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Gramin evam Nagariya Samajshastra

ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र

Language: Hindi
Format: Hardcover
Pages: 256
Edition: Second, 2014
Published Year: 2005
ISBN: 81-7056-298-8

Original price was: ₹600.00.Current price is: ₹540.00.

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Gramin evam Nagariya Samajshastra ‘ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र’ ग्रामीण एवं नगरीय समाजों से संबंधित यू.जी.सी. द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के लगभग सभी महत्वपूर्ण विषयों की विवेचना करती है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा की यह पुस्तक ग्रामीण और नगरीय समाजों के विशिष्ट लक्षणों—जाति, परिवार, व्यवसाय, औद्योगिकी—का वर्णन करती है, जो विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों, प्रतियोगियों, और योजनाकारों के लिए उपयोगी है।

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प्रस्तुत पुस्तक “ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र” में ग्रामीण एवं नगरीय समाजों से सम्बन्धित यू.जी.सी. द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के लगभग सभी महत्त्वपूर्ण विषयों एवं प्रकरणों की विवेचना की गई है। विषय से सम्बन्धित अधुनातन सामग्री विभिन्न स्त्रोतों से एकत्र करके वर्णित की गई है।

आलोच्य पुस्तक में सर्वप्रथम ग्रामीण और नगरीय समाजशास्त्र की परिभाषाएँ, क्षेत्र, विषय-सामग्री, अध्ययन के उपागम एवं महत्त्व का व्याख्यात्मक वर्णन प्रस्तुत किया गया है। ग्रामीण एवं नगरीय समाजों से परिचय करवाने के लिए इन समाजों के विशिष्ट लक्षणों-जाति, परिवार, व्यवसाय, श्रमिक बाजार, औद्योगिकी, उत्पादन सम्बन्ध, आर्थिकी आदि का वर्णन पाठकों की सुविधा के लिए अलग-अलग अध्यायों में क्रम से किया गया है। ग्रामीण एवं नगरीय समाजों के संरचनात्मक एकीकरण एवं विभेदीकरण पर अलग से प्रकाश डाला गया है।

हिन्दू जजमानी-प्रथा, श्रमिक बाजार में परिवर्तन, ग्रामीण एवं नगरीय भिन्नताएँ और सातत्यक एवं प्रवास की विवेचना भारत के संदर्भ में जनसंख्यात्मक आंकड़ों के साथ की गई है। पुस्तक के अन्तिम चार अध्यायों में क्रम से ग्रामीण एवं नगरीय विकास के मुद्दों, जाति एवं वर्ग के संदर्भ में शक्ति संरचना, ग्रामीण एवं नगरीय समुदायों के स्थानीय मुद्दों और परिप्रेक्ष्य एवं इन समाजों के अनौपचारिक एवं औपचारिक सामाजिक संगठनों की उपादेयता की वर्णनात्मक व्याख्या की गई है।

प्रस्तुत पुस्तक विभिन्न विश्वविद्यालयों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र प्रश्न-पत्र के लिए लिखी गई है। आलोच्य कृति ग्रामीण एवं नगरीय समाजों में रुचि रखने वाले पाठकों, प्रतियोगियों, योजनाकारों एवं प्रशासकों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी।

Weight420 g
Dimensions22.5 × 14.5 × 2 cm
Textbook Genre

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About the Author

Virendra Prakash Sharma

प्रो. वीरेन्द्र प्रकाश शर्मा भारत के प्रतिष्ठित समाजशास्त्री, शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता रहे हैं। उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक बनस्थली विश्वविद्यालय, बनस्थली में समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए शिक्षण, शोध एवं अकादमिक नेतृत्व के क्षेत्र में…

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