Panchsheel Prakashan

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  • Sale! Ek Hansi Kee Umer

    Ek Hansi Kee Umer

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Ek Hansi Kee Umer डॉ. लक्ष्मी शर्मा की कहानियाँ विचित्र मानसिक संघर्षों से जूझते पात्रों को पूरी विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करती हैं। ‘एक हंसी की उम्र’ संग्रह की रचनाएँ कथाकारों, समीक्षकों और पाठकों का ध्यान आकृष्ट करती हैं, जो मानवीय आवेश से पाठक को मुक्त नहीं होने देतीं। यह संग्रह डॉ. लक्ष्मी शर्मा को हिन्दी के कहानीकारों की अग्रिम पंक्ति में विशिष्ट पहचान देगा।

  • Sale! Chandragupta Vikramaditya - Digvijay Bhag-3

    Chandragupta Vikramaditya – Digvijay Bhag-3

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Chandragupta Vikramaditya – Digvijay Bhag-3 प्राचीन भारत के गुप्तकाल को स्वर्ण युग माना जाता है। ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का यह ऐतिहासिक उपन्यास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के ‘दिग्विजय’ नामक तीसरे खंड में उनके संपूर्ण जीवन, संघर्षों और आशातीत सफलताओं का वर्णन है। यह कृति भारतीय इतिहास के तीसरी से चौथी शताब्दी तक के विस्तृत काल-खंड की राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक हलचलों को महाकाव्यात्मक रूप में प्रस्तुत करती है, जो पाठक को रमाये रखती है।

  • Sale! Chandragupta Vikramaditya - Abhishek Bhag-2

    Chandragupta Vikramaditya – Abhishek Bhag-2

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Chandragupta Vikramaditya – Abhishek Bhag-2 प्राचीन भारत के गुप्तकाल को राजनीतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और ज्ञान-कला की दृष्टि से स्वर्ण युग माना जाता है। ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का यह ऐतिहासिक उपन्यास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के ‘अभिषेक’ नामक दूसरे खंड में उनके पराक्रम कौशल, उदात्त स्वभाव और संवेदनशील व्यवहार से अर्जित आशातीत सफलताओं का वर्णन है। यह कृति भारतीय इतिहास के इस काल-खंड को जीवंत करती है, जिससे पाठक भारत के बहुरंगी अतीत का अनुभव कर सकें।

  • Sale! Bharat me Panchayat Raj Nivarchan

    Bharat me Panchayat Raj Nivarchan

    By: Prof. P.C. Mathur (+1 more)
    Original price was: ₹800.00.Current price is: ₹720.00.

    Bharat me Panchayat Raj Nivarchan प्रजातंत्र के प्रासाद की नींव सार्वजनिक संस्थानों के नियमित और निष्पक्ष चुनावों पर टिकी है। प्रो. पी.सी. माथुर और प्रो. रवीन्द्र शर्मा द्वारा संपादित यह कृति पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचन की अवधारणा, निर्वाचन प्रणाली, और विभिन्न राज्यों में इसके विश्लेषण पर केंद्रित है, जो शोधार्थियों, शोध निदेशकों और पंचायती राज में रुचि रखने वाले विद्वानों के लिए एक संपूर्ण पुस्तक है।

  • Sale! Vishva Ki Pracheen Sabhyatae

    Vishva Ki Pracheen Sabhyatae

    By: Dr. Kaluram Sharma (+1 more)
    Original price was: ₹600.00.Current price is: ₹540.00.

    Vishva Ki Pracheen Sabhyatae आधुनिक युग में भूमंडलीकरण ने विश्व को एक ग्राम में परिवर्तित कर दिया है, किन्तु मानव विकास में विभिन्न सभ्यताओं और संस्कृतियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। डॉ. कालूराम शर्मा और डॉ. प्रकाश व्यास की यह कृति मिस्र, सुमेरिया, बेबीलोनिया, चीन, यूनान, रोम, इस्लाम, ईसाई, भारत आदि की संस्कृतियों के संघर्षण से निर्मित मानव संस्कृति का वस्तुनिष्ठ ज्ञान प्रदान करती है।

  • Sale! Mudran Madhyam aur Sampadan

    Mudran Madhyam aur Sampadan

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Mudran Madhyam aur Sampadan विजय कुलश्रेष्ठ द्वारा लिखित यह पुस्तक मुद्रण माध्यम और संपादन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालती है। यह पत्रकारिता के छात्रों और पेशेवरों के लिए उपयोगी है, जो मुद्रण माध्यमों के कार्य-प्रणाली और संपादन की कला को समझना चाहते हैं।

