Samajshastriy Anusandhan Ke Tark Evam Paddhatiyain
समाजशास्त्रीय अनुसन्धान के तर्क एवं पद्धतियां
Original price was: ₹800.00.₹720.00Current price is: ₹720.00.
You Save 10%
Samajshastriy Anusandhan Ke Tark Evam Paddhatiyain ‘समाजशास्त्रीय अनुसंधान के तर्क एवं पद्धतियाँ’ में समाजशास्त्रीय शोध से संबंधित सभी महत्वपूर्ण विषयों और प्रकरणों को बखूबी समेटा गया है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा की यह पुस्तक सामाजिक अनुसंधान की प्रकृति, प्रयोजन का चयन, और प्ररचना की विस्तार से विवेचना करती है। यह सामग्री संकलन की प्रविधियों—अवलोकन, प्रश्नावली, अनुसूची, साक्षात्कार—और निदर्शन के विभिन्न प्रकारों का वर्णन करती है, जो शोध कार्य में रुचि रखने वाले सभी पाठकों के लिए उपादेय सिद्ध होगी।
In stock
प्रस्तुत पुस्तक ‘समाजशास्त्रीय अनुसंधान के तर्क एवं पद्धतियाँ’ में समाजशास्त्रीय शोध से सम्बन्धित सभी महत्त्वपूर्ण विषयों एवं प्रकरणों को बखूबी समेटा गया है। पुस्तक के प्रारम्भ में सामाजिक अनुसंधान की प्रकृति, प्रयोजन का चयन एवं निरूपण एवं प्ररचना आदि की विस्तार से विवेचना की गई है। इसके साथ ही प्राक्कल्पना की परिभाषा, उपयोगिता, विशेषताएँ, निर्माण सामग्री तथा सामग्री संकलन के स्रोतों पर प्रकाश डाला गया है।
कृति के अगले चरण में सर्वेक्षण, वैयक्तिक अध्ययन, ग्रामीण सहभागिता की समीक्षा आदि की विवेचना के बाद तथ्य संकलन की प्रविधियों- अवलोकन, प्रश्नावली, अनुसूची, साक्षात्कार की परिभाषाएँ, विशेषताओं, प्रकार आदि का वर्णन किया गया है।
वर्तमान में शोध कार्यों में समय, धन एवं श्रम की सीमितता के कारण निदर्शन का विशेष महत्त्व है, इसलिए इसके विभिन्न प्रकारों, गुण-दोष, पक्षपात आदि का उल्लेख किया गया है। अन्त में सामग्री के वर्गीकरण, संकेतीकरण, सारणीयन, केन्द्रीय प्रवृत्ति का मापन, अपकिरण, सहसम्बन्ध और काई-स्वायर का सविस्तार उदाहरण सहित वर्णन एवं व्याख्या की गई है तथा शोध प्रतिवेदन लेखन पर भी प्रकाश डाला गया है।
आशा है आलोच्य कृति सामाजिक एवं मानविकी विज्ञानों के अनुसंधान कार्य में रुचि रखने वाले सभी पाठकों के लिए उपादेय सिद्ध होगी।
| Weight | 595 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 2.5 cm |
| Textbook Genre |
















Vishva ke Taaje Pani ke Adbuth Jeev
Adhunik Hindi Kavita Ke Vaicharik Evam Shilpagat Ayam
Kishoravasta
Bhartrihari ki Amar Rachna
Manav Vikas Evam Parivarik Sambandh
Reviews
There are no reviews yet.