समन्वयात्मक हिन्दू धर्म; बौद्ध धर्म का पतन और जैन धर्म का ह्रास; पुराणों का विकास; पुराणों का सांस्कृतिक महत्त्व; पुराणों में वर्णाश्रम व्यवस्था और भागवत धर्म का समन्वय; पुराणों में वैदिक विचारों का नया रूप; पुराणों पर महायान धर्म का प्रभाव; पुराणों में प्रवृत्ति और निवृत्ति का संगम ।
7. इस्लाम धर्म
प्रस्तावना; इस्लाम के उदय के पूर्व अरब; इस्लाम धर्म के प्रवर्तक मुहम्मद साहब; इस्लाम धर्म की शिक्षाएँ; इस्लाम धर्म के सिद्धान्त; इस्लाम का ईश्वर; देवदूत और शैतान; कयामत, स्वर्ग और नरक; कर्मफलवाद में विश्वास; ईमान और कुफ्र; नैतिक सिद्धान्त; जिहाद; मुस्लिम सम्प्रदाय; इस्लामी साम्राज्य का प्रसार; इस्लाम का भारत में प्रवेश और प्रसार; इस्लाम के शीघ्र प्रसार के कारण।
8. सिक्ख धर्म
प्रस्तावना; गुरु नानक का दर्शन; सिक्ख मत; सिक्ख धर्म का विकास; गुरु गोविन्दसिंह और सिक्ख धर्म; गुरु गोविन्दसिंह की देन; सिक्ख धर्म और हिन्दुत्व ।
9. प्राचीन भारतीय शिक्षा के मुख्य केन्द्र
बौद्ध-शिक्षा केन्द्रों का प्रबन्ध; नालन्दा विश्वविद्यालय; विक्रमशीला विश्वविद्यालय; वलभी विश्वविद्यालय; तक्षशिला विश्वविद्यालय; हिन्दू शिक्षा के केन्द्र – काशी, कश्मीर, धारा, कन्नौज, अनहिलपाटन, कांची।
10. वर्ण-व्यवस्था एवं जाति-प्रथा
वैदिक एवं उत्तर-वैदिक काल में वर्ण- वर्ण व्यवस्था की उत्पत्ति; पंच जन; आर्य और दास; वर्ण-व्यवस्था का प्रादुर्भाव; उत्तर-वैदिक युग में चातुर्वण्य-व्यवस्था; सूत्र ग्रन्थों के काल में वर्ण-व्यवस्था; बौद्ध एवं जैन धर्म के काल में वर्ण भेद; मौर्य युग में वर्ण-व्यवस्था; मौर्योत्तर युग में वर्ण-व्यवस्था; गुप्त युग तथा मध्य युग में वर्ण-व्यवस्था; जाति-प्रथा- जाति से तात्पर्य; जाति प्रथा की विशेषताएँ; वर्ण और जाति में भेद; जाति-प्रथा की उत्पत्ति; जाति-प्रथा का विकास; जाति- प्रथा के गुण जाति-प्रथा के दोष।
11. संयुक्त परिवार एवं संस्कार
प्रस्तावना; परिवार-परिभाषा, उत्पत्ति और विकास; भारतीय परिवार; भारतीय परिवार की विशेषताएँ; पारिवारिक सम्पत्ति एवं उत्तराधिकार; भारतीय परिवार के प्रमुख कार्य-तीन ऋण, पंच महायज्ञ; सोलह संस्कार; संयुक्त परिवार प्रणाली – स्वरूप और विशेषताएँ; संयुक्त परिवार से लाभ; संयुक्त परिवार से हानियाँ; संयुक्त परिवार में नारी का स्थान।
12. पुरुषार्थ
धर्म; सत्य; ब्रह्मचर्य; अहिंसा; इन्द्रिय-निग्रह; क्षमा; श्रद्धा; मधुर वचन; शील; अतिथि सेवा; वर्ण-धर्म; आश्रम धर्म; कुल धर्म; युग धर्म; राज धर्म; स्वधर्म; आपद् धर्म; अर्थ; काम; मोक्ष; मोक्ष प्राप्ति के आधार; मोक्ष प्राप्ति के लिए कर्त्तव्य; पुरुषार्थ की समीक्षा।
13. आश्रम व्यवस्था
