Karambhumi
प्रेमचन्द
Original price was: ₹150.00.₹120.00Current price is: ₹120.00.
कर्मभूमि मुंशी प्रेमचंद का एक विचारप्रधान सामाजिक-राजनीतिक उपन्यास है। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन के समय की सामाजिक असमानता, जाति-भेद, नारी-स्थिति और नैतिक संघर्षों को यथार्थवादी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह उपन्यास कर्म, त्याग और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश देता है।
कर्मभूमि मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं राजनीतिक उपन्यास है, जो भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की पृष्ठभूमि में सामाजिक सुधार और नैतिक चेतना को केंद्र में रखता है। उपन्यास का प्रमुख पात्र अमरकांत समाज में व्याप्त अन्याय, छुआछूत, शोषण और कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष करता है और कर्म को ही जीवन का सर्वोच्च धर्म मानता है।
इस कृति में प्रेमचंद ने जाति-व्यवस्था, नारी-शिक्षा, धर्मांधता, राजनीतिक स्वार्थ और मानवीय मूल्यों के पतन जैसे विषयों को गहराई से चित्रित किया है। ग्रामीण और शहरी समाज के अंतर्विरोध, आदर्श और व्यवहार के बीच का संघर्ष तथा व्यक्ति की सामाजिक जिम्मेदारी इस उपन्यास के प्रमुख केंद्र बिंदु हैं।
सरल, प्रवाहपूर्ण भाषा और सशक्त चरित्र-चित्रण के माध्यम से कर्मभूमि यह स्पष्ट करती है कि सच्चा राष्ट्रनिर्माण केवल विचारों से नहीं, बल्कि कर्म, साहस और त्याग से संभव है। यही कारण है कि यह उपन्यास हिंदी साहित्य में सामाजिक चेतना का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है और आज भी प्रासंगिक है।
| Weight | 305 g |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14.5 × 1.5 cm |














Dharti ki Adbhut machliyein
Hamara Swadhinata Sangharsh
Sahitya aur Jeevan ke Saval