₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
भारत में कानून और व्यवस्था से संबंधित सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं का प्रभावी विश्लेषण। यह पुस्तक पुलिस और मानवाधिकार, महिला उत्पीड़न, जिला स्तरीय शांति व्यवस्था जैसे विषयों पर गंभीर आलेख प्रस्तुत करती है, जो शिक्षकों, प्रशासकों और जनसामान्य के लिए उपयोगी है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
पूरन सरमा का यह व्यंग्य संग्रह समाज में व्याप्त विसंगतियों, विद्रूपताओं और राजनीति की अवसरवादिता पर गहरी चोट करता है। यह रोचक शैली में मानवीय मूल्यों के क्षरण को उजागर करते हुए पाठकों को अपने परिवेश पर सोचने को विवश करता है।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
आज के खुरदरे यथार्थ और समसामयिक समस्याओं से रूबरू कराती कहानियों का संग्रह। यह पुस्तक मानवीय संवेदनाओं, जिजीविषा और संघर्षों को अभिव्यक्त करती है, पाठक को जीवन की वस्तुस्थिति और शाश्वत मूल्यों से परिचित कराती है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
कला शिक्षा के वर्तमान स्वरूप, उद्देश्यों और भविष्य के परिप्रेक्ष्य पर एक बहुमूल्य विश्लेषण। यह पुस्तक संगीत, चित्रकला, नाट्य कला और दृश्य कला जैसे विभिन्न ललित कला संकायों में सुधार और रोजगारोन्मुखी कला के विकास पर विचार करती है।
₹700.00Original price was: ₹700.00.₹630.00Current price is: ₹630.00.
कुबेरनाथ राय के ललित निबंधों की विशिष्ट पहचान और उनके प्रकांड वैदुष्य का गहन विश्लेषण। यह पुस्तक संस्कृति-बोध, लोक-जीवन और विभिन्न भाषाओं के ज्ञान के अद्भुत संगम