Van Vinash avam Prabandhn
वन विनाश एवं प्रबंध
Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
You Save 10%
Van Vinash avam Prabandhn पर्यावरण केवल विकासशील राष्ट्रों की ही नहीं, समूचे विश्व की समस्या है। डॉ. डी. के. ठाकुर की यह पुस्तक वनों के विनाश से होने वाली हानियों और वन संरक्षण प्रबंधन को विस्तार से समझाती है। यह पर्यावरण प्रदूषण को रोकने और पारिस्थितिकी के असंतुलन को नियंत्रित करने में कानून की भूमिका पर भी प्रकाश डालती है।
In stock
पर्यावरण केवल विकासशील राष्ट्रों की ही नहीं, समूचे विश्व की समस्या है क्योंकि सम्पूर्ण विश्व अथवा कहें कि सम्पूर्ण वसुधा एक है और उस पर रहने वाले सभी जीवधारी पर्यावरण में हुए किसी बदलाव से अवश्य ही प्रभावित होते हैं। कहने को तो हमारे चारों ओर का वायुमण्डल जिसमें हम और जीवधारी रहते हैं, सब मिलकर पर्यावरण बनाते हैं, किन्तु वास्तव में पर्यावरण बड़ा व्यापक शब्द है। पर्यावरण का तात्पर्य उस समूची भौतिक एवं जैविक अवस्था से हैं, जिसमें जीवधारी रहते हैं, बढ़ते-पनपते हैं और अपनी स्वाभाविक प्रवृत्तियों का विकास करते हैं।
पर्यावरण प्रदूषण को रोकने तथा पारिस्थितकी के असंतुलन को रोकने हेतु कानून एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, यह समय- समय पर सुस्पष्ट किया जा चुका है। मानवीय पर्यावरण पर स्टॉकहोम में हुए अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में इस बात की स्पष्ट घोषणा की गई थी कि समस्त विश्व सरकारें अपनी नीतियों को इस प्रकार सूत्रबद्ध करेंगी कि पर्यावरण की गुणवत्ता वर्तमान व भावी पीढ़ी के लाभ हेतु संरक्षित की जा सके। इस सम्मेलन में प्रतिपादित सिद्धान्तों को कार्यान्वित करने हेतु विभिन्न राष्ट्रों ने अनेक राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किये।
प्रस्तुत पुस्तक में वनों के विनाश से होने वाली हानियों तथा वन संरक्षण प्रबन्धन को विस्तार से समझाया गया है।
| Weight | 390 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 2 cm |






Reviews
There are no reviews yet.