₹300.00Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
यह व्यंग्य संग्रह जीवन की छोटी-बड़ी सच्चाइयों को जीवंत रूप में सामने लाता है। भाषा के नए तेवर के साथ व्यंग्यकार असंगत मूल्यों को उद्घाटित करता है। रोचकता इन व्यंग्य रचनाओं का प्राण हैं। विसंगतियों और विद्रूपताओं की चिंदी-चिंदी कर रचनाकार जवाबदेह सवाल खड़े करता है और वास्तविकता से रू-ब-रू कराता है। इनमें व्यंग्य की…
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प्राचीन भारत में जिन दार्शनिक सिद्धान्तों का प्रणयन हुआ, उनमें सांख्य प्रमुख दर्शन के रूप में प्रतिष्ठित है। द्वैत मत का प्रतिपादक सांख्य दर्शन प्रकृति और पुरुष दोनों को मूल तत्त्व मानता है। सत्कार्यवाद के समर्थक सांख्य दर्शन के अनुसार कार्य अपने कारण में अव्यक्त रूप से विद्यमान रहता है। सांख्य दर्शन के प्रवर्तक महर्षि…
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹480.00Current price is: ₹480.00.
वैदिककालीन अर्द्ध-नारीश्वर की अवधारणा से पोषित नारी की गौरवशालिनी परम्परा में घोषा, अपाला, सूर्या और मंत्रदृष्टा ऋषिकाएँ थीं। तो मध्यकाल में भारत के राजनीतिक पटल पर अहिल्याबाई, रज़िया सुल्तान या लक्ष्मीबाई जैसी जांबाज़ वीरांगनाएँ उदित हुईं। धार्मिक परिदृश्य पर भी लल्लेश्वरी, आण्डाल या मीरां जैसे हिमालयी व्यक्तित्व सम्पन्न साधिकाओं ने इस देश में नव- जागरण…
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मनुष्य प्राचीनकाल से ही सागरों के बारे में जानकारी एकत्रित करने के लिये प्रयासरत रहा है। प्रारम्भिक काल में वैज्ञानिक प्रगति कम होने के कारण सागरों के जैविक परिवेश की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाई। लेकिन बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में उच्च स्तरीय वैज्ञानिक उपकरणों के विकास से हम सागरों के काफी समीप आ गये…
₹350.00Original price was: ₹350.00.₹280.00Current price is: ₹280.00.
आज के विश्व मानव समाज में महिला को मानवीयोचित न्याय नहीं मिल रहा है। पुरुष की अहंकारी मनोवृत्ति ने नारी को सदा पीछे धकेला है किन्तु आज के भौतिक अर्हताओं से चमत्कृत रूप पहले इस संसार में पुरुष नारी के सहयोग के बिना सुख व शान्ति व सन्तोष का जीवन नहीं जी सकता है। अब…
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श्री भट्ट जी ने संविधान के हर पहलू पर अत्यन्त गूढ़ अध्ययन करने के पश्चात् एक विहंगम दृष्टि डाली है तथा पाठकों को संविधान की रचना से अन्तिम संशोधन तक समझाने के लिए प्राचीन ऋषि-मुनियों एवं मनीषियों द्वारा लिखित स्मृतियों का विवेचन करते हुए तथा कौटिल्य के अर्थशास्त्र का हवाला देते हुए पूरे भारतीय इतिहास…
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
मेरे प्रिय लेखक हिन्दी व्यंग्य में दो तरह के लोग व्यंग्य लिख रहे हैं-एक वे, जिन्हें व्यंग्य की व्याकरण तथा सौन्दर्यशास्त्र की समझ है और दूसरे वे, जिन्हें इस चीज की कोई समझ नहीं। इसी दूसरे वर्ग में आप एक उपवर्ग उन लोगों का भी कर सकते हैं, जिन्हें खुद तो समझ है नहीं पर…
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किसी भी सुदृढ़ साम्राज्य की सततता के लिए स्थायी, दृढ़ और जनकल्याण उत्प्रेरक नीतियों की स्थापना अनिवार्य प्रक्रिया है। दूरदर्शी अकबर ने मुगल साम्राज्य को जो राजनीतिक और सांस्कृतिक गौरव प्रदान किया था वह औरंगजेब और उसके उत्तराधिकारियों के युग में धराशायी हो गया। मुगलों में उत्तराधिकार की स्थायी और निश्चित परम्परा न होने से…
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मुगलों के पतन के पश्चात् एक शताब्दी का इतिहास तीन शक्तियों-मराठा, उत्तर मुगल और अंग्रेज के मध्य सत्ता संघर्ष का इतिहास है। अट्ठारहवीं शताब्दी में अब्दाली के आक्रमण और मुगल अमीरों और सामन्तों के पारस्परिक झगड़ों के कारण मुगल साम्राज्य का अखिल भारतीय स्वरूप समाप्त हो गया। वह केवल दिल्ली का राज्य मात्र रह गया।…
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इतिहासकारों के अथक् प्रयत्नों से प्राचीन भारत का राजनीतिक इतिहास, मूल स्त्रोतों के क्षीण होते हुए भी, अब स्थूल आकार-प्रकार में रेखांकित किया जा सकता है। हड़प्पा सभ्यता की अन्वेषण से वैदिक साहित्य के अर्थ पर नया प्रकाश पड़ा है। अभिलेखों ने कलियुग की पौराणिक वंशावलियों की सत्यता का समर्थन किया है। पौराणिक इतिहास वैदिक…
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1920 के बाद का भारतीय इतिहास गांधीवादी युग से सम्बन्धित है। इस युग में गांधीजी के व्यक्तित्व और विचारों के अनुसार ही राष्ट्रीय आन्दोलन प्रगतिमान हुआ। भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन गांधीजी की उपलब्धियों का इतिहास है। गांधीजी के पूर्व विश्व में सशस्त्र क्रान्ति ही स्वतन्त्रता प्राप्ति का एक मात्र मार्ग माना जाता था। गांधीजी ने इस…
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.
