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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Bal Apradh बालक देश का भावी कर्णधार है, परन्तु बाल अपराध एक विकट और गंभीर समस्या बनी हुई है। डॉ. बृन्दा सिंह की यह पुस्तक बाल अपराध के कारणों, परिणामों और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों पर गहन प्रकाश डालती है। यह बालकों की परवरिश और शिक्षा-दीक्षा पर समुचित ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित करती है, जो समाज सुधारकों और गृहिणियों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Alankar Parijat भारतीय काव्यशास्त्र में अलंकारों का महत्व निर्विवाद है। डॉ. हेतु भारद्वाज और डॉ. रमेश मयंक की यह कृति काव्य के विभिन्न उपकरणों का सम्यक् और सोदाहरण विवेचन करती है। यह भारतीय तथा पश्चिमी काव्यशास्त्र की अवधारणाओं का विश्लेषण करती है, जो काव्य के मूल्यांकन और रचनाकार के उपकरण को समझने में पाठकों की मदद करती है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Samay Kabhi Thamta Nahi हेतु भारद्वाज की कहानियाँ जिन्दगी की विश्वसनीय तस्वीर प्रस्तुत करती हैं, जहाँ समय का स्पंदन पूरी शिद्दत के साथ धड़कता है। यह संग्रह ग्रामीण जीवन की विडम्बनाओं, क्रूरताओं, और बदलते वक्त की अमानवीयताओं को उभारता है, साथ ही सामाजिक बदलावों को भी रेखांकित करता है। हेतु भारद्वाज की कहानियाँ मनुष्यता और मानवीय मूल्यों की रक्षा की चिंता करती हैं।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Kamleshwar ke Katha Sahitya mein madhyavarg कमलेश्वर, स्वातंत्र्योत्तर काल के संवेदनशील रचनाकार, ने नई कहानी आंदोलन के प्रणेता के रूप में अभूतपूर्व कार्य किया। डॉ. विमलेश शर्मा की यह कृति कमलेश्वर के समस्त कथा-साहित्य का मध्यवर्गीय जीवन के केंद्र में रखकर विश्लेषण करती है, जिसमें भारतीय मध्यवर्ग के संघर्षों, विद्रूपों और बदलते वक्त की विडम्बनाओं का सजीव चित्रण मिलता है।
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Hindi Kavyashastra कविता के स्थापत्य के विविध रूपों को समझने के लिए, ‘हिन्दी काव्यशास्त्र’ एक अनिवार्य मार्गदर्शिका है। रामदेव साहू की यह कृति रस, छंद, अलंकार, काव्य-दोष, काव्यगुण, काव्य रीति, और शब्द शक्ति जैसे काव्य अवयवों का सरल भाषा में विवेचन करती है, जो साहित्य के विद्यार्थियों और सामान्य पाठकों को काव्यास्वादन करने में मदद करती है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Bhasha Vigyan हिन्दी शिक्षण की त्रासदी को दूर करते हुए, डॉ. रमेश रावत की यह पुस्तक भाषा-विज्ञान को सरलता के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। यह विषय की उपादेयता को समझाने और विद्यार्थियों में रुचि जगाने पर बल देती है, जिससे वे भाषा-विज्ञान की बारीकियों को समझने में गहरी रुचि ले सकें और हिन्दी में एक अभाव की पूर्ति हो सके।
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₹600.00 Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.
