₹650.00Original price was: ₹650.00.₹585.00Current price is: ₹585.00.
Tribal Society in a Flux “Tribal Society in a Flux” by Pragya Sharma offers a comprehensive ethnographic study of the Raika community, a migratory tribal group in northwestern India. This book fills a significant gap by covering all aspects of Raika life—social, cultural, religious, health, economy, and development—with an integral approach to humanize knowledge for their betterment.
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Kavitabhar ek Umra कविता आदमी का आदिम राग है, अभिव्यक्ति की सबसे महत्वपूर्ण और सूक्ष्म विधा है। हेतु भारद्वाज की यह पुस्तक कविता के अनुशासन, रचनाकार के श्रम, और उसके स्थापत्य पर गहन विचार प्रस्तुत करती है। यह कृति बताती है कि कविता किसी जीवन-स्थिति में पाठक को रागात्मक रूप से भागीदार बनाकर उसे किसी जीवन-मूल्य से जोड़ती है, और संवेदना उसका मूल तथा जीवन-मूल्य उसका नतीजा होना चाहिए।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Samwad Prati Samwad हेतु भारद्वाज की यह पुस्तक ‘संवाद प्रति संवाद’ स्त्री की अस्मिता, पितृसत्तात्मक संस्कारों से मुक्ति, और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सवालों पर एक गहरा चिंतन प्रस्तुत करती है। यह कृति एक स्त्री के अनुभवों और विवेक पर विश्वास न करने के समाज के रवैये को उजागर करती है, और दर्शाती है कि कैसे मानसिक बंधनों से मुक्ति ही सच्ची स्वतंत्रता की ओर पहला कदम है।
₹450.00Original price was: ₹450.00.₹405.00Current price is: ₹405.00.
Hamara Samay Sarokar aur Chintayein हेतु भारद्वाज ऐसे रचनाकार हैं जो अपने समय के सवालों से जूझते हैं। ‘हमारा समय सरोकार और चिंताएँ’ नामक यह पुस्तक स्त्री की अस्मिता, पुरुष की पितृसत्तात्मक संस्कारों से मुक्ति, और राजनीति में अमर्यादित भाषा के प्रयोग जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से विचार करती है। यह कृति पाठक को बहस के लिए आमंत्रित करती है, उन्हें झकझोरती है और सोचने पर विवश करती है, जिसमें सही कहने की क्षमता का भी आभास होता है।
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.
Gopal Krishna Gokhale: Vyaktitva Evam Krutitva भारतीय इतिहास में नवजागरण और स्वाधीनता आंदोलन में गोपालकृष्ण गोखले का नाम अग्रणी है। मनीषा गुप्ते की यह कृति उनके बहुआयामी व्यक्तित्व—एक शिक्षक, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य, चिंतक और कर्मठ कार्यकर्ता—का वस्तुपरक आकलन करती है। यह पुस्तक उनके प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण, वित्तीय नीति, जनस्वास्थ्य, और नौकरशाही में सुधार जैसे व्यापक कर्मक्षेत्र पर प्रकाश डालती है, जो हिंदी भाषा में गोखले पर पहला महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Samajshastriya Chintan Ke Aadhar समाजशास्त्र एक महत्वपूर्ण सामाजिक विज्ञान है, जिसके उद्भव और विकास में पश्चिम एवं भारत के समाजशास्त्रियों के चिंतन का विशेष योगदान रहा है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा की यह पुस्तक समाजशास्त्र के उद्भव, विकास, और प्रमुख अग्रणियों—ऑगस्त कॉम्ट, हर्बर्ट स्पेन्सर, कार्ल मार्क्स, इमाइल दुर्खीम, और मेक्स वेबर—के योगदानों पर प्रकाश डालती है। यह कृति हिन्दी भाषी पाठकों को समाजशास्त्रीय चिंतन के मूलाधार का परिचय देने में सफल सिद्ध होगी।
₹700.00Original price was: ₹700.00.₹630.00Current price is: ₹630.00.
Mundak Upanishad ऋषि शौनक ने ब्रह्मर्षि अंगिरस से परा-विद्या और अपरा-विद्या का ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रार्थना की। अर्जुन देव आर्य ‘विषम’ द्वारा प्रस्तुत यह मुण्डक उपनिषद् ब्रह्म-विद्या के ज्ञान का एक महत्वपूर्ण अंश है। इसमें अथर्ववेद के माध्यम से ईश्वर-जीव और प्रकृति के ज्ञान द्वारा सृष्टि निर्माण, जीवात्मा का मोक्ष, और जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति प्राप्त करने का विस्तृत ज्ञान दिया गया है, जो पाठक को मोक्ष मार्ग पर अग्रसर होने में सहायक है।
₹700.00Original price was: ₹700.00.₹630.00Current price is: ₹630.00.