आश्रम की अभिव्यक्ति; आश्रम व्यवस्था का विकास; आश्रमों की प्रतिष्ठा; चार आश्रम और उनके धर्म व कर्त्तव्य; ब्रह्मचर्य आश्रम; ब्रह्मचारी के अध्ययन की अवधिः ब्रह्मचारी के प्रकार; गृहस्थ आश्रम; गृहस्थ के कर्त्तव्य; गृहस्थ द्वारा संस्कारों की सम्पन्नता; गृहस्थ द्वारा पंच महायज्ञ; गृहस्थों के विभिन्न प्रकार; वानप्रस्थ आश्रम; वानप्रस्थी का जीवन; संन्यास आश्रम; संन्यासी का जीवने; आश्रम व्यवस्था में स्त्री का स्थान; आश्रम व्यवस्था का महत्त्व।
14. युग-युगीन नारी की स्थिति
प्राचीनकाल में नारी की स्थिति, मध्यकाल में नारी की स्थिति-पर्दा-प्रथा; अवांछनीय बेटियाँ; बाल-विवाह; एक पत्नी प्रथा; पत्नी की स्थिति; विधवा की स्थिति; माता की स्थिति; आर्थिक स्थिति; विद्वान तथा प्रशासक; आधुनिक काल में नारी की स्थिति-सती प्रथा; कन्या वध; डाकन प्रथा; बाल-विवाह; पर्दा- प्रथा; दासी प्रथा; भारतीय सुधारकों का योगदान; अंग्रेजी शिक्षा का योगदान; ब्रिटिश सरकार द्वारा सुधार; सती प्रथा का निषेध; बाल-विवाह पर प्रतिबन्ध; कन्या-वध पर रोक; विधवा-पुनर्विवाह; डाकन-प्रथा पर रोक; दासी प्रथा पर रोक; उपसंहार।
15. शंकराचार्य और उनका दर्शन
शंकराचार्य का जीवन परिचय; शंकराचार्य का संगठन कार्य; शंकराचार्य का दर्शन; ब्रह्म का स्वरूप; माया का अर्थ; ब्रह्म और जगत की अभिन्नता; ब्रह्म परमार्थ सत्य व जगत व्यवहारिक सत्य; अनन्त और सीमित; जीवन में मुक्ति; नैतिक आचरण पर बल; शंकराचार्य और इस्लाम।
16. भक्ति आन्दोलन
प्रस्तावना; भक्ति आन्दोलन की पृष्ठभूमि; भक्ति आन्दोलन और इस्लाम; भक्ति आन्दोलन के कारण; भक्ति का स्वरूप; भक्ति आन्दोलन के प्रवर्तक सन्त- रामानुजाचार्य; निम्बार्क; मध्वाचार्य; रामानन्दः वल्लभाचार्य; चैतन्य महाप्रभु; नामदेव; रैदास; दादू; कबीर; गुरु नानक; सूरदास; तुलसीदास; मीराबाई; भक्ति आन्दोलन की विशेषताएँ; भक्ति आन्दोलन का महत्त्व और प्रभाव।
17. मध्यकालीन भारतीय समाज
प्रस्तावना; हिन्दुओं के त्यौहार (रीति-रिवाज); मुसलमानों के त्यौहार (रीति- रिवाज); विवाह समारोह; मृतक संस्कार; सामाजिक व्यवहार और शिष्टाचार; वस्त्र, प्रसाधन और आभूषण; भोजन और मादक द्रव्य; भारतीयों के मकान; मनोरंजन के साधन; त्यौहार, उत्सव और मेले।
18. भारतीय कला
(अजन्ता चित्रकला, राजपूत एवं मुगल स्थापत्य कला)
अजन्ता चित्रकला; स्थापत्य कला; राजपूत स्थापत्य कला- नगर निर्माण; दुर्ग निर्माण; राजप्रासादों का निर्माण; मन्दिरों का निर्माण; जलाशयों का निर्माण; स्मारक निर्माण; मुगल स्थापत्य कला-अकबरकालीन स्थापत्य कला; जहाँगीरकालीन इमारतें; पतनोन्मुख स्थापत्य कला।
19. भारतीय साहित्यिक विरासत
[ वाल्मीकि (रामायण), वेदव्यास (महाभारत), महाकवि कालिदास, तुलसी और मीरा ]
