₹100.00Original price was: ₹100.00.₹90.00Current price is: ₹90.00.
Vidhyalay Prathna ‘विद्यालय प्रार्थना’ मनोहर वर्मा द्वारा संकलित एक पुस्तक है, जिसमें विद्यालयों में की जाने वाली प्रार्थनाओं का संग्रह है। यह छात्रों के नैतिक और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिखी गई है, जो उन्हें सकारात्मक मूल्यों और अनुशासन के महत्व को समझने में मदद करती है।
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.
Gramin evam Nagariya Samajshastra ‘ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र’ ग्रामीण एवं नगरीय समाजों से संबंधित यू.जी.सी. द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के लगभग सभी महत्वपूर्ण विषयों की विवेचना करती है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा की यह पुस्तक ग्रामीण और नगरीय समाजों के विशिष्ट लक्षणों—जाति, परिवार, व्यवसाय, औद्योगिकी—का वर्णन करती है, जो विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों, प्रतियोगियों, और योजनाकारों के लिए उपयोगी है।
₹975.00Original price was: ₹975.00.₹878.00Current price is: ₹878.00.
Swatantrata Senani Kosh (Gandhiyugin) ‘स्वतंत्रता सेनानी कोश’ (गाँधीयुगीन) में ज्ञात-अज्ञात 425 स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की प्रामाणिक गाथा को सजीव रूप से प्रस्तुत किया गया है। एस.एल. नागोरी और श्रीमती कांता नागोरी द्वारा लिखित यह ग्रंथ मौलिक ग्रंथों को आधार बनाकर, सरल और रोचक शैली में लिखा गया है, जो इतिहास के अध्येताओं और पाठकों को स्वतंत्रता संग्राम की घटनाएँ आसानी से समझने में मदद करता है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Swatantrata Senani Kosh (Muslim) ‘स्वतंत्रता सेनानी कोश’ (मुस्लिम) में 137 मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर प्रकाश डाला गया है। एस.एल. नागोरी और श्रीमती कांता नागोरी द्वारा लिखित यह पुस्तक प्रामाणिक ग्रंथों को आधार बनाकर शोध पद्धति से लिखी गई है, जिसका उद्देश्य भारतीय जनता में सांप्रदायिक सद्भाव की भावना उत्पन्न करना है। यह इतिहास के ज्ञात-अज्ञात मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों का हिंदी भाषा में लिखा हुआ प्रथम एवं एकमात्र कोश है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Swatantrata Senani Kosh (1857) भारत की आजादी के लिए 1857 में लड़े गए स्वतंत्रता संग्राम की गाथा। एस.एल. नागोरी और श्रीमती कांता नागोरी द्वारा संकलित यह पुस्तक 130 क्रांतिकारियों के त्याग, बलिदान और शौर्य की सजीव झांकी प्रस्तुत करती है। यह कृति युवा पीढ़ी में देशप्रेम और देशभक्ति की भावना जाग्रत करने का प्रयास करती है, जिसमें अनेक नवीन तथ्यों को उजागर किया गया है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Bal Apradh बालक देश का भावी कर्णधार है, परन्तु बाल अपराध एक विकट और गंभीर समस्या बनी हुई है। डॉ. बृन्दा सिंह की यह पुस्तक बाल अपराध के कारणों, परिणामों और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों पर गहन प्रकाश डालती है। यह बालकों की परवरिश और शिक्षा-दीक्षा पर समुचित ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित करती है, जो समाज सुधारकों और गृहिणियों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹320.00Current price is: ₹320.00.
Kishoravastha : Samasya aur Samadhan ‘किशोरावस्था: समस्या और समाधान’ मानव जीवन की सबसे सुंदर और स्वर्णिम अवस्था को स्वर्णिम बनाने का प्रयास करती है। डॉ. बृन्दा सिंह की यह पुस्तक किशोरवय के बालक-बालिकाओं को सही राह चुनने, गलत संगति से बचने और सफल जीवन जीने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करती है, जो माता-पिता, शिक्षाविदों और योजनाकारों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Alankar Parijat भारतीय काव्यशास्त्र में अलंकारों का महत्व निर्विवाद है। डॉ. हेतु भारद्वाज और डॉ. रमेश मयंक की यह कृति काव्य के विभिन्न उपकरणों का सम्यक् और सोदाहरण विवेचन करती है। यह भारतीय तथा पश्चिमी काव्यशास्त्र की अवधारणाओं का विश्लेषण करती है, जो काव्य के मूल्यांकन और रचनाकार के उपकरण को समझने में पाठकों की मदद करती है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Samay Kabhi Thamta Nahi हेतु भारद्वाज की कहानियाँ जिन्दगी की विश्वसनीय तस्वीर प्रस्तुत करती हैं, जहाँ समय का स्पंदन पूरी शिद्दत के साथ धड़कता है। यह संग्रह ग्रामीण जीवन की विडम्बनाओं, क्रूरताओं, और बदलते वक्त की अमानवीयताओं को उभारता है, साथ ही सामाजिक बदलावों को भी रेखांकित करता है। हेतु भारद्वाज की कहानियाँ मनुष्यता और मानवीय मूल्यों की रक्षा की चिंता करती हैं।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Kamleshwar ke Katha Sahitya mein madhyavarg कमलेश्वर, स्वातंत्र्योत्तर काल के संवेदनशील रचनाकार, ने नई कहानी आंदोलन के प्रणेता के रूप में अभूतपूर्व कार्य किया। डॉ. विमलेश शर्मा की यह कृति कमलेश्वर के समस्त कथा-साहित्य का मध्यवर्गीय जीवन के केंद्र में रखकर विश्लेषण करती है, जिसमें भारतीय मध्यवर्ग के संघर्षों, विद्रूपों और बदलते वक्त की विडम्बनाओं का सजीव चित्रण मिलता है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Hindi Kavyashastra कविता के स्थापत्य के विविध रूपों को समझने के लिए, ‘हिन्दी काव्यशास्त्र’ एक अनिवार्य मार्गदर्शिका है। रामदेव साहू की यह कृति रस, छंद, अलंकार, काव्य-दोष, काव्यगुण, काव्य रीति, और शब्द शक्ति जैसे काव्य अवयवों का सरल भाषा में विवेचन करती है, जो साहित्य के विद्यार्थियों और सामान्य पाठकों को काव्यास्वादन करने में मदद करती है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Bhasha Vigyan हिन्दी शिक्षण की त्रासदी को दूर करते हुए, डॉ. रमेश रावत की यह पुस्तक भाषा-विज्ञान को सरलता के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। यह विषय की उपादेयता को समझाने और विद्यार्थियों में रुचि जगाने पर बल देती है, जिससे वे भाषा-विज्ञान की बारीकियों को समझने में गहरी रुचि ले सकें और हिन्दी में एक अभाव की पूर्ति हो सके।
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.
