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Taraju mein neta

तराजू में नेता

Author(s): Ajay Anuragi
Language: Hindi
Format: Hardcover
Pages: 176
Edition: First, 2012
ISBN: 978-93-80071-13-8

Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

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समाज के वास्तविक चेहरे को उजागर करने वाला यह व्यंग्य संग्रह, आधुनिकता के नाम पर श्रम और मानवीयता के अवमूल्यन पर तीखा प्रहार करता है। यह राजनीति की अवसरवादिता और प्रशासन की निष्क्रियता पर कटाक्ष करते हुए आम आदमी की परेशानियों को उजागर करता है।

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व्यंग्य लेखन के क्षेत्र में अजय अनुरागी एक जाना-पहचाना नाम है। अजय व्यंग्य की नयी पीढ़ी के सशक्त हस्ताक्षर हैं तथा व्यंग्य लेखन एवं व्यंग्य आलोचना में समान रूप से अधिकार रखते हैं।

‘तराजू में नेता’ अजय अनुरागी का सातवाँ व्यंग्य संग्रह है। इस संग्रह के व्यंग्यों में व्यंग्कार ने समाज के वास्तविक चेहरे को उजागर किया है। आज सभ्य समाज ने विकास और आधुनिकता के नाम पर श्रम और पसीने के महत्त्व को नगण्य मान लिया है तथा उसने पूँजी की चमक से चौंधियाकर दलित-पतित-गलित व्यक्ति को उपहास एवं उपेक्षा का पात्र बना दिया है। वह गरीबी के अंधकार में गुमनाम हो गया है। व्यंग्यकार ने समाज की इसी विसंगति को यथार्थ की रोशनी में उभारा है।

‘नावक के तीर’ की तरह ये व्यंग्य कम शब्दों में प्रखर मारक क्षमता के साथ लिखे गये हैं। अपने समय व समाज में घटित तमाम घटनाओं का गवाह बनते हुए व्यंग्यकार ने हर स्थिति-परिस्थिति पर अपनी कलम चलायी है। दैनिक जीवन से जुड़े हुए अनेक क्रिया-कलाप किस तरह अनुरागी की व्यंग्य परिधि में आ जाते हैं, यह इन व्यंग्यों को पढ़ने के बाद ही जाना जा सकता है।

इस संग्रह में राजनीति की अवसरवादिता तथा प्रशासन की हृदयहीनता व निष्क्रियता पर व्यंग्यकार की नजर अधिक गयी है। संग्रह के अधिकांश व्यंग्य इन्हीं पर केन्द्रित हैं। आम आदमी के आम जीवन में आने वाली परेशानियों को बढ़ाने वाली व्यवस्था पर व्यंग्यकार के तीखे तेवर देखे जा सकते हैं।

रोचक व चुटीले अंदाज से युक्त शैली में लिखे गये ये व्यंग्य पठनीयता को बनाए रखने में समर्थ हैं।

Weight 335 g
Dimensions 22.5 × 14.5 × 1.5 cm
Genre

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