संवेदनहीनता से जड़ होती जिन्दगी की असंगत धारणाओं को कहानियों में पिरोने का एक सफल प्रयास है यह संकलन। सभी कहानियाँ देश की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में स्थान पा चुकी हैं। भाषा में प्रवाह होने से पठनीयता का दायरा बढ़ा है। लेखिका का अनुभव क्षेत्र बड़ा होने से कहानियों का कथ्य भी नयेपन के साथ आया…
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प्रस्तुत पुस्तक ‘सचित्र पर्यावरण विश्वकोश’ आज के मानव जगत की पर्यावरण के बारे में जिज्ञासाओं का सरल एवं प्रामाणिक समाधान प्रस्तुत करती है जिसमें वैश्विक पर्यावरण के सभी घटकों की प्रामाणिक चित्रों, आरेखों एवं आंकड़ों के साथ विस्तृत विवेचना की गई है। पुस्तक में सौर मण्डल के विभिन्न ग्रहों, उपग्रहों, क्षुद्र ग्रहों, पृथ्वी, चन्द्रमा आदि…
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समाज समस्या है समाधान नहीं? यह एक चिरंतन प्रश्न है। किन्तु इसके उत्तर में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि समाज का मूल चरित्र तो समस्याधर्मी है। अपने आदिम रूप से लेकर आज के उन्नत रूप तक समाज की समस्याओं में निरन्तर इजाफा ही हुआ है। आज के उन्नत समाज में अपराध के बड़े सूक्ष्म…
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.
प्रस्तुत पुस्तक “विज्ञान सबके लिये : रसायन विज्ञान” में रसायन विज्ञान (Chemistry) से सम्बन्धित विभिन्न प्रकार की वैज्ञानिक जिज्ञासाओं को शान्त करने का प्रयास किया गया है। इस पुस्तक में मानव मस्तिष्क में रसायन विज्ञान से सम्बन्धित क्या, क्यों और कैसे जैसी उठने वाली जिज्ञासाओं का जवाब प्रमाणिक एवं चित्रों सहित दिया गया है। इस…
₹800.00Original price was: ₹800.00.₹640.00Current price is: ₹640.00.
1885 ई. में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना से भारत में एक नये युग का सूत्रपात होता है। काँग्रेस में उदारवादियों की नीतियों की प्रतिक्रियास्वरूप उग्रवाद का उदय तथा क्रान्तिकारी आन्दोलनों ने भारतीयों के मन में एक नवीन चेतना का संचार किया। गाँधीजी के नेतृत्व में काँग्रेस का राष्ट्रीय आन्दोलन, एक जन- आन्दोलन के रूप…
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹480.00Current price is: ₹480.00.
मछली रीढ़धारी, ठण्डे खून वाला एक ऐसा जलचर है, जो गलफड़ों में साँस लेता है। कुछ मछलियों के फेफड़े जैसे अंग विकसित हो गये हैं। ये अपने गलफड़ों के साथ ही फेफड़ों से भी साँस लेती हैं तथा ऑक्सीजन की कमी वाले भागों- कीचड़, दलदल में भी सरलता से रह सकती हैं। मछलियों की शारीरिक…
₹350.00Original price was: ₹350.00.₹280.00Current price is: ₹280.00.
मृदा एवं जल पृथ्वी तल के मूलभूत संसाधन हैं जहाँ जीव-जगत का अस्तित्व उत्पन्न होता है। लेकिन दुनिया की आबादी सात अरब को पार कर गई है, ऐसे में मृदा एवं जल संसाधनों का संरक्षण कर बढ़ती जनसंख्या को खाद्य एवं पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना मुख्य चुनौती है। प्रस्तुत पुस्तक में इसी समस्या को ध्यान…