  • Sale! Pustkalya Sangathan Avam Parbandh

    Pustkalya Sangathan Avam Parbandh

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Pustkalya Sangathan Avam Parbandh आधुनिक पुस्तकालय संगठन एवं प्रबन्ध पुस्तकालय विज्ञान का एक आधारभूत विषय है। एस.डी. व्यास की यह पुस्तक पुस्तकालय के महत्व, सिद्धांतों, विकास, प्रकार, सहयोग, व्यवसाय, भवन, और उपस्कर पर प्रकाश डालती है, साथ ही पुस्तक चयन, संरक्षण, बजट प्रक्रिया और कम्प्यूटर व जालक्रमों के उपयोग पर भी जानकारी प्रदान करती है।

  • Sale! Pustkalaya Prabhand

    Pustkalaya Prabhand

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Pustkalaya Prabhand पुस्तकालय प्रबन्ध के सिद्धांतों का बोध कराने और उसके संचालन को समझाने के उद्देश्य से लिखी गई यह पुस्तक, एस.डी. व्यास द्वारा प्रस्तुत है। यह पुस्तकालय नियोजन, संगठन, कर्मचारी व्यवस्था, निर्देशन, समन्वय, और बजट की विवेचना करती है, साथ ही कम्प्यूटर, नेटवर्किंग, और इक्कीसवीं सदी में पुस्तकालय सेवा के स्वरूप पर भी प्रकाश डालती है।

  • Sale! Shahjahankalin Bharat (1628-1658)

    Shahjahankalin Bharat (1628-1658)

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Shahjahankalin Bharat (1628-1658) मुगल साम्राज्य के स्वर्णकाल, शाहजहाँ के शासन (1628-1658 ई.) का ऐतिहासिक विवेचन। डॉ. एल.पी. माथुर और प्रो. एम.एल. मांडोत की यह पुस्तक आंतरिक शांति, सुदृढ़ शासन प्रबंध, सांस्कृतिक उन्नति (ताजमहल, तख्ते-ताऊस), और साम्राज्य की आर्थिक सुदृढ़ता का चित्रण करती है, साथ ही उत्तराधिकार युद्ध और औरंगजेब की धर्मान्धता जैसी दुःखद घटनाओं का भी विश्लेषण करती है।

  • Sale! Hamara Swadhinata Sangharsh

    Hamara Swadhinata Sangharsh

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Hamara Swadhinata Sangharsh भारत के स्वाधीनता संघर्ष (1857-1947) का अध्ययन, प्रो. योगेश चन्द्र शर्मा द्वारा प्रस्तुत। यह पुस्तक गांधीजी के अहिंसा आंदोलन, भगतसिंह जैसे क्रांतिकारियों के बलिदान, और ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ भारतीयों के प्रतिरोध को रेखांकित करती है। यह देश की सामाजिक समस्याओं—अशिक्षा, अंधविश्वास, गरीबी, शोषण—से भी जूझने की गाथा है, जो राष्ट्रभक्ति के जज्बे से भरपूर है।

  • Sale! Vastu Ke 100 Sutra

    Vastu Ke 100 Sutra

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹160.00.

    Vastu Ke 100 Sutra वास्तुशास्त्र के 100 महत्वपूर्ण सूत्रों का व्रजेश नन्द शर्मा द्वारा सरल एवं सुबोध प्रस्तुतीकरण। यह पुस्तक गृहप्रवेश, भूमि की शुभता-अशुभता, और बिना तोड़फोड़ वास्तुदोष निवारण के उपायों सहित दैनिक जीवन में वास्तु के सिद्धांतों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करती है, जो पाठकों को सुखमय जीवन के लिए मार्गदर्शन देती है।

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  • Sale! Anuvad: Prakriya Aur Takneek

    Anuvad: Prakriya Aur Takneek

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Anuvad: Prakriya Aur Takneek अनुवाद की प्राचीन परंपरा और वर्तमान युग में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर केंद्रित, डॉ. रामप्रकाश कुलश्रेष्ठ की यह कृति अनुवाद को एक स्वतंत्र विधा के रूप में स्थापित करती है। यह पुस्तक अनुवाद प्रक्रिया के विभिन्न रूपों, स्रोत-भाषा की गहराई में जाने की जटिलता और अनुवादकों की दक्षता वृद्धि के लिए एक समग्र मार्गदर्शिका है।

  • Sale! Coat me Tanga Aadmee

    Coat me Tanga Aadmee

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Coat me Tanga Aadmee डॉ. अजय अनुरागी का प्रथम कहानी संग्रह “कोट में टँगा आदमी” कथात्मक व्यंग्य और व्यंग्यात्मक कथा का मिश्रण है। ये कहानियाँ कथ्य के स्तर पर पाठकीय संवेदना को उद्वेलित करती हैं और मानवीय विकारों, अभीप्साओं, तथा मनुष्य के अंतस की गहराई का मनोविश्लेषणात्मक आकलन करती हैं, जो समय और परिस्थितियों के अनुसार मनुष्य के अप्रासंगिक हो जाने की व्यथा को मार्मिकता से बुनती हैं।

