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21St Sadi Aur Sahitya Vimarsh

21वीं सदी और साहित्य विमर्श

Author(s): Dr. Kalpna Morya
Language: Hindi
Format: Hardcover
Pages: 160
Edition: First
Published Year: 2021
ISBN: 978-81-7056-674-8

Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹400.00.

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21वीं सदी हिन्दी साहित्य की दुनिया में अनेक विमर्शों पर लगातार चिंतन और मनन हो रहा है। अनेक कहानियों, उपन्यासों कविताओं में जो जीवन के व्यापक अनुभवों को साहित्य में निरंतर अभिव्यक्ति दे रहे हैं इससे साहित्य में अनेक विमर्शों की शुरुआत हुई। वर्तमान में प्रमुख विमर्श हैं स्त्री विमर्श, दलित विमर्श, आदिवासी विमर्श, थर्ड जेंडर विमर्श आदि हैं। भूमण्डलीकरण, वैश्वीकरण, नवपूँजीवाद, बाजारवाद और उत्तराधुनिक समय की राजनैतिक व्यवस्था पश्चिमी देशों के प्रभाव विचारकों के कारण साहित्य का परिदृश्य बहुत बदल गया है। इस 21वीं सदी में अनेक सामाजिक राजनीतिक एवं सांस्कृतिक परिवर्तन के प्रभाव में साहित्य की विषयवस्तु चिंतन भूमि सामाजिक सरोकार भाषा शिल्प में व्यापक परिवर्तन हुआ है। विमर्शों का अध्ययन मनन, चिंतन और संगोष्ठी करना इसलिए आवश्यक है ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को बता सकेंगे।

Weight370 g
Dimensions24 × 16 × 1.5 cm

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About the Author

Dr. Kalpna Morya

डॉ. कल्पना मौर्य एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं साहित्यकार हैं। वे वर्तमान में उच्च अध्ययन शिक्षा संस्थान (मानित विश्वविद्यालय), सरदारशहर (चूरू, राजस्थान) के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के हिन्दी विभाग में विभागाध्यक्ष पद पर सेवारत हैं। उन्होंने हिन्दी विषय…

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