Rajasthan Ka Rajnaitik Evam Sanskritik Itihas
राजस्थान का राजनीतिक एवं सांस्कृतिक इतिहास
Author(s): Dr. Kaluram Sharma, Dr. Prakash Vyas
University: JNVU (Jodhpur)
Semester / Year: Year 3
Language: Hindi
Format: Paper Back
Pages: 504
Publisher: Panchsheel Prakashan
Original price was: ₹325.00.₹260.00Current price is: ₹260.00.
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विषय-सूची
अध्याय
- राजस्थान का भौगोलिक परिचय
भौगोलिक स्थिति; पर्वतीय प्रदेश; पठारी प्रदेश; मैदानी भाग; रेगिस्तानी क्षेत्र; राजस्थान में नदियाँ; जयवायु और वनस्पति; जन-जीवन पर प्रभाव; पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के मुख्य राज्य। - राजस्थान के इतिहास के मुख्य स्त्रोत
मुख्य साधनों का वर्गीकरण; पुरातात्त्विक स्त्रोत- बिजौलिया शिलालेख; नेमीनाथ (आबू) के मन्दिर की प्रशस्ति; चीरवे का शिलालेख; श्रृंगी ऋषि शिलालेख; रणकपुर प्रशस्ति; कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति; रायसिंह प्रशस्ति अर्थात् बीकानेर का इतिहास; आमेर का शिलालेख; राजप्रशस्ति; फारसी शिलालेख; साहित्यक स्त्रोत- संस्कृत साहित्य; ऐतिहासिक ग्रन्थ साहित्य; अभिलेखागारीय स्त्रोत- राष्ट्रीय अभिलेखागारीय स्रोत; राजस्थान अभिलेखागारीय स्त्रोत; अन्य अभिलेखागारीय स्रोत। - मध्यकालीन राजस्थान का सामाजिक-आर्थिक जीवन
सामाजिक ढांचा; विविध जातियाँ और व्यवसाय; सामाजिक जीवन- संयुक्त परिवार प्रथा; संस्कार; सती प्रथा; कन्या वध; डाकन-प्रथा; औरतों और लड़कियों का क्रय-विक्रय; बाल-विवाह; पर्दा प्रथा; वेश्यावृति; घरेलू दास प्रथा; जौहर; आमोद-प्रमोद एवं वस्त्राभूषण; समाज में धर्म; अर्थ-व्यवस्था- कृषि; व्यापार-वाणिज्य; उद्योग धन्धे। - मेवाड़ और दिल्ली सल्तनत (प्रारम्भ से महाराणा सांगा तक)
मेवाड़ की शक्ति का अभ्युदय-पृष्ठभूमि; मेवाड़ के गुहिलों का उदय; गुहिल और उसके उत्तराधिकारी; बापा की ऐतिहासिकता; बापा का समय; बापा की चित्तौड़ विजय; बापा के बाद-जैत्रसिंह; जैत्रसिंह के उत्तराधिकारी; रत्नसिंह (1302-1303); राणा हम्मीर; क्षेत्रसिंह; महाराणा लाखा (1382-1397); मोकल (1397-1433); महाराणा कुम्भा; कुम्भा की प्रारम्भिक कठिनाइयाँ; मेवाड़ और मारवाड़; सिसोदिया-राठौड़ संघर्ष; रणमल की हत्या; राजपूत राज्यों के साथ कुम्भा के सम्बन्ध; कुम्भा की मृत्युः कुम्भा की सांस्कृतिक उपलब्धियाँ; कुम्भा का मूल्यांकन; महाराणा सांगा-ऐतिहासिक पृष्ठभूमि; रायमल के पुत्रों में परस्पर विरोध; सांगा का राज्यारोहण; प्रारम्भिक कठिनाइयाँ; अजमेर और चाकसू की विजय; दिल्ली सल्तनत और सांगा; राणा सांगा का चरमोत्कर्ष; राणा सांगा और बाबर- संघर्ष के कारण; खानवा के पूर्व का घटनाचक्र; खानवा का युद्ध (मार्च, 1527); राणा सांगा की पराजय के कारण; खानवा के युद्ध के परिणाम; राणा सांगा की मृत्यु; राणा सांगा का मूल्यांकन। - मारवाड़ की शक्ति का अभ्युदय (राव मालदेव तक)
