Bharat ke Mahttvapurn Vriksh
भारत के महत्त्वपूर्ण वृक्ष
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Bharat ke Mahttvapurn Vrikha भारतीय संस्कृति में वृक्षों को पूज्य माना गया है। डॉ. परशुराम शुक्ल की यह पुस्तक भारत के महत्वपूर्ण वृक्षों के विषय में वैज्ञानिक जानकारी देती है, साथ ही उनसे संबद्ध लोक मानस द्वारा सृजित लोक कथाओं का परिचय देती है। ये कथाएँ पाठक का मनोरंजन करने के साथ-साथ वृक्ष संरक्षण की प्रेरणा भी देती हैं, जो वृक्षों के आधिकारिक ज्ञान और लोकमानस की प्रतिक्रियाओं का विवरण प्रस्तुत करती है।
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भारतीय संस्कृति में ब्रह्माण्ड के हर उपादान को आदर की दृष्टि से देखा गया है, इसलिए हमारे मनीषियों ने प्रकृति के विभिन्न रूपों में देवत्व को परिलक्षित किया है। भारतीय मिथकों में विभिन्न वृक्षों को पूज्य माना गया है तथा उनमें देवताओं के वास की कल्पना की है। बरगद, पीपल, पलाश और औदुम्बर यहाँ तक आकड़े तक में, इनकी उपयोगिता के कारण, देव भावों की प्राण प्रतिष्ठा की है। इसके मूल में भाव यही है कि हम वृक्षों से प्रेम करें, क्योंकि ये हमारे जीवन के लिए बहुत उपयोगी हैं। इसीलिए विभिन्न वृक्षों के साथ लोकमानस ने अनेक लोककथाओं की सर्जना कर ली है।
प्रस्तुत पुस्तक एक ओर विभिन्न वृक्षों के विषय में वैज्ञानिक जानकारी देती है तो दूसरी और इन वृक्षों से सम्बद्ध लोक मानस द्वारा सृजित लोक कथाओं का परिचय देती है। ये कथाएँ पाठक का मनोरंजन तो करती हैं, पाठकों को बुराई से बचने की प्रेरणा भी देती हैं। ये कथाएँ आम पाठक को वृक्ष संरक्षण की प्रेरणा देती हैं।
इस प्रकार इस पुस्तक का उपयोग बहुआयामी है-वृक्षों के विषय में आधिकारिक ज्ञान तथा उनसे सम्बन्धित लोकमानस की प्रतिक्रियाओं का लोककथाओं के रूप में विवरण। सामान्य पाठक, शोधार्थी तथा विज्ञजन इस पुस्तक से अवश्य लाभान्वित होंगे।
| Weight | 390 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 2 cm |
| Genre |
















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