Prashnopanishd छः ऋषियों द्वारा पूछे गए सृष्टि निर्माता, जगत् का उपादान कारण, सर्वश्रेष्ठ देवता, शरीर के संचालन, स्वप्न, सुख-दुःख, और ओंकार के ध्यान से संबंधित प्रश्नों का उत्तर गुरु ऋषि पिप्पलाद ने वेदों के ज्ञान द्वारा अत्यंत उत्तम प्रकार से सिखाया है। अर्जुन देव आर्य ‘विषम’ द्वारा लिखित यह प्रश्नोपनिषद्, पाठक को जीवन में इन ज्ञान को उतारकर परमेश्वर की निकटता प्राप्त करने का मार्ग बताती है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Kenopanishad यह उपनिषद् वेदमूलक है और तलवकारोपनिषद् के भाष्य का रूप है। अर्जुन देव आर्य ‘विषम’ द्वारा लिखित ‘केनोपनिषद’ हमें उस परमपिता परमेश्वर ‘ओउम्’ के स्वरूप का निरूपण करती है जो मन-इंद्रियों और प्राणों का संचालक है, तथा समस्त ब्रह्मांड को स्वनिर्मित नियमों से चलाता है। इस उपनिषद् का अध्ययन-स्वाध्याय पाठक के मन-मस्तिष्क से मिथ्या भ्रम दूर कर जीवन को सफलता की ओर अग्रसर करता है।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Mandukya Upanishad ब्रह्मविद्या की यह पुस्तक सर्वाधिक उत्तम और अद्वैतवादियों को अत्यंत प्रिय है। अर्जुन देव आर्य ‘विषम’ द्वारा लिखित ‘माण्डूक्य उपनिषद’ ब्रह्म की चार अवस्थाओं—वैश्वानर, तेजस, प्राज्ञ, और तुरीय—का वर्णन करती है। यह पाठक को जीवन आनंद की ओर ले जाकर मोक्ष की ओर अग्रसर होने का मार्ग बताती है, जहाँ जीवात्मा सर्वत्र ब्रह्म की उपस्थिति महसूस कर उसी में लीन होकर आनंद प्राप्त करती है।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Ishopanishad सच्चिदानंद ब्रह्म ने मनुष्य योनि को सत्य और चित्त (चेतन्य) का ज्ञान प्रदान किया है। अर्जुन देव आर्य ‘विषम’ द्वारा लिखित यह ईशोपनिषद् यजुर्वेद का अंतिम अध्याय है, जो मन-इंद्रियों और प्राणों का संचालक परमेश्वर ‘ओउम्’ के स्वरूप का निरूपण करती है। इसका अध्ययन-चिंतन-मनन पाठक के मन-मस्तिष्क से मिथ्या भ्रम दूर कर जीवन को सफलता की ओर अग्रसर करता है।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Bade Aadmi पूरन सरमा का व्यंग्य-संग्रह ‘बड़े आदमी’ विद्रूप चेहरों पर गहरी चोट करता है और उन विसंगतियों को उकेरता है जो हमारे परिवेश में रच-बस गई हैं। यह संग्रह मानवीय मुद्राओं को नई बुनघट से नये मुहावरे में गूँथता है, जिसमें बिखरते मूल्यों को सहेजने की सघन वकालत है। व्यंग्यों की शैली नूतन प्रयोगों के साथ उद्घाटित होती है, जिसमें कलात्मक अनुशासन और विनोद भाव दोनों प्रकट होते हैं।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Farji Se Paida Bhayo शंकर पुणतांबेकर व्यंग्य साहित्य के बुजुर्ग नामों में से एक हैं, जिन्होंने व्यंग्य को एक विधा माना और उसकी स्थापना में विवेचनात्मक आलेख प्रस्तुत किए। ‘फर्जी से पैदा भयो’ एक विशिष्ट व्यंग्य-संकलन है, जिसमें ‘अमृतसर की गलियों के ताँगेवालों की ज़बान’ की तरह महीन मार है। यह कृति विडम्बना को विदग्धता से प्रस्तुत करती है, जिससे विक्षोभ उत्पन्न होता है, और लेखक की सिद्धहस्त चतुर बयानी में से अपने आप उत्पन्न होने वाली सरसता और रोचकता है।
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.
