Nayi Kavita: Giriraj Kumar Mathur
नयी कविता : गिरिराज कुमार माथुर
Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
You Save 20%
In stock
गिरिजाकुमार माथुर स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी कविता के महत्त्वपूर्ण कवि हैं, जिन्होंने चौथे दशक से अपनी काव्य यात्रा शुरू की तथा दसवें दशक तक निरन्तर जारी रखी।
प्रस्तुत पुस्तक “नयी कविता : गिरिजाकुमार माथुर” में डॉ. अजय अनुरागी ने कवि माथुर की छह दशक लम्बी रचना प्रक्रिया को अभिव्यक्त कर नयी कविता के विकास में गिरिजाकुमार माथुर के योगदान को रेखांकित किया है। आलोचनात्मक दृष्टि से सम्पन्न इस पुस्तक में गिरिजाकुमार माथुर की समस्त काव्य कृतियों का विश्लेषण भी प्रस्तुत हुआ है।
गिरिजाकुमार माथुर नयी कविता के प्रतिनिधि कवि हैं, जिन्होंने प्रगतिवाद एवं प्रयोगवाद में भी अपनी उपस्थिति दर्ज की है। वे छायावाद के अमूर्त, अशरीरी, सूक्ष्म तथा इन्द्रियातीत अनुभूतियों के विरुद्ध मूर्त, शरीरी, मांसल एवं ऐन्द्रिय अनुभूतियों की रचना करके काव्यारम्भ करते हैं तथा सामाजिक यथार्थ, वैज्ञानिक चेतना, इतिहास बोध एवं आधुनिकता की कसौटी पर कसकर रचना प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं। कवि माथुर देश व समाज की समस्याओं तथा चिन्ताओं को प्रस्तुत करने वाले कवि रहे हैं। वे जीवन के मूल प्रश्नों की चुनौतियों को स्वीकारते हैं, तो सम्भावनाओं की तलाश भी करते हैं। वैज्ञानिक सोच एवं विश्व दृष्टि चिन्तन गिरिजा कुमारमाथुर की विशेषता है।
प्रस्तुत पुस्तक में नयी कविता की प्रमुख प्रवृत्तियों के चित्रण के साथ-साथ नयी कविता की शैल्पिक विशेषताओं का भी उल्लेख किया गया है। इस तरह इस पुस्तक में नयी कविता के परिप्रेक्ष्य में गिरिजाकुमार माथुर का समग्र मूल्यांकन हुआ है।
| Weight | 445 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1 cm |















Khel Khel Me Ganit
Rangeya Raghava ki Sampurn Aupanyasik Jeevaniyain-3
Nayi Kavita: Giriraj Kumar Mathur
Computer Aur Pustakalaya
Aurangzebnama
Reviews
There are no reviews yet.