महर्षि वाल्मीकि- जीवन परिचय; रामायण का रचनाकाल; रामायण का वर्तमान रूप; रामायण की कथा; आर्य संस्कृति का प्रतिनिधि ग्रन्थ; रामायण में धर्म और नैतिकता; आदर्श स्त्री के रूप में सीता; वेदव्यास- जीवन परिचय; महाभारत का निर्माण; महाभारत का रचना काल; महाभारत की कथा-वस्तु; महाभारत में धार्मिक विविधता; जीवन की तीन दृष्टियाँ; वर्णाश्रम व्यवस्था और सदाचार; भगवद्गीता का दर्शन; महाभारत में आदर्श; भारतीय ज्ञान का विश्व कोष; साहित्यिक महत्त्व; महाकवि कालिदास – महाकवि का काल निर्णय; जीवन परिचय; कालिदास की रचनाएँ; कालिदास के साहित्य की विशेषताएँ; गोस्वामी तुलसीदास-जीवन परिचय; तुलसी का साहित्य; महान् लोकनायक तुलसी; संस्कृति के रक्षक एवं समाज सुधारक; समन्वयकारी सन्त, सन्त शिरोमणि मीरा-मीरा का जन्म; मीरा का बाल्यकाल और विवाह; मीरा की भक्ति भावना; मीरादासी सम्प्रदाय।
20. दक्षिण भारत की मन्दिर कला
प्रस्तावना; द्रविड शैली; पल्लव मन्दिर; राष्ट्रकूट मन्दिर; चोल कला; चालुक्य मन्दिर; अलंकरण मूर्तिकला।
21. पुनर्जागरण : तिलक, गाँधी और सुभाष का राष्ट्र में योगदान
पुनर्जागरण का अर्थ; भारतीय पुनर्जागरण के कारण; भारतीय पुनर्जागरण का स्वरूप; पुनर्जागरण की सीमाएँ; तिलक का योगदान; तिलक के सामाजिक विचार; तिलक के धार्मिक एवं आध्यात्मिक विचार; तिलक का मूल्यांकन; महात्मा गाँधी का योगदान – संक्षिप्त जीवन वृत्त; दक्षिण अफ्रीका में गाँधीजी; भारत में आन्दोलनों का नेतृत्व; असहयोग आन्दोलन; सविनय अवज्ञा आन्दोलन; भारत छोड़ो आन्दोलन; गाँधीजी का चिन्तन- अहिंसा का सिद्धान्त; गाँधीजी का धर्म और दर्शन; सत्याग्रह का सिद्धान्त; गाँधीजी का सामाजिक चिन्तन; गाँधीजी का आदर्श राज्य; सुभाष चन्द्र बोस का योगदान – जीवन परिचय; आन्दोलनकारी सुभाष; कांग्रेस में वामपंथियों का प्रभाव; गाँधीजी से तीव्र मतभेद; फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन; कांग्रेस के सभी पदों से च्युत; सुभाष की गिरफ्तारी और जर्मनी पहुँचना; सुभाष और आजाद हिन्द फौज; सुभाष चन्द्र बोस का मूल्यांकन।
22. भारतीय संस्कृति पर पाश्चात्य प्रभाव
सामाजिक प्रभावः धार्मिक प्रभाव; आर्थिक प्रभाव; नई शिक्षा का प्रभाव; सामाजिक सुधार; शिक्षा की प्रगति; स्त्री-शिक्षा; नये साहित्य का सृजन; वैज्ञानिक उन्नतिः उपसंहार।
23. भारत के प्रमुख वैज्ञानिक
(आर्य भट्ट, जगदीश चन्द्र बोस और सी.वी. रमन)
प्रस्तावना; आर्य भट्ट-जीवन परिचय; आर्यभट्टीय सिद्धान्तः ज्योतिष ग्रन्थ में गणित; आचार्य जगदीश चन्द्र बोस- जीवन परिचय; अनुसन्धानकर्ता का जीवन; प्रोफेसर चन्द्रशेखर वेंकटरमन- जीवन परिचय; वैज्ञानिक खोजों का जीवन।
| Weight | 435 g |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14.5 × 2 cm |
| University |















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