Vishav ke Adbhut Samundree Jeev
विशव के अदभुत समुंद्री जीव
Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
You Save 10%
Vishav ke Adbhut Samundree Jeev समुद्री जीवों की कम जानकारी को दूर करती यह पुस्तक, डॉ. परशुराम शुक्ल द्वारा प्रस्तुत है। यह विश्व के सागरों और महासागरों में पाए जाने वाले 25 अद्भुत जीवों—आवरणहीन समुद्री तितली, गरुड़ रे, डॉक्टर झींगा, पायलट ह्वेल—का परिचय देती है। यह पुस्तक समुद्री जीवों के महत्व को समझाती है, जो सागर के पानी को स्वच्छ बनाए रखते हैं।
In stock
जनसामान्य को जलचरों अर्थात् पानी में रहने वाले जीवों की बहुत कम जानकारी है। हमारे सागरों, महासागरों, झीलों, नदियों, खारे पानी के कुण्डों, तालाबों आदि में ऐसे-ऐसे विलक्षण जीव पाये जाते हैं। इनमें बहुत से जीव तो ऐसे हैं, जिनका लोगों ने नाम तक नहीं सुना होगा।
जलचरों को उनके निवास के आधार पर तीन वर्गों में विभाजित किया जा रहा है। एक, वे जलचर जो अपना सम्पूर्ण जीवन सागरों और महासागरों में व्यतीत करते हैं। दूसरे, वे जलचर, जो अपना सम्पूर्ण जीवन ताजे पानी की नदियों, झीलों, तालाबों आदि में व्यतीत करते हैं। तीसरे, वे जलचर, जो सागरों और महासागरों के खारे पानी के साथ ही ताजे पानी की नदियों आदि में भी सरलता से रह सकते हैं। मुहाने का मगर इसका सर्वोत्तम उदाहरण है।
विश्व के सागरों और महासागरों में पाये जाने वाले कुछ जीव जमीन पर भी आ जाते हैं। समुद्री कछुए इसका सर्वोत्तम उदाहरण हैं। ‘विश्व के अद्भुत समुद्री जीव’ पुस्तक में इसी प्रकार के 25 जीवों का परिचय दिया गया है। ये हैं-आवरणहीन समुद्री तितली, गरुड़ रे, ग्रीनलैण्ड सील, टेलिन घोंघा, डॉक्टर झींगा, तकिया तारा, तटीय केकड़ा, पंखा कृमि, पायलट ह्वेल, प्रॉन, फिन ह्वेल, बॉक्स केकड़ा, बैंगनी समुद्री घोंघा, बौना महाचिंगट, भ्रामक-हिंसक ह्वेल, मैंग्रोव केकड़ा, लिम्पेट, वाण कृमि, सन्यासी केकड़ा, समुद्री खरगोश, समुद्री स्लेटर, समुद्री स्किवर्ट, साइपन कृमि, सामान्य डालफिन और सारंगी केकड़ा।
समुद्री जीव मानव के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। सड़ा-गला मांस खाने वाले जीव सागर के पानी को स्वच्छ बनाये रखते हैं। इस पुस्तक का उद्देश्य मानव को समुद्री जीवों के महत्त्व से परिचित कराना है।
| Weight | 305 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1.5 cm |
| Genre | |
| Textbook Genre |
















Maansarovar (Bhag-4)
Satyapath
Aadhunik Hindi Upanyas aur Stri Vimarsh
Bharat Ka Itihas (1200-1760)
Kankaal
Forts & Palaces of Rajasthan: History, Art and Architecture
Godan
Padhya-Gadhya Sankalan
Sant Kavi Raidas : Jeevan Aur Srajan
Manav Bhugol
Aadhunik Vishv
Sanskriti aur Sahitya
Concept and National Policy of Human Rights
Up Samajshastrao Ka Parichya
Daftar Mein Vasant
Human Rights Challenges and Institutional Response
Rasayan Vigyan
Kamayani
Bhartiya Samaj Mudde Aur Samasyan
Bharat Me Samajik Parivartan
Bhartiya Rajnyan
Sudamacharit
Samajshastra Vishvkosh
Bade Aadmi
Jeevan Jeene Ki Kala
Vikray Kala avam Vikray Prabhand
Reviews
There are no reviews yet.