Bharat Mein Vittiya Prabandh ‘भारत में वित्तीय प्रबन्ध’ वाणिज्य एवं प्रबन्ध के विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक है। प्रो. एम.डी. अग्रवाल द्वारा लिखित यह कृति भारत में उपलब्ध व्यावसायिक वित्त के समस्त साधनों, विकास बैंकों, वित्तीय नियोजन, पूंजी संरचना, कार्यशील पूंजी, और पूंजी बजटन जैसे विभिन्न पहलुओं को उदाहरणों और तालिकाओं द्वारा स्पष्ट करती है।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Sahriya Janjati : Sahitya Evam Sanskriti वर्तमान में समाज के सभी वर्गों की जीवन पद्धति में तेजी से परिवर्तन हो रहा है, किन्तु सहरिया जनजाति आज भी अपनी परम्परागत दयनीय जीवन जी रही है। डॉ. रश्मि श्रीवास्तव की यह साहसपूर्ण कृति सहरियाओं के लोक साहित्य, संस्कृति और कलापरक पक्षों का अध्ययन प्रस्तुत करती है, जो इस अल्पज्ञात जनजाति के जीवन की बहुआयामी झांकी दिखाती है।
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Hindi Sahitya Ka Itihas हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन की परम्परा को वैज्ञानिक और सारस्वत आधार देने का श्रेय आचार्य रामचन्द्र शुक्ल को है। डॉ. हेतु भारद्वाज की यह कृति हिन्दी साहित्य के आदिकाल से रीतिकाल तक का समग्र और व्यवस्थित परिचय देती है, जो हिन्दी साहित्य के विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले युवाओं और अन्य जिज्ञासुओं की जिज्ञासाओं का शमन करेगी।
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₹800.00 Original price was: ₹800.00.₹720.00Current price is: ₹720.00.
Antharashtriya Vitta Evam Vyapar आधुनिक युग में तीव्र विश्व अन्तर्निर्भरता के कारण ‘अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार’ का महत्व बहुत अधिक बढ़ गया है। डॉ. रीता माथुर की यह पुस्तक अन्तर्राष्ट्रीय वित्त की महत्वपूर्ण समस्याओं, व्यापार के सिद्धांतों, आयात-निर्यात के वित्त, और विदेशी विनिमय जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष जानकारी प्रस्तुत करती है, जो छात्रों और शोधार्थियों के लिए उपयोगी है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Sanjh Ho Gayi तेजपाल चौधरी का उपन्यास ‘सांझ हो गई’ मानव सेवा के मूल मंत्र ‘आत्मवत् सर्वभूतेषु’ पर आधारित एक प्रयोग है। यह कृति ‘स्व’ के विस्तार की कथा है, जो व्यक्तिगत प्यार से अहंकार की बजाय मानव मात्र से प्रेम की ओर ले जाती है, जिससे सेवा सहज वृत्ति बन जाती है। यह बुजुर्ग पीढ़ी की पीड़ा और वर्तमान विसंगतियों के बीच पाठक को नया आस्वाद और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता देती है।
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Aao Laut Chale तेजपाल चौधरी का उपन्यास ‘आओ लौट चले’ प्रवाह के विरुद्ध तैरने का साहसिक प्रयास है, जिसका केंद्रीय स्वर जीवन की भव्यता और उदात्तता से जुड़ा है। यह कृति समर्पित अध्यापक, निष्ठावान पत्रकार, प्रतिबद्ध समाज सेवक और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस ऑफिसर जैसे पात्रों के माध्यम से मरुभूमि में ऑयसिस-सी शीतलता की अनुभूति कराती है, जो सर्वथा काल्पनिक नहीं हैं।
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Ek Hansi Kee Umer डॉ. लक्ष्मी शर्मा की कहानियाँ विचित्र मानसिक संघर्षों से जूझते पात्रों को पूरी विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करती हैं। ‘एक हंसी की उम्र’ संग्रह की रचनाएँ कथाकारों, समीक्षकों और पाठकों का ध्यान आकृष्ट करती हैं, जो मानवीय आवेश से पाठक को मुक्त नहीं होने देतीं। यह संग्रह डॉ. लक्ष्मी शर्मा को हिन्दी के कहानीकारों की अग्रिम पंक्ति में विशिष्ट पहचान देगा।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Chandragupta Vikramaditya – Digvijay Bhag-3 प्राचीन भारत के गुप्तकाल को स्वर्ण युग माना जाता है। ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का यह ऐतिहासिक उपन्यास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के ‘दिग्विजय’ नामक तीसरे खंड में उनके संपूर्ण जीवन, संघर्षों और आशातीत सफलताओं का वर्णन है। यह कृति भारतीय इतिहास के तीसरी से चौथी शताब्दी तक के विस्तृत काल-खंड की राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक हलचलों को महाकाव्यात्मक रूप में प्रस्तुत करती है, जो पाठक को रमाये रखती है।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Chandragupta Vikramaditya – Abhishek Bhag-2 प्राचीन भारत के गुप्तकाल को राजनीतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और ज्ञान-कला की दृष्टि से स्वर्ण युग माना जाता है। ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का यह ऐतिहासिक उपन्यास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के ‘अभिषेक’ नामक दूसरे खंड में उनके पराक्रम कौशल, उदात्त स्वभाव और संवेदनशील व्यवहार से अर्जित आशातीत सफलताओं का वर्णन है। यह कृति भारतीय इतिहास के इस काल-खंड को जीवंत करती है, जिससे पाठक भारत के बहुरंगी अतीत का अनुभव कर सकें।
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₹800.00 Original price was: ₹800.00.₹720.00Current price is: ₹720.00.