Hindi Patrakarita Ke Nutan Ksitij हिन्दी पत्रकारिता के बहुआयामी विकास और उसके उत्कर्ष का विश्लेषण करने वाली यह कृति, डॉ. मनोहर प्रभाकर और डॉ. कल्याण प्रसाद वर्मा द्वारा प्रस्तुत है। यह सूचना-प्रवाह, सामग्री वैविध्य, मोहक मुद्रण और साज-सज्जा की दृष्टि से हुई प्रगति-यात्रा को उजागर करती है, जो पाठकों के मन और मस्तिष्क को झकझोरने वाली है, और मीडिया के विभिन्न पहलुओं के अध्येताओं की जिज्ञासा को तृप्त करती है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Agyea Ka Kavya: Jeevan-Satya Aur Darshan सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन अज्ञेय, प्रयोगवाद के प्रणेता और नई कविता के शलाका पुरुष थे। डॉ. मीता शर्मा की यह कृति अज्ञेय के काव्य पर जीवन-सत्य, जीवन मूल्य और दर्शन की दृष्टि से विचार करने वाली एक गंभीर, विश्लेषणात्मक और आलोचनात्मक पुस्तक है। यह भारतीय और पाश्चात्य दार्शनिक चिन्तन, तथा आधुनिक काव्यान्दोलनों का अज्ञेय के काव्य पर प्रभाव का प्रमाण-सम्मत प्रतिपादन करती है।
₹900.00Original price was: ₹900.00.₹810.00Current price is: ₹810.00.
Media Evam Soochana Prodyogiki Kosh हिंदी में मीडिया एवं सूचना प्रौद्योगिकी विषयक यह प्रथम विस्तृत, शोधपूर्ण, विवेचनात्मक एवं प्रामाणिक कोश है। प्रोफेसर रमेश जैन और डॉ. कैलाश शर्मा द्वारा लिखित यह कृति सूचना प्रौद्योगिकी, संचार एवं उपग्रह, दूरसंचार एवं कंप्यूटर, इंटरनेट, वेब जर्नलिज्म, मल्टीमीडिया, और प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विभिन्न शब्दों की विस्तृत व्याख्या सहित जानकारी प्रदान करती है, जो शिक्षार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹135.00Current price is: ₹135.00.
Ekla Chalo Re समकालीन हिन्दी कहानी के विकास में श्याम जांगिड़ एक सुपरिचित नाम है। उनकी कहानियाँ न शैल्पिक-घटाटोप से आक्रांत हैं न भाषा के दिखावटी विलास से, बल्कि उनमें ज़िन्दगी की विद्रूपताएँ और अभावग्रस्तता के बावजूद जीवन के प्रति मोह का स्पंदन है। ‘एकला चलो रे’ संग्रह की कहानियाँ ‘हंस’, ‘कथादेश’ जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं और पाठक को चकित, झंकृत और व्याकुल करती हैं।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Paristhitiki Evam Paryavaran ‘पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण’ हरिश्चंद्र व्यास द्वारा लिखित एक ऐसी पुस्तक है जो पारिस्थितिक-संतुलन और शुद्ध पर्यावरण के महत्व को उजागर करती है। यह विभिन्न प्रदूषणों का प्रामाणिक आधार पर विवरण प्रस्तुत करती है, उनके कारणों, परिणामों और निवारणों के साथ-साथ पारिस्थितिक-संतुलन स्थापित करने के लिए सृजनात्मक एवं व्यावहारिक सुझाव देती है, जो पर्यावरण संचेतना की दिशा में एक अनूठी कृति है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Bhartrihari ki Amar Rachna नीति, वैराग्य और श्रृंगार-शतकों के प्रणेता महाराजा भर्तृहरि की अमर रचनाओं का डॉ. पी.डी. शर्मा द्वारा अंग्रेजी में सरस अनुवाद। यह कृति भर्तृहरि के व्यापक अनुभव संसार और उनकी वाणी के मुख्य भाव वैराग्य को दर्शाती है, जो तीनों शतकों में व्यक्त भावशवलता, अभिव्यक्ति की भास्वरता और भाषा की सहजता के कारण विश्व की अनेक भाषाओं में अनूदित हुए हैं।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Sathottari Hindi Kahani Sahitya mein Chitrit Gramin Samasyein भारत एक कृषि प्रधान देश है और इसकी सामाजिक संरचना ग्रामीण जीवन पर टिकी है। डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद की यह आलोचना कृति साठोत्तरी हिन्दी कहानी साहित्य में चित्रित ग्रामीण समस्याओं का समाजशास्त्रीय, नृशास्त्रीय, राजनीतिक और साहित्यिक दृष्टि से मूल्यांकन करती है। यह रेणु, मार्कण्डेय, शेखर जोशी जैसे कहानीकारों द्वारा चित्रित बदलते ग्रामीण जीवन का जीवंत दस्तावेज है।