Loktantratmak Rajasthan Ka Avlokan
लोकतंत्रात्मक राजस्थान का अवलोकन
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श्री राजेन्द्र शंकर भट्ट राजस्थान के वरिष्ठतम पर्यवेक्षक (आब्जर्वर) हैं। उन्होंने राजस्थान, विशेषकर बदलते-विकसित होते हुए राजस्थान पर बहुत लिखा है। ‘लोकतन्त्रात्मक राजस्थान का अवलोकन’ इसी श्रृंखला की एक कड़ी है। यह पुस्तक, प्रभाव की दृष्टि से मात्र विवरण, रपट या रिपोर्ताज नहीं है, मात्र यात्रावृत्त नहीं है, मात्र देखे हुए की ठंडी प्रस्तुति नहीं है, बल्कि इसमें प्रारम्भ से अन्त तक लेखक की आत्मीयता, अनुचिन्तन और अनुभूति की चाशनी है जो ब्यौरों को कृति में बदल देती है।
मैं श्री राजेन्द्र शंकर भट्ट के गद्य-लेखन की प्रशंसा कर चुका हूँ। वह भारतेन्दु-द्विवेदी-युग के महान् पत्रकारों के गद्य-लेखन की विधि को अपनाए हुए हैं। इस गद्य की विशेषता यह है कि इसमें संकुल (काम्प्लेक्स) वाक्यों का प्रयोग नहीं होता। सदा लघु वाक्यों का प्रवाह चलता है और लेखक आधुनिकों की तरह सरल का जटिलीकरण नहीं, जटिल का सरलीकरण करता है और वाक्य को भारावनत नहीं होने देता।
‘लोकतन्त्रात्मक राजस्थान का अवलोकन’ राजस्थान को बाहर और भीतर से जानने और अनुभूत करने के लिए बहुत जरूरी लेखन है। यहाँ सम्पूर्ण राजस्थान का एक ऐसा चित्र बनता है जो सही है, प्रेरक है, उपयोगी है। राजस्थान पर बहुत लिखा गया है पर जो झाँकी यहाँ प्रस्तुत की गई है, वह पारदर्शी और प्रीतिकर है।
| Weight | 540 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 2.5 cm |







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