Bharat Mein Vittiya Prabandh ‘भारत में वित्तीय प्रबन्ध’ वाणिज्य एवं प्रबन्ध के विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक है। प्रो. एम.डी. अग्रवाल द्वारा लिखित यह कृति भारत में उपलब्ध व्यावसायिक वित्त के समस्त साधनों, विकास बैंकों, वित्तीय नियोजन, पूंजी संरचना, कार्यशील पूंजी, और पूंजी बजटन जैसे विभिन्न पहलुओं को उदाहरणों और तालिकाओं द्वारा स्पष्ट करती है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Nutan Hindi Vyakran जब्बरमल शर्मा द्वारा लिखित ‘नूतन हिंदी व्याकरण’ भाषा, व्याकरण, लिपि, वर्ण, शब्द, पद, और वाक्य विचार जैसे विषयों का विस्तृत विश्लेषण करती है। यह पुस्तक मानक हिन्दी वर्णमाला, हिन्दी वर्तनी, और समानार्थक शब्दों की जानकारी देती है, जिसे स्नातक स्तर और प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए सरल, सही और सर्वमान्य व्याकरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Sahriya Janjati : Sahitya Evam Sanskriti वर्तमान में समाज के सभी वर्गों की जीवन पद्धति में तेजी से परिवर्तन हो रहा है, किन्तु सहरिया जनजाति आज भी अपनी परम्परागत दयनीय जीवन जी रही है। डॉ. रश्मि श्रीवास्तव की यह साहसपूर्ण कृति सहरियाओं के लोक साहित्य, संस्कृति और कलापरक पक्षों का अध्ययन प्रस्तुत करती है, जो इस अल्पज्ञात जनजाति के जीवन की बहुआयामी झांकी दिखाती है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Hindi Sahitya Ka Itihas हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन की परम्परा को वैज्ञानिक और सारस्वत आधार देने का श्रेय आचार्य रामचन्द्र शुक्ल को है। डॉ. हेतु भारद्वाज की यह कृति हिन्दी साहित्य के आदिकाल से रीतिकाल तक का समग्र और व्यवस्थित परिचय देती है, जो हिन्दी साहित्य के विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले युवाओं और अन्य जिज्ञासुओं की जिज्ञासाओं का शमन करेगी।
₹800.00Original price was: ₹800.00.₹720.00Current price is: ₹720.00.
Antharashtriya Vitta Evam Vyapar आधुनिक युग में तीव्र विश्व अन्तर्निर्भरता के कारण ‘अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार’ का महत्व बहुत अधिक बढ़ गया है। डॉ. रीता माथुर की यह पुस्तक अन्तर्राष्ट्रीय वित्त की महत्वपूर्ण समस्याओं, व्यापार के सिद्धांतों, आयात-निर्यात के वित्त, और विदेशी विनिमय जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष जानकारी प्रस्तुत करती है, जो छात्रों और शोधार्थियों के लिए उपयोगी है।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹135.00Current price is: ₹135.00.
Chuhaa Nagar me ‘Myawon’ मनोहर वर्मा द्वारा लिखित ‘चूहा नगर में ‘म्याऊँ” एक कहानी संग्रह है जो मनोरंजक और विचारोत्तेजक कहानियों के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर करता है। यह कृति पाठकों को एक अनोखी दुनिया से साक्षात्कार कराती है, जहाँ सामान्य जीवन की घटनाओं को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Subodh Hindi Patra-Lekhan पत्रों के विभिन्न अंगों, रूपों, प्रारूपों, और व्यावसायिक पत्रों के बारे में विस्तृत विवेचन प्रस्तुत करती यह पुस्तक, जब्बरमल शर्मा द्वारा प्रस्तुत है। इसमें सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, राजनीतिक और सरकारी पत्राचार के उदाहरण भी शामिल हैं, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी-गैर सरकारी कार्यालयों में उपयोगी सिद्ध होगी।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Sanjh Ho Gayi तेजपाल चौधरी का उपन्यास ‘सांझ हो गई’ मानव सेवा के मूल मंत्र ‘आत्मवत् सर्वभूतेषु’ पर आधारित एक प्रयोग है। यह कृति ‘स्व’ के विस्तार की कथा है, जो व्यक्तिगत प्यार से अहंकार की बजाय मानव मात्र से प्रेम की ओर ले जाती है, जिससे सेवा सहज वृत्ति बन जाती है। यह बुजुर्ग पीढ़ी की पीड़ा और वर्तमान विसंगतियों के बीच पाठक को नया आस्वाद और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता देती है।