पंचशील प्रकाशन

Showing 361–380 of 482 resultsSorted by popularity

  • Sale! Hindi Lalit Nibhand ki Pehachan : Kubernath Roy

    हिंदी ललित निबंध की पहचान : कुबेरनाथ राय

    Original price was: ₹700.00.Current price is: ₹630.00.

    कुबेरनाथ राय के ललित निबंधों की विशिष्ट पहचान और उनके प्रकांड वैदुष्य का गहन विश्लेषण। यह पुस्तक संस्कृति-बोध, लोक-जीवन और विभिन्न भाषाओं के ज्ञान के अद्भुत संगम को उजागर करती है, जो उन्हें हिंदी के महान ललित निबंधकार बनाते हैं।

  • Sale! Adhunik Hindi Kavita Ka Vikas

    आधुनिक हिंदी कविता का विकास

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    भारतेन्दु काल से लेकर वर्तमान तक आधुनिक हिंदी कविता के विकास का समग्र रेखांकन। यह कृति कविता के विभिन्न पड़ावों, वैचारिक मोड़ और शिल्पगत परिवर्तनों का विश्लेषण करती है, छात्रों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक पूर्ण मार्गदर्शिका।

  • Sale! Gautamiputra Bhag-2 (Aanchal Ka Dudh)

    गौतमीपुत्र भाग-2 (आँचल का दूध)

    Original price was: ₹800.00.Current price is: ₹720.00.

    गौतमीपुत्र सातकर्णि के असाधारण पराक्रम और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण की गाथा। यह ऐतिहासिक उपन्यास शैव, बौद्ध और ब्राह्मण मतों की साधना-पद्धति, सामंती व्यवस्था और तत्कालीन जीवन की गहन अनुभूति को जीवंत करता है।

  • Sale! Gautamiputra Bhag-1 (Saddharm Ka Mahavat)

    गौतमीपुत्र भाग-1 (सद्धर्म का महावत)

    Original price was: ₹700.00.Current price is: ₹630.00.

    द्वितीय शताब्दी के संक्रांति काल पर आधारित यह ऐतिहासिक उपन्यास, गौतमीपुत्र सातकर्णि के अपराजेय व्यक्तित्व को चित्रित करता है। यह युग के ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहलुओं को सहजता से अभिव्यक्त करता है।

  • Sale! Soochna Ke Srot

    सूचना के स्रोत

    Original price was: ₹600.00.Current price is: ₹540.00.

    सूचना के विभिन्न स्रोतों की आवश्यकता, महत्व और उन्हें प्राप्त करने के तरीकों पर केंद्रित यह पुस्तक, शब्दकोश, विश्वकोश, वार्षिकी और सामयिकी जैसे संसाधनों का विस्तृत परिचय देती है। पुस्तकालय कर्मचारियों और आम पाठकों के लिए एक अनिवार्य मार्गदर्शिका।

  • Sale! Pustkalaya Soochikaran Ke Sidhant

    पुस्तकालय सूचीकरण के सिद्धांत

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    प्रस्तुत पुस्तक ‘पुस्तकालय सूचीकरण के सिद्धान्त’ में पुस्तक सूचीकरण के प्रत्येक पक्ष को उजागर करने का प्रयास किया गया है। पुस्तक को छात्रोपयोगी बनाने के लिये बी.लिब व एम.लिब. एस-सी. के पाठ्यक्रमों को ध्यान में रखा गया है। इन्दिरा गाँधी खुला विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम को विशेष रूप से पुस्तक के कलेवर में समेटने का प्रयत्न किया गया है। क्लासीफाईड, कैटैलोग कोड (पंचम संस्करण) ए.ए.सी.आर. (II) दोनों के सिद्धान्तों के आधार पर प्रविष्टियों का वर्णन है तथा जहाँ आवश्यकता हुई दोनों पद्धतियों का तुलनात्मक विवरण भी प्रस्तुत किया है।

