Lok Vitta
लोक वित्त Public Finance
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Lok Vitta आर्थिक संसाधनों के संग्रहण और न्यायपूर्ण प्रयोग की महत्वपूर्ण समस्या पर केंद्रित यह पुस्तक, लोक वित्त के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण करती है। डॉ. रीता माथुर द्वारा लिखित यह कृति छात्रों, विषय विशेषज्ञों, शोधार्थियों और नीति-निर्धारकों के लिए सरकारी प्रतिवेदनों और नीतियों का तर्कपूर्ण विवेचन प्रस्तुत करती है।
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आर्थिक संसाधनों का संग्रहण तथा न्यायपूर्ण प्रयोग वित्तीय क्षेत्र की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण समस्या है। कर, सार्वजनिक आगम का महत्त्वपूर्ण भाग होने के कारण आर्थिक संसाधनों का संग्रहण अत्यन्त चुनौतीपूर्ण कार्य है। इससे भी अधिक चुनौतीपूर्ण कार्य इस प्रकार संग्रहीत राशि का न्यायपूर्ण वितरण है। कल्याणकारी राज्य की सरकार में राजस्व का संचालन अधिकतम कल्याण के सिद्धान्त पर संचालित होता है। राज्यों का उद्देश्य भी इस लक्ष्य की प्राप्ति करना होता है। इस दृष्टि से सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक दृष्टि से राजस्व के अध्ययन का विशेष महत्त्व है।
राजस्व विषय पर प्रस्तुत इस पुस्तक में सम्बन्धित विषयों की विस्तृत जानकारी का प्रस्तुतीकरण किया गया है। पुस्तक की विषय सामग्री में राजस्व की विभिन्न समस्याओं एवं उनके समाधान से सम्बन्धित प्रमाणिक तथ्यों एवं सरकार की नीतियों का तर्कपूर्ण विवेचन प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक छात्रों, विषय विशेषज्ञों, शोधार्थियों तथा नीति-निर्धारकों के लिए विशेष उपयोगी सिद्ध होगी।
| Weight | 600 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 2.5 cm |
| Textbook Genre |









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