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Aparadh Shastra

अपराधशास्त्र

Author(s): R.A.P. Singh
Language: Hindi
Format: Hardcover
Pages: 200
Published Year: 2009
ISBN: 978-81-7056-491-1

Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹240.00.

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समाज समस्या है समाधान नहीं? यह एक चिरंतन प्रश्न है। किन्तु इसके उत्तर में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि समाज का मूल चरित्र तो समस्याधर्मी है। अपने आदिम रूप से लेकर आज के उन्नत रूप तक समाज की समस्याओं में निरन्तर इजाफा ही हुआ है। आज के उन्नत समाज में अपराध के बड़े सूक्ष्म और अद्भुत रूप हमें देखने को मिल रहे हैं। समाजशास्त्र में ‘ अपराधशास्त्र’ नाम से एक अलग अध्ययन प्रविधि का उन्मेष हुआ।
समाजशास्त्र के अन्तर्गत अपराधशास्त्र का अध्ययन निरन्तर लोकप्रिय तथा महत्त्वपूर्ण होता गया है। अमेरिका जैसे विकसित समाज में अपराधों की संख्या तथा उनकी तकनीकों में वृद्धि हो रही है। अपराधशास्त्र के अध्ययन की भी नयी-नयी दिशाएँ विश्व के सभी अग्रणी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जा रही हैं तथा उनमें शोध कार्य हो रहे हैं। ‘फोरेंसिक विज्ञान’ भी इसी शास्त्र के अन्तर्गत आता है जो तथ्यात्मक ठोस विज्ञान है। विश्व मंच पर जैसे-जैसे अपराधों की संख्या बढ़ रही है, अपराध करने की तकनीकों के रूप भी बदल रहे हैं।
प्रस्तुत कृति अपराधशास्त्र के विविध आयामों का वस्तुनिष्ठ विश्लेषण प्रस्तुत करती है। अपराधशास्त्र का सैद्धान्तिक विवेचन जैसे अपराध की अवधारणा, अपराध के सिद्धान्त, अपराध व्यवहार के समाजशास्त्रीय सिद्धान्त आदि की सम्यक् व्याख्या इस कृति में की गयी है। बाल अपराध, भारत में बाल अपराध, महिला अपराधी, सफेदपोश अपराधी, पेशेवर अपराधी, संगठित अपराध के साथ ही कारागृह परिवीक्षा, पैरोल जैसे अपराध से जुड़े संदर्भों का विशद् अध्ययन इस कृति में किया गया है। दण्ड के इतिहास और प्रकारों के साथ उत्पीड़ितों से सम्बन्धित अध्ययन भी यहाँ उपस्थित है। अपराधशास्त्र और उससे जुड़े कानूनी प्रसंगों की विशद् चर्चा यह कृति करती है।

Weight400 g
Dimensions22.5 × 14.5 × 1.5 cm

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