    पुस्तक में सूचीकरण के क्षेत्र की नवीनतम जानकारी दी गई है एवं सूचीकरण की हर विधा पर ध्यान रखा गया है। नॉन बुक मैटीरियल, मार्क, सी.डी. रोम आदि सभी आधुनिक तकनीकों का समावेश भली प्रकार समझाया गया है। विषय सम्बन्धी सभी पहलुओं को छुआ गया है।

    पुस्तक की भाषा एवं शैली को सरल बनाने के लिये साधारण बोलचाल की भाषा का प्रयोग किया गया है। हिन्दी के शब्दों के साथ अँग्रेजी के दिन-प्रतिदन बोले जाने वाले शब्द भी दिये गये हैं और कहीं-कहीं तो हिन्दी के क्लिष्ट शब्दों के स्थान बोलचाल के अँग्रेजी शब्दों का ही प्रयोग किया गया है जिससे कि विषय को समझने में कठिनाई नहीं हो।

  • Sale! Grameen Sthaniya Prashaasan Evam Grameen Vikas

    ग्रामीण स्थानीय प्रशासन एवं ग्रामीण विकास

    Original price was: ₹995.00.Current price is: ₹896.00.

    ग्रामीण स्थानीय प्रशासन और विकास योजनाओं का विस्तृत विवेचन। यह पुस्तक पंचायती राज के क्रमिक विकास, संरचना, वित्त और ग्रामीण विकास के प्रतिमानों को गहराई से उजागर करती है, छात्रों, शोधकर्ताओं और नीति-नियोजकों के लिए अत्यंत उपयोगी।

  • Sale! Suchna Prodhyogiki

    सूचना प्रौद्योगिकी

    Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

    Suchna Prodhyogiki ‘सूचना प्रौद्योगिकी’ से जुड़ी मूलभूत जानकारी प्रदान करना इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य है। प्रहलाद शर्मा की यह पुस्तक सूचना प्रौद्योगिकी की आवश्यकता एवं महत्व, कम्प्यूटर का परिचय एवं विकास, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, इन्टरनेट, ई-मेल, वायरस, नेटवर्किंग, और ई-कामर्स जैसे सभी पहलुओं को विस्तार से समझाती है। यह कृति पुस्तकालयों में कम्प्यूटर के उपयोग और पुस्तकालय नेटवर्क के बारे में विस्तृत सूचना देती है, जो पाठकों के लिए लाभकारी है।

  • Sale! Meri Priya Vyang Rachnayen

    मेरी प्रिय व्यंग्य रचनायें

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    सूर्यबाला की व्यंग्य यात्रा उनकी कथा यात्रा के समानांतर चलती आई है, जिसमें विट, ह्यूमर और परिहासी आवरण के बीच से विद्रूप उपजता है। ‘मेरी श्रेष्ठ व्यंग रचनाएँ’ संग्रह में आक्रोश और करुणा दोनों है, जिसमें शिष्ट हास्य को व्यंग्य की नक्काशी माना गया है। यह कृति ‘यात्रा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन की’ जैसे व्यंग्यों के माध्यम से सामाजिक विद्रूपताओं पर तीखा प्रहार करती है, जो पाठकों को विचारोत्तेजक और असरदार लगती है।

  • Sale! Shah Alam

    शाह आलम

    Original price was: ₹175.00.Current price is: ₹158.00.

    Shah Alam सुरेन्द्र कांत का उपन्यास ‘शाहआलम’ मुगल खानदान के गौरव के क्षरण की त्रासद कथा है, जहाँ मुगल शाहजादे विलास में डूबे निस्तेज और जर्जर हो रहे थे। यह कृति शाहआलम के देशभक्त और बहादुर सिपाही के रूप में भारत के राजाओं को जोड़कर दिल्ली के पुराने गौरव को प्राप्त करने के प्रयास को दर्शाती है, जो अपनी चारित्रिक दृढ़ता और पराक्रमशीलता से महान बनता है।

  • Sale! Mudra Banking Evam Rajasv

    मुद्रा बैंकिंग एवं राजस्व

    Original price was: ₹700.00.Current price is: ₹630.00.

