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Hindi Nibandh: Udbhav Aur Vikas
By: Dr. Hetu Bharadwaj (+1 more)₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.हिंदी निबंध की जटिल विधा के उद्भव और विकास का सम्यक् रेखांकन। यह पुस्तक निबंध के स्वरूप, भाषिक संयम और रचनात्मक विन्यास की बारीकियों को सरल भाषा में समझाती है, जो विश्वविद्यालयी और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।
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Adhunik Hindi Kavita Ka Vikas
By: Dr. Hetu Bharadwaj (+1 more)₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.भारतेन्दु काल से लेकर वर्तमान तक आधुनिक हिंदी कविता के विकास का समग्र रेखांकन। यह कृति कविता के विभिन्न पड़ावों, वैचारिक मोड़ और शिल्पगत परिवर्तनों का विश्लेषण करती है, छात्रों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक पूर्ण मार्गदर्शिका।
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Hindi Sahitya Ka Itihas
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.Hindi Sahitya Ka Itihas हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन की परम्परा को वैज्ञानिक और सारस्वत आधार देने का श्रेय आचार्य रामचन्द्र शुक्ल को है। डॉ. हेतु भारद्वाज की यह कृति हिन्दी साहित्य के आदिकाल से रीतिकाल तक का समग्र और व्यवस्थित परिचय देती है, जो हिन्दी साहित्य के विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले युवाओं और अन्य जिज्ञासुओं की जिज्ञासाओं का शमन करेगी।
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Hindi Katha Sahitya Ka Itihas
By: Hetu Bharadwaj₹150.00Original price was: ₹150.00.₹135.00Current price is: ₹135.00.Hindi Katha Sahitya Ka Itihas हिन्दी कहानी के एक शताब्दी के हलचल भरे, किन्तु अकादमिक दृष्टि से समृद्ध इतिहास का मूल्यांकन। हेतु भारद्वाज की यह कृति गुलेरी की ‘उसने कहा था’ से लेकर प्रेमचन्द, प्रसाद, जैनेन्द्र, और स्वातंत्र्योत्तर काल के कहानीकारों तक की विकास यात्रा को निर्लिप्त भाव से समझने का प्रयास करती है, हिन्दी कहानी के विभिन्न आंदोलनों और प्रवृत्तियों का मूल्यांकन करती है।
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Hindi Natak: Udbhav Aur Vikas
By: Dr. Hetu Bharadwaj (+1 more)₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.Hindi Natak: Udbhav Aur Vikas हिन्दी नाटक और रंगमंच के उद्भव, विकास और अद्भुत प्रयोगों का वस्तुनिष्ठ आकलन। यह कृति नाट्यशास्त्र के सिद्धांतों और भारत में नाटक की दैवी उत्पत्ति से लेकर आधुनिक प्रगति तक की विस्तृत यात्रा का विश्लेषण करती है और पाठकों के समक्ष नाटक और रंगमंच का समूचा परिदृश्य प्रस्तुत करती है।

Prachin Kavya : Aadikal Evam Nirgun Bhaktikavya
Katha Sahitya
Bhumi Vidhiya Evam Rajasv Nyayalay Prashasan