Mama Shakuni
मामा शकुनि
Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
You Save 10%
महाभारत’ पर आधारित यह उपन्यास शकुनि के चरित्र को केंद्र में रखकर नारी सम्मान, स्त्री संवेदना और युद्ध-दर्शन की नवीन व्याख्या प्रस्तुत करता है। यह गांधारी के कृत्य और भीष्म-शकुनि के गुणों का आधुनिक सोच से विश्लेषण करता है।
In stock
मामा शकुनी’ निराले तेवर का उपन्यास है। ‘महाभारत’ कथा पर आधारित यह उपन्यास प्रसिद्ध पात्र शकुनी पर केन्द्रित तो है, किन्तु इसमें नारी- सम्मान और स्त्री की संवेदनाओं की क़द्र करने का आह्वान किया गया है। उपन्यास में युद्ध-दर्शन तथा गीता-दर्शन की व्याख्या करते हुए, गांधारी की आलोचना की गई है। गांधारी ने अपनी आँखों पर सतीत्व की झोंक में जो पट्टी बाँध ली थी, उसी संदर्भ में होने वाली असंगत क्रूरताएँ ही तो महाभारत-युद्ध का कारण बनी थीं। इस तथ्य की पूरी पृष्ठभूमि सविस्तार प्रस्तुत की गई है। आँखों पर पट्टी बाँधने वाली असंगत घटना के परिणामों और राज-समाज के असंतुलित होकर समूची जीवन-शैली में अव्यवस्था उपजने की समीक्षा उपन्यास का सटीक अंग है।
यह एक विचार-प्रधान उपन्यास है। घटनाएँ विचारों का विश्लेषण करती हैं और विचारों को ठेल कर कथा को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।
वर्तमान युग में महाभारत की अनेक घटनाओं को असंगत और अनैतिक कहा जाएगा, किन्तु युगानुकूल सोच की कमियों और अभावों के साथ स्त्री का सही मूल्यांकन उपन्यास का उद्देश्य है। इसी संदर्भ में पितामह भीष्म और शकुनी के चरित्रों का तर्क-वितर्कपूर्वक विकास दिखाया है। दोनों के गुणों और अभावों को लेखक ने आधुनिक सोच की कसौटी पर नई पीढ़ी के पाठकों के लिए रोचक बनाया है।
श्रीमद् भगवद्गीता-दर्शन को सर्व-सुलभ बनाया गया है, यह अतिरिक्त उपलब्धि है।
| Weight | 290 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1 cm |
| Genre |









Dr. Radhakrishnan : Vyakti aur Vichar
Vishav ke Adbhut Samundree Jeev
Up Samajshastrao Ka Parichya
Aadhunik Bharat ka Itihas
Sanskrit-Vyakaran Evam Nibandh-Rachna
Universe of Knowledge
Sudamacharit
Hindi Ekanki
Charnam Sharnam Gachaami
Composition & Communication Gleanings
Anashwar Geet
Paryavaran Adhayan
Saiddhantik Samajshastra
Shiksha se Betion ke Chaere per Muskan
Soochna Ke Srot
Aadhunik Vishv ka Itihas
Vishv ki Vilakshan Machliyein
Bhartiya Samaj Mudde Aur Samasyan
Gandhi Chintan mein Satyagrah
Prathmik Vidyalya Me Bhasha Shiksha
Jeevan ki Sarthakta (Netikta ke Prernadayak prasang)
Ramayan Ki Kahaniyan
Vishv ke rochak swajati Bhakshi Jeev
Swasthya evam Paryavaran : Sustir Vikas ki Chunautiyan
Prachin Kavya
Aarthik Avadharnaayein Evam Vidhiya
Bharat ke Aoushdheeya Pushp
Aadhunik Bharat Ka Itihas (1858-1919)
Karyalay Sangathan Evam Prabandh
Grameen Samajshastra
Reviews
There are no reviews yet.