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि; राव चूंडा; राव रणमल; राव जोधा; जोधा के उत्तराधिकारी; राव मालदेव-राज्याभिषेक के समय मारवाड़ की स्थिति; तत्कालीन परिस्थितियाँ; राज्य विस्तार के प्रारम्भिक प्रयास; मालदेव का चरमोत्कर्ष; मालदेव का मूल्यांकन; मालदेव का चरित्र। - अकबर के आमेर (जयपुर) राजघराने से प्रारम्भिक सम्बन्ध
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि; अकबर के आमेर से प्रारम्भिक सम्बन्ध; मुगल-आमेर सहयोग के परिणाम। - अकबर और राणा प्रताप
मेवाड़ में महाराणा सांगा के बाद; मुगल प्रतिरोध की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि; महाराणा उदयसिंह द्वारा मुगल सत्ता का प्रतिरोध; महाराणा प्रताप- मेवाड़ की तत्कालीन स्थिति; प्रताप को समझाने के प्रयास; प्रताप द्वारा युद्ध की तैयारी; हल्दीघाटी का युद्ध (1576 ई.); व्यूह रचना; युद्ध का श्रीगणेश; युद्ध का निर्णय; गोगुन्द में शाही सेना की दुर्दशा; प्रताप की सैनिक पराजय के कारण; युद्ध का महत्व और परिणाम; हल्दीघाटी के युद्ध के पश्चात; कुम्भलगढ़ का युद्ध; दिवेर का युद्ध; प्रताप के अन्तिम दिन; प्रताप का मूल्यांकन। - आमेर का राजा- भगवानदास और मानसिंह
भगवानदास; मानसिंह-शाही सेवा का प्रथम काल (1562-1574); शाही सेवा का द्वितीय काल (1574-1589); मानसिंह को प्रताप के विरुद्ध भेजना; मानसिंह की पंजाब व काबुल में सेवाएँ; शाही सेवा का तृतीय काल (1589-1614); मानसिंह की बिहार की सूबेदारी; मानसिंह का उड़ीसा अभियान; मानसिंह की बंगाल की सूबेदारी; अकबर के अंतिम दिन और मानसिंह; मानसिंह और जहाँगीर; मानसिंह के अन्तिम दिन; मानसिंह का मूल्यांकन। - राजस्थान में सामन्त व्यवस्था : संरचना एवं संयोजन
सामन्त प्रथा की संरचना; सामन्त प्रथा का स्वरूप; मुगल संरक्षण में सामन्त व्यवस्था; सामन्तों से ली जाने वाली सेवाएँ और शुल्क- सैनिक सेवा; रेख; उत्तराधिकार शुल्क; अन्य शुल्क; दरबार में उपस्थिति; सामन्तों के विशेषाधिकार; सामन्त प्रथा का संयोजन- सामन्तों की श्रेणियाँ, पद और प्रतिष्ठा; ग्रासिये और भोमिये; अंग्रेजों के समय में सामन्तों की स्थिति; यूरोपीय सामन्त पद्धति से तुलना। - जहाँगीर और राजपूत तथा शाहजहाँ और राठौड़
जहाँगीर और राजपूत; शाहजहाँ और राठौड़- शाहजहाँ और जोधपुर के राठौड़; शाहजहाँ और जसवन्तसिंह; जसवन्तसिंह और उत्तराधिकार का युद्ध; जसवन्तसिंह और खजुवा का युद्ध; जसवन्तसिंह और दारा शिकोह; गुजरात की प्रथम सूबेदारी; जसवन्तसिंह दक्षिण में; शाहजहाँ-राठौड़ सम्बन्धों की समीक्षा। - 1654 ई. का मेवाड़ युद्ध
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि; मेवाड़-मुगल संघर्ष की परिस्थितियाँ; युद्ध; समझौता। - राजस्थान में भक्ति आन्दोलन (लोक देवता एवं यौद्धा सन्त सहित)
भूमिका; राजस्थान में इस्लाम का प्रवेश; आन्दोलन का आरम्भ; लोक-देवता एवं यौद्धा सन्त- गोगाजी; तेजाजी; हड़बूजी; पाबूजी; रामदेवजी; मल्लीनाथजी; देवजी; आन्दोलन के प्रारम्भिक सन्त- धन्ना; सन्त पीपा; जाम्भोजी; जसनाथ जी; आन्दोलन के प्रमुख सन्त एवं सम्प्रदाय- सन्त दादू और दादू पंथ; दादू का दार्शनिक पक्ष; दादू का साधन पक्ष; दादू का सामाजिक पक्ष; दादू पंथ और उसका विभाजन; सन्त शिरोमणि मीरा- मीरा का बाल्यकाल और विवाह; मीरा की भक्ति-भावना; मीरादासी सम्परदाय; रामस्नेही सम्प्रदाय- सन्त दरियावजी व रेण के रामस्नेही; सन्त रामचरण और शाहपुरा के रामस्नेही; सिंहथल व खेड़ापा के रामस्नेही; रामस्नेही सन्तों का आचार-व्यवहार; आचार्य भिक्षु और तेरापंथ; स्वामी दयानन्द सरस्वती और आर्य समाज; धर्म और समाज सुधार आन्दोलनों की समीक्षा। - मिर्जा राजा जयसिंह
प्रारम्भिक जीवन और राज्यारोहण; मिर्जा राजा जयसिंह और जहाँगीर; मिर्जा राजा जयसिंह और शाहजहाँ; मिर्जा राजा जयसिंह और औरंगजेब; जयसिंह की दक्षिण में नियुक्ति; पुरन्दर का घेरा; पुरन्दर की सन्धिः पुरन्दर की सन्धि का महत्व; शिवाजी का आगरा जाना; जयसिंह और बीजापुर; बीजापुर अभियान की आलोचना; जयसिंह की मृत्युः मिर्जा राजा जयसिंह का मूल्यांकन। - सवाई जयसिंह द्वितीय
प्रारम्भिक जीवन; राज्यारोहण और प्रारम्भिक सुधार; दक्षिण में; मालवा की नायब सूबेदारी; उत्तराधिकार संघर्ष और जयसिंह; जयसिंह की राज्यच्युति; मेवाड़, मारवाड़ और आमेर का संयुक्त मोर्चा; बहादुरशाह द्वारा समझौते का प्रयास; मालवा की सूबेदारी; जाटों का दमन; मालवा की दूसरी बार सूबेदारी; मालवा की तीसरी बार सूबेदारी; जयसिंह और बून्दी; बून्दी पर मराठों का आक्रमण; हुरड़ा सम्मेलन; मराठों के विरुद्ध अभियान में सहयोग; मराठों से सहयोग; धोलपुर का समझौता; जयसिंह की मराठा नीति का मूल्यांकन; जोधपुर राज्य के साथ सम्बन्ध; जयसिंह का राज्य-विस्तार; जयसिंह के अन्तिम दिन; जयसिंह का विद्यानुराग; स्थापत्य; समाज सुधार के कार्य; संक्षिप्त मूल्यांकन। - राजस्थान में व्यापार-वाणिज्य
प्रमुख व्यापारिक मार्ग; प्रमुख व्यापारिक केन्द्र; परिवहन; मार्गों की सुरक्षा; निर्यात व्यापार; नमक व्यापार एवं अंग्रेजों का एकाधिकार- पृष्ठभूमि; नमक उत्पादन पर ब्रिटिश एकाधिकार; नमक एकाधिकार नीति के परिणाम; अंग्रेजों का अफीम व्यापार पर नियंत्रण- कम्पनी के लिए अफीम व्यापार का महत्व; कम्पनी द्वारा अफीम व्यापार पर नियंत्रण; अफीम व्यापार पर नियंत्रण के परिणाम; व्यापारियों के कार्य; चुंगी और राहदारी शुल्क; सिक्के और विनिमय दर; ब्याज तथा हुण्डी प्रथा; 19वीं शताब्दी में होने वाले परिवर्तन; व्यापारी वर्ग की नई भूमिका; राहदारी शुल्क और चुंगी; सिक्के और विनिमय; हुण्डियाँ और ब्याज। - राजस्थान में किसानों की दशा
राजस्थान में जागीर एवं खालसा क्षेत्र; लाग-बाग; भूमि का बन्दोवस्त; जागीर क्षेत्र के किसान। - राजस्थान में मेले और त्यौहार
प्रमुख मेले- पुष्कर का मेला; जीणमाता का मेला; भर्तृहरि का मेला; डिग्गी का मेला; श्री महावीरजी का मेला; शिवाड़ का मेला; शीतला माता का मेला; कैलादेवी का मेला; रणथम्भौर का मेला; अजमेर के ख्वाजा का मेला; अन्य मेले; जन-जातियों के मेले; राजस्थान के त्यौहार- गणगौर; तीज; होली; दशहरा; दीपावली; अन्य त्यौहार। - राजस्थान में मराठा आक्रमण
पृष्ठभूमि; पेशवा बालाजी विश्वनाथ; पेशवा बाजीराव प्रथम और राजपूत राज्य; सवाई जयसिंह की मराठा नीति; मराठों का राजस्थान में प्रवेश; मराठों का राजपूताना पर पहला आक्रमण; हुरड़ा सम्मेलन; मराठों के विरुद्ध अभियान; जयसिंह के विरुद्ध शिकायत; पेशवा का राजस्थान में आगमन; पेशवा का उत्तर भारत पर आक्रमण; नादिरशाह का आक्रमण; धोलपुर समझौता; जयसिंह की मराठा नीति की समीक्षा; अन्य राजपूत राज्यों से मराठों के सम्बन्ध; उपसंहार। - राजस्थान में 1857 ई. का विप्लव
1857 ई. के विप्लव की पृष्ठभूमिः 1857 ई. में राजस्थान की स्थिति; राजस्थान में ब्रिटिश सत्ता का प्रतिरोध; विप्लव का सूत्रपातः नीमच में विस्फोट; जोधपुर में विप्लवः मेवाड़ के अप्रत्यक्ष विप्लवकारी; कोटा में विप्लवः अन्य राज्यों में विप्लव की गूंजः विप्लव का अन्त और परिणाम; विप्लव का स्वरूप। - राजस्थान में राजनीतिक जागृति के कारण
राजनीतिक जागृति के कारण- किसान आन्दोलन; अंग्रेजी शिक्षा का योगदान; समाचार-पत्रों एवं साहित्य का योगदान; मध्यम वर्ग की भूमिका; स्वामी दयानन्द और आर्य-समाज का प्रभाव; प्रथम महायुद्ध का प्रभाव; पड़ौसी प्रान्तों का प्रभाव; क्रान्तिकारी गतिविधियों का प्रभाव- अर्जुनलाल सेठी; केसरीसिंह बारहठ; प्रतापसिंह बारहठ; राव गोपालसिंह; राजनीतिक चेतना के प्रारम्भिक प्रयास; राजस्थान में स्वदेशी आन्दोलन; राजस्थान सेवा संघ; राजस्थान मध्य-भारत सभा। - राजस्थान में कृषक एवं जनजाति आन्दोलन (बिजौलिया व भील आन्दोलन)
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि; किसान आन्दोलन के कारण; बिजौलिया किसान आन्दोलन; विजयसिंह पथिक का नेतृत्व; राजस्थान के अन्य किसान आन्दोलन; आन्दोलनों का मूल्यांकन; भील जन-जाति का आन्दोलन; गोविन्द गुरु के नेतृत्व में भील आन्दोलन; मानगढ़ हत्याकाण्ड; मोतीलाल तेजावत के नेतृत्व में भील आन्दोलन; भील आन्दोलन का मूल्यांकन। - एकीकृत राजस्थान का निर्माण
राजस्थान निर्माण के प्रारम्भिक प्रयास; मत्स्य संघ का निर्माण; संयुक्त राजस्थान का निर्माण; मेवाड़ का संयुक्त राजस्थान में विलय; वृहत् राजस्थान का निर्माण; मत्स्य संघ का वृहत राजस्थान में विलय; सिरोही का प्रश्न; अजमेर का विलय; राजतन्त्र के अन्तिम अवशेषों की समाप्ति। - राजस्थान में संगीत, नृत्य एवं नाट्य कला
संगीत- शास्त्रीय संगीत; राजस्थान में संगीत के घराने; राजस्थान में रचित प्रमुख संगीत ग्रन्थ; राजस्थान में रचित रागमाला ग्रन्थ; लोक संगीत; नृत्य परम्पराः जयपुर घराने के कथक नृत्य की विशेषताएँ; वेश-भूषा तथा रूप-सज्जा; संगति-वाद्य; लोक-नृत्य- क्षेत्रीय लोक नृत्य; जातीय लोक नृत्य; भीलों के लोक नृत्य; गिरासियों के लोक नृत्य; घुमन्तु जातियों के लोक नृत्य; अन्य जातियों के लोक नृत्य; व्यवसायिक लोक नृत्य; नाट्य कला- ख्याल; गवरी; रम्मत; तमाशा; भवाई; नौटंकी; पारसी थियेटर।
| Weight | 465 g |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 × 2 cm |
| University |















Bhartiya Sabyata Eavam Sanskriti
Arvacheen Bharat Ke Vaigyanik
Bharat Ka Itihas (1200-1526 A.D.)
Bharat Ka Itihas (1200-1760)
Aarthik Bhugol
Lok Sabha Bhag-2
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Ritikavya Dhara Tatha Kavyang Vivechan
Lok Sabha Bhag-1
Agyea Ka Kavya: Jeevan-Satya Aur Darshan
Bharat ka Itihas (Aarambh se 750 CE Tak)
Vishva ka Pradeshik Bhugol
Geography of India
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