    Mudra Banking Evam Rajasv मुद्रा के आविष्कार से मानव के आर्थिक व्यवहारों को एक नवीन स्वरूप प्राप्त हुआ, जिससे अर्थव्यवस्था का समुचित विकास संभव हुआ। डॉ. रीता माथुर की यह पुस्तक ‘मुद्रा बैंकिंग एवं राजस्व’ में मुद्रा, बैंकों के विकास, सार्वजनिक वित्त, मुद्रा का मूल्य-निर्देशांक, साख सृजन, और मौद्रिक नीति जैसे महत्वपूर्ण अवधारणाओं को सम्मिलित किया गया है, जो छात्रों, शोधकर्ताओं, और नीति निर्धारकों के लिए उपयोगी है।

  • Sale! Aarthik Avadharnaayein Evam Vidhiya

    आर्थिक अवधारणायें एवं विधिया

    Original price was: ₹700.00.Current price is: ₹630.00.

    Aarthik Avadharnaayein Evam Vidhiya अर्थशास्त्र को एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण विषय के रूप में मान्यता प्राप्त है। डॉ. रीता माथुर की यह पुस्तक ‘आर्थिक अवधारणाएँ एवं विधियाँ’ आर्थिक समस्याएँ, राष्ट्रीय आय, कीमत तंत्र, मांग एवं पूर्ति के मूल तत्व, मुद्रा की प्रकृति एवं कार्य, और सांख्यिकी विधियों जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को सम्मिलित करती है। यह पुस्तक छात्रों, अध्यापकों, और नीति निर्धारकों के लिए सार्थक सिद्ध होगी।

  • Sale! Antharashtriya Vyapar: Sidhanth avam Vyvhar

    अन्तर्राष्ट्रिय व्यापारः सिद्धांत एवं व्यवहार

    Original price was: ₹800.00.Current price is: ₹720.00.

    Antharashtriya Vyapar: Sidhanth avam Vyvhar विश्व में कोई भी राष्ट्र स्वयं में पूर्णतः स्वतंत्र अथवा स्वनिर्भर नहीं है, सभी राष्ट्र एक-दूसरे पर निर्भर हैं। प्रो. बी.एल. माथुर की यह पुस्तक ‘अन्तर्राष्ट्रीय व्यापारः सिद्धांत एवं व्यवहारः’ अन्तर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्र के सिद्धांतों, आधुनिकतम विकास, और समस्याओं का विवेचन तथा निदान प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक छात्रों, प्राध्यापकों, शोधकर्ताओं, और नीति-निर्धारकों के लिए विशेष उपयोगी है।

  • Sale! Samajshastriy Anusandhan Ke Tark Evam Paddhatiyain

    समाजशास्त्रीय अनुसन्धान के तर्क एवं पद्धतियां

    Original price was: ₹800.00.Current price is: ₹720.00.

    Samajshastriy Anusandhan Ke Tark Evam Paddhatiyain ‘समाजशास्त्रीय अनुसंधान के तर्क एवं पद्धतियाँ’ में समाजशास्त्रीय शोध से संबंधित सभी महत्वपूर्ण विषयों और प्रकरणों को बखूबी समेटा गया है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा की यह पुस्तक सामाजिक अनुसंधान की प्रकृति, प्रयोजन का चयन, और प्ररचना की विस्तार से विवेचना करती है। यह सामग्री संकलन की प्रविधियों—अवलोकन, प्रश्नावली, अनुसूची, साक्षात्कार—और निदर्शन के विभिन्न प्रकारों का वर्णन करती है, जो शोध कार्य में रुचि रखने वाले सभी पाठकों के लिए उपादेय सिद्ध होगी।

  • Sale! Bharatiya Samajik Vyavastha

    भारतीय सामाजिक व्यवस्था

    Original price was: ₹800.00.Current price is: ₹720.00.

