Bharatiya Arthavyavastha
भारतीय अर्थव्यवस्था
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Bharatiya Arthavyavastha किसी राष्ट्र के आर्थिक विकास की समुचित जानकारी के लिए ‘भारतीय अर्थव्यवस्था’ एक विधिवत् अध्ययन है। स्वतंत्रता के बाद भारत द्वारा कृषि, उद्योग और परिवहन जैसे क्षेत्रों में प्राप्त आत्मनिर्भरता को दर्शाती यह पुस्तक, सरकारी प्रतिवेदनों और वार्षिक रिपोर्टों का उपयोग कर छात्रों, प्राध्यापकों और नीति-निर्धारकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करती है।
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किसी राष्ट्र के आर्थिक विकास की समुचित जानकारी प्राप्त करने हेतु उस राष्ट्र की अर्थव्यवस्था का विधिवत् अध्ययन आवश्यक होता है। विकास की यात्रा में अर्थव्यवस्था को अनेक बाधाओं एवं संघर्षों से गुजरना पड़ता है। भारत की स्वतन्त्रता के पश्चात् भारतीय अर्थव्यवस्था स्वतन्त्र पर्यावरण के अन्तर्गत विकसित होना प्रारम्भ हुई। इस विकास के क्रम में देश के नागरिकों द्वारा एक अत्यन्त ही महत्त्वाकांक्षी जीवन-यापन की परिकल्पना की गयी। भारतीय अर्थव्यवस्था द्वारा इस परिकल्पना को कुछ हद तक सही सिद्ध करने का भी प्रयास किया गया। स्वतन्त्रता के पश्चात् तथा अब तक हुये भारत के आर्थिक विकास ने यह सिद्ध कर दिया कि यह सकारात्मक आर्थिक विकास का ही परिणाम है कि भारत आज कृषि, उद्योग, परिवहन आदि अनेक आर्थिक क्षेत्रों में देश आत्मनिर्भरता प्राप्त कर चुका है।
भारतीय अर्थव्यवस्था विषय पर प्रस्तुत यह पुस्तक यद्यपि एक सन्दर्भ पुस्तक है, किन्तु पुस्तक की विषय सामग्री को इस रूप में प्रस्तुत किया गया है कि वह भारतीय विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में सम्मिलित विषय सूची की पूर्ति कर सके। पुस्तक के लेखन में सरकारी प्रतिवेदनों, विभिन्न मन्त्रालयों के वार्षिक प्रतिवेदनों इत्यादि का समुचित प्रयोग किया गया है।
पुस्तक का यह संस्करण विषय के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, शोधकर्ताओं एवं निति निर्धारकों के लिए अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगा।
| Weight | 560 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 2.5 cm |
| Textbook Genre |







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