  • Sale! Aachrya Chanakya

    Aachrya Chanakya

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Aachrya Chanakya भारतीय इतिहास में आचार्य चाणक्य के प्रवेश के साथ ही मौर्य काल का उदय हुआ, जिसने भारतवर्ष को एक विशाल एवं सशक्त साम्राज्य के रूप में स्थापित किया। हरदान हर्ष का यह उपन्यास चाणक्य के व्यक्तित्व, विचारधारा और उनकी नीति-कुशलता को अभिव्यक्त करता है, जिसमें नंदवंश के विनाश, मौर्य साम्राज्य की स्थापना और चंद्रगुप्त मौर्य को राज्यपद पर आसीन करने में उनकी महती भूमिका रही।

  • Sale! Aangan Mein Kilakariyan

    Aangan Mein Kilakariyan

    Original price was: ₹100.00.Current price is: ₹90.00.

    Aangan Mein Kilakariyan डॉ. श्रीगोपाल काबरा का काव्य संग्रह ‘आँगण में किलकारियाँ’ राजस्थानी रंग में रंगी कविताओं का एक विशिष्ट संकलन है। यह ग्राम्य जीवन की इंद्रधनुषी छटाओं और प्रकृति के नानारंगी परिदृश्यों के कुशल चित्रण के साथ-साथ चिकित्सा विज्ञानी होने के बावजूद विज्ञान की अनेक उपलब्धियों पर कटाक्ष करता है, जिसमें किराये की कोख जैसे संवेदनशील विषयों पर मन की पीड़ा व्यक्त की गई है।

  • Sale! Forts & Palaces of Rajasthan: History, Art and Architecture

    Forts & Palaces of Rajasthan: History, Art and Architecture

    Original price was: ₹600.00.Current price is: ₹540.00.

    Forts & Palaces of Rajasthan: History, Art and Architecture Explore the magnificent forts and palaces of Rajasthan, embodying a unique blend of Mughal-Rajput architecture. Sanjeev Kumar Bhasin’s book delves into their history, art, and architectural evolution from pre-medieval building materials to dominating red sandstone and white marble, highlighting their resilience against invaders and their conversion into heritage hotels.

  • Sale! Raste Band Nahi Hote

    Raste Band Nahi Hote

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Raste Band Nahi Hote हेतु भारद्वाज की कहानियाँ व्यापक युगीन तनावों—गाँव और नगर का तनाव, आर्थिक तनाव, सामाजिक संबंधों का तनाव—को केंद्रवर्ती वस्तु तत्त्व के रूप में नियोजित करती हैं। ये कहानियाँ समाज की विविध परतों को छानकर, मानवीयता के पक्ष को प्रबलता से उजागर करती हैं और व्यवस्था के खोखलेपन तथा नौकरशाही के नग्न नृत्य के बीच टूटते मध्यवर्ग की पीड़ा को पूरी तीव्रता के साथ उभारती हैं।

  • Sale! Rajasthn ke Sanskritik Lokgeet

    Rajasthn ke Sanskritik Lokgeet

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Rajasthn ke Sanskritik Lokgeet लोक-साहित्य में लोकगीतों का विशिष्ट स्थान है, जिनके पीछे एक समृद्ध संस्कृति है। लक्ष्मी कुमारी चूण्डावत का यह संग्रह गर्भावस्था से लेकर विवाह, विदा, गृहस्थ जीवन और दाम्पत्य सुख-दुःख तक के मानवीय पहलुओं पर मार्मिक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक राजस्थान के लोकगीतों को सुरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

  • Sale! Maanav Sharir Evam Kriya Vigyan

    Maanav Sharir Evam Kriya Vigyan

    Original price was: ₹700.00.Current price is: ₹630.00.

    Maanav Sharir Evam Kriya Vigyan ईश्वर की अनमोल कृति ‘मानव’ के शरीर और क्रिया विज्ञान का विस्तृत अध्ययन। डॉ. बृन्दा सिंह द्वारा लिखित यह पुस्तक हृदय, फेफड़े, मस्तिष्क, अंतः स्त्रावी ग्रंथियाँ और विभिन्न अंग-संस्थानों (पाचन, श्वसन, तंत्रिका आदि) की रचना, बनावट और कार्यों को चित्रों के माध्यम से सरल शब्दों में समझाती है, जो गृह विज्ञानियों, नर्सों और सामान्य पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

  • Sale! Sheel Ka Himalaya

    Sheel Ka Himalaya

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Sheel Ka Himalaya ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का पौराणिक उपन्यास ‘शील का हिमालय’ गुरुकुलों में प्रदान की जाने वाली भारतीय प्राचीन शिक्षा प्रणाली और संयमी, सदाचार के श्रेष्ठ प्रतीक कच के चरित्र से परिचित कराता है। यह कृति शील और संयम के अविचल हिमाचल कच के व्रत की दृढ़ता को दर्शाती है।

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