Bharat me Panchayat Raj Nivarchan प्रजातंत्र के प्रासाद की नींव सार्वजनिक संस्थानों के नियमित और निष्पक्ष चुनावों पर टिकी है। प्रो. पी.सी. माथुर और प्रो. रवीन्द्र शर्मा द्वारा संपादित यह कृति पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचन की अवधारणा, निर्वाचन प्रणाली, और विभिन्न राज्यों में इसके विश्लेषण पर केंद्रित है, जो शोधार्थियों, शोध निदेशकों और पंचायती राज में रुचि रखने वाले विद्वानों के लिए एक संपूर्ण पुस्तक है।
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₹600.00 Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.
Vishva Ki Pracheen Sabhyatae आधुनिक युग में भूमंडलीकरण ने विश्व को एक ग्राम में परिवर्तित कर दिया है, किन्तु मानव विकास में विभिन्न सभ्यताओं और संस्कृतियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। डॉ. कालूराम शर्मा और डॉ. प्रकाश व्यास की यह कृति मिस्र, सुमेरिया, बेबीलोनिया, चीन, यूनान, रोम, इस्लाम, ईसाई, भारत आदि की संस्कृतियों के संघर्षण से निर्मित मानव संस्कृति का वस्तुनिष्ठ ज्ञान प्रदान करती है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Mudran Madhyam aur Sampadan विजय कुलश्रेष्ठ द्वारा लिखित यह पुस्तक मुद्रण माध्यम और संपादन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालती है। यह पत्रकारिता के छात्रों और पेशेवरों के लिए उपयोगी है, जो मुद्रण माध्यमों के कार्य-प्रणाली और संपादन की कला को समझना चाहते हैं।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Pustkalya Sangathan Avam Parbandh आधुनिक पुस्तकालय संगठन एवं प्रबन्ध पुस्तकालय विज्ञान का एक आधारभूत विषय है। एस.डी. व्यास की यह पुस्तक पुस्तकालय के महत्व, सिद्धांतों, विकास, प्रकार, सहयोग, व्यवसाय, भवन, और उपस्कर पर प्रकाश डालती है, साथ ही पुस्तक चयन, संरक्षण, बजट प्रक्रिया और कम्प्यूटर व जालक्रमों के उपयोग पर भी जानकारी प्रदान करती है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Pustkalaya Prabhand पुस्तकालय प्रबन्ध के सिद्धांतों का बोध कराने और उसके संचालन को समझाने के उद्देश्य से लिखी गई यह पुस्तक, एस.डी. व्यास द्वारा प्रस्तुत है। यह पुस्तकालय नियोजन, संगठन, कर्मचारी व्यवस्था, निर्देशन, समन्वय, और बजट की विवेचना करती है, साथ ही कम्प्यूटर, नेटवर्किंग, और इक्कीसवीं सदी में पुस्तकालय सेवा के स्वरूप पर भी प्रकाश डालती है।