Shahid Ki Maa
शहीद की माँ
Original price was: ₹125.00.₹100.00Current price is: ₹100.00.
You Save 20%
In stock
प्रस्तुत नाट्यकृति में नौ एकांकियों को सम्मिलित किया गया है। इस संग्रह में छह प्रहसन हैं, जो हमें तनाव और ऊब भरे जीवन से निकालकर मनोरंजन की दुनिया में ले जाते हैं और वहाँ कभी मुसकराने और कभी अट्टहास करने के लिए हमें प्रेरित करते हैं। इन प्रहसनों में विभिन्न सामाजिक विसंगतियों पर तीखा प्रहार भी है। ‘रिहर्सल’ में एक उभरते कलाकार के सम्मुख उपस्थित होने वाली समस्याओं की तरफ संकेत है और ‘नीम हकीम’ में एक नकली डॉक्टर का पर्दाफाश किया गया है। ‘भूल सुधार’ में एक छोटे अखबार के संपादक की विवशता का चित्र है और ‘डिस्पेन्सरी’ में डॉक्टरों द्वारा आये दिन झेलने वाले अजीबोगरीब मरीजों की चर्चा है। ‘कॉफी हाउस’ में समाज के विभिन्न चेहरों को हास- परिहास के धरातल पर बेपर्दा करके प्रस्तुत करने का प्रयत्न किया गया है।
अन्य नाटकों में ‘सोमनाथ का तीसरा नेत्र’ ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित और राष्ट्रीयता की भावना से ओतप्रोत एक ऐसा एकांकी है, जिसका नायक आपने राष्ट्र के शत्रु से बदला लेने के लिए अपना बलिदान कर देता है। ‘शहीद की माँ’ में अमर शहीद रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ के जीवन के अन्तिम दृश्य को उनकी माँ की ममतामयी छाँव के साथ प्रस्तुत किया गया है। इसमें यह तथ्य उजागर किया गया है कि शहीद की माँ का बलिदान शहीद से कम नहीं होता।’ अँधेरे की घुटन’ में एक ऐसे व्यक्ति की भावनाओं को रेखांकित किया गया है, जिसे अपनी नेत्र-ज्योति खोने की पूरी आशंका है। ऐसी स्थिति में वह किस प्रकार के मानसिक तनाव और आशंकाओं से गुजरता है, इसका प्रभावशाली चित्र इस नाटक में देखने को मिलता है।
| Weight | 220 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1.5 cm |






Mahapran Niral:Samagra Moolyankar
Bhautik Bhugol (Physical Geography)
Vinoba Bhave Bhudan Yag Praneta
Internet Aur Pustkalya
Vigyan Sabke Liye : Jeev Vigyan
Urja Sampdayen avam Prabandhan
Samajshastra Vishvkosh
Pustkalya Sangathan Avam Parbandh
Vastra Reshaa Vigyan
Jeev-Jantuon ka Adbhut Sansar
Vastra Vigyan Eavm Paridhan
Grah Praband avam Aantrik Sajja
Samay ka Sadupyog : Safalta ki garantee