    Bharatiya Samajik Vyavastha ‘भारतीय सामाजिक व्यवस्था’ एक जटिल समग्र है जिसे समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से समझना आवश्यक है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा की यह पुस्तक भारतीय समाज और संस्कृति के समन्वय, भारतीय परंपरा, संस्कृतिकरण, पश्चिमीकरण, आधुनिकीकरण, और विभिन्न उप-सामाजिक व्यवस्थाओं—आश्रम, वर्ण, जाति, हिन्दू विवाह, संयुक्त परिवार—का विस्तृत विवेचन करती है। यह कृति भारतीय सामाजिक परिवर्तन की प्रमुख प्रक्रियाओं का व्याख्यात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

  • Sale! Saiddhantik Samajshastra

    सैद्धान्तिक समाजशास्त्र

    Original price was: ₹800.00.Current price is: ₹720.00.

    Saiddhantik Samajshastra समाजशास्त्र विषय शिक्षा जगत में एक महत्वपूर्ण सामाजिक विज्ञान के रूप में स्थापित हो गया है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा की यह पुस्तक ‘सैद्धान्तिक समाजशास्त्र’ समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य के अनुसार मानव समाज के विभिन्न पक्षों एवं आयामों का व्यवस्थित ज्ञान प्रदान करती है। यह समाजशास्त्र की महत्वपूर्ण अवधारणाओं, संस्थाओं, कार्यविधियों, तथ्यों, और सिद्धांतों का मौलिक ज्ञान प्रदान करती है, जो छात्रों, शोधकर्ताओं, और प्रतियोगियों के लिए उपयोगी है।

  • Sale! Bhartiya Samaj me Naree

    भारतीय समाज में नारी

    Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

    Bhartiya Samaj me Naree वर्तमान सदी में उभरे नारी विमर्श में ‘भारतीय समाज में नारी’ एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा द्वारा लिखित यह कृति नारी की अस्मिता की रक्षा के लिए किए जा रहे औपचारिक प्रयासों, नारी समस्याओं और उनके निराकरण के उपायों का विश्लेषण करती है। यह लिंग और जेंडर अवधारणाओं, समानता, न्याय, और संवैधानिक प्रावधानों की विशद् व्याख्या करती है, जो पाठ्यक्रमों के लिए विश्वसनीय सामग्री है।

  • Sale! Krashi Arthashastra

    कृषी अर्थशास्त्र

    Original price was: ₹800.00.Current price is: ₹720.00.

    Krashi Arthashastra विकासोन्मुख राष्ट्रों के आर्थिक विकास के लिए कृषि का विकास परम आवश्यक है। डॉ. रीता माथुर की यह पुस्तक ‘कृषि अर्थशास्त्र’ कृषि की विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान से संबंधित प्रामाणिक तथ्यों और सरकार की नीतियों का तर्कपूर्ण विवेचन प्रस्तुत करती है। यह स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, और नीति-निर्धारकों के लिए विशेष उपयोगी है।

  • Sale! Vyangya Vidhya ke Vikas me Dr. Ajay Anuragi ka yogdan

    व्यंग्य विद्या के विकास में डॉ. अजय अनुरागी का योगदान

    Original price was: ₹550.00.Current price is: ₹495.00.

    Vyangya Vidhya ke Vikas me Dr. Ajay Anuragi ka yogdan ‘व्यंग्य विधा के विकास में डॉ. अजय अनुरागी का योगदान’ विषय पर केंद्रित यह पुस्तक, डॉ. मंजू द्वारा लिखित, समकालीन व्यंग्य साहित्य में डॉ. अजय अनुरागी के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर को दर्शाती है। यह कृति उनके व्यापक व्यंग्य दृष्टि, लेखन के साथ-साथ विश्लेषण एवं मूल्यांकन की क्षमता, और व्यंग्य आलोचना में उनके योगदान को उभारकर व्यंग्य विधा के विकास में उनकी भूमिका को रेखांकित करती है।

Need help?