Bharat me Sthaniya Prashasan
भारत में स्थानीय प्रशासन
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Bharat me Sthaniya Prashasan ‘भारत में स्थानीय प्रशासन’ भारतीय संविधान के 73वें व 74वें संवैधानिक संशोधनों और नवीन पंचायती राज व नगरपालिका अधिनियमों को ध्यान में रखकर लिखी गई है। डॉ. रविन्द्र शर्मा की यह पुस्तक नगरीय और ग्रामीण स्थानीय प्रशासन के सैद्धांतिक और संरचनात्मक पहलुओं—संगठनात्मक संरचना, कार्मिक प्रशासन, वित्तीय प्रशासन, राज्य द्वारा नियंत्रण—पर प्रकाश डालती है, जो छात्रों, लोक सेवकों और नीति निर्माताओं के लिए उपयोगी है।
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भारत में स्थानीय प्रशासन’ भारतीय संविधान के 73वें व 74वें संवैधानिक संशोधनों और इनके आलोक में राज्यों द्वारा पारित नवीन पंचायती राज और नगरपालिका अधिनियमों को ध्यान में रख कर लिखी गई है। यद्यपि यह पुस्तक विभिन्न विश्वविद्यालयों के स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम को सामने रख कर लिखी गयी है, लेकिन यह पुस्तक सामान्य नागरिकों, लोक सेवकों, नीति निर्माताओं और ग्रामीण तथा नगरीय स्थानीय प्रशासन में रुचि रखने वाले विद्वानों के उपयोग की भी है।
इस पुस्तक में नगरीय और ग्रामीण स्थानीय प्रशासन के विभिन्न सैद्धान्तिक और संरचनात्मक पहलुओं पर प्रकाश डालने का प्रयत्न किया है। पुस्तक के विभिन्न अध्यायों में ग्रामीण और नगरीय स्थानीय संस्थाओं की संगठनात्मक संरचना, कार्मिक प्रशासन, वित्तीय प्रशासन, राज्य द्वारा नियंत्रण आदि विषयों पर अद्यतन सामग्री जुटाकर विषय वस्तु को संजोया गया है। विभिन्न शोध अध्ययनों से उपयोगी निष्कर्ष एकत्रित करके इस पुस्तक में यथास्थान उसका उपयोग किया गया है।
स्थानीय प्रशासन समस्त नागरिकों को सर्वाधिक प्रभावित करता है। सुशासन के बीज भी स्थानीय शासन में निहित होते हैं। भारतीय लोक प्रशासन में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण इकाई भी स्थानीय शासन माना जाता है। हिन्दी में स्थानीय प्रशासन की अद्यतन सामग्री का अभाव सभी वर्गों द्वारा महसूस किया जा रहा था। उस अभाव की पूर्ति की दिशा में यह कृति एक विनम्र प्रयास है।
| Weight | 515 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 2.5 cm |
| Genre | |
| Textbook Genre |






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