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Sagro Mahasagro Aur Nadiyo Ki Rochak Machliya

सागरों, महासागरों और नदियों की रोचक मछलियाँ

Language: Hindi
Format: Hardcover
Pages: 288
Published Year: 2011
ISBN: 81-89367-13-7

Original price was: ₹600.00.Current price is: ₹480.00.

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SKU: 670 Category: Tag:

मछली रीढ़धारी, ठण्डे खून वाला एक ऐसा जलचर है, जो गलफड़ों में साँस लेता है। कुछ मछलियों के फेफड़े जैसे अंग विकसित हो गये हैं। ये अपने गलफड़ों के साथ ही फेफड़ों से भी साँस लेती हैं तथा ऑक्सीजन की कमी वाले भागों- कीचड़, दलदल में भी सरलता से रह सकती हैं।
मछलियों की शारीरिक संरचना तथा भोजन, समागम, प्रजनन आदि से सम्बन्धित आदतें और व्यवहार बड़े विविधतापूर्ण होते हैं। कुछ मछलियों के स्विम ब्लेडर होता है। इसकी सहायता से ये विभिन्न प्रकार की आवाजें निकालती हैं। इसी प्रकार कुछ मछलियों के शरीर पर प्रकाश और विद्युत उत्पन्न करने वाले अंग होते हैं। इनसे ये प्रकाश और विद्युत उत्पन्न करती हैं। एंगलर मछली और चाकू मछली ऐसी ही मछलियाँ हैं।
सामान्यतया मछलियों के अण्डे स्वतंत्र रूप से शुक्राणुओं से मिलते हैं। इससे इनका निषेचन हो जाता है। इसके विपरीत कुछ मछलियाँ घोसले बनाती हैं। इनमें नर-मादा प्रणय नृत्य करते हैं तथा मादा अण्डे देती है। इसके बाद दोनों मिलकर उन्हें सेते हैं। शार्क जैसी कुछ मछलियों में आन्तरिक निषेचन पाया जाता है। इनमें अण्डे मादा के शरीर के भीतर ही निषेचित होते हैं। इस प्रकार की मछलियाँ अण्डे न देकर जीवित बच्चों को जन्म देती हैं।
मछलियों के सम्बन्ध में इसी प्रकार के अनेक रोचक तथ्य हैं, जिन्हें इस पुस्तक में विस्तार से स्थान दिया गया है।

Weight 490 g
Dimensions 22.5 × 14.5 × 2.5 cm

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