Pauranik Kahaniya
पौराणिक कहानियाँ
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Pauranik Kahaniya साहित्य एवं समाज के प्रति प्रतिबद्ध लेखक अजय अनुरागी की यह कृति पौराणिक ग्रंथों का विवेचन करके सरल एवं सुबोध शैली में प्रस्तुत की गई है। ‘पौराणिक कहानियाँ’ व्यक्तिगत जीवन में शुचिता और सामाजिक जीवन में नैतिकता की शिक्षा देती है, जो पौराणिक प्रतीकों के माध्यम से समता और सहिष्णुतापूर्ण समाज का स्वप्न देखती है, और समाज में जीवन मूल्यों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।
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साहित्य एवं समाज के प्रति प्रतिबद्ध लेखक के रूप में अजय अनुरागी एक जाना-पहचाना नाम है। इन्होंने साहित्य की विभिन्न विधाओं में सृजन के साथ-साथ समाज एवं जीवन के विभिन्न पक्षों पर भी कलम चलाई है।
लेखक ने रामायण एवं महाभारत की कहानियों के माध्यम से आम पाठक को अपनी लेखनी से प्रभावित किया है। इसी क्रम में पौराणिक ग्रन्थों का विवेचन करके सरल एवं सुबोध शैली में प्रस्तुत कृति की रचना की है।
प्रस्तुत पुस्तक ‘पौराणिक कहानियाँ’ से व्यक्तिगत जीवन में शुचिता एवं सामाजिक जीवन में नैतिकता की शिक्षा मिलती है। ये कहानियाँ जीवन के नैतिक उत्थान का मार्ग प्रशस्त करती हैं। इन कहानियों में पौराणिक प्रतीकों के माध्यम से समता एवं सहिष्णुतापूर्ण समाज का स्वप्न देखा गया है तथा संसार में मानवीयता की स्थापना की पैरवी की गयी है।
जिन्हें पढ़कर न केवल व्यक्ति के जीवन की श्रेष्ठता में अभिवृद्धि होगी बल्कि समाज भी इन प्रतीकों से शिक्षा ग्रहण करके उत्कृष्ट समाज की ओर अग्रसर होने को प्रेरित होगा।
प्रस्तुत कहानियाँ जीवन की आदर्श परम्परा को आगे बढ़ाने में सहायक हैं तथा समाज में जीवन मूल्यों को स्थापित करने में महती भूमिका अदा करती हैं।
| Weight | 280 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1 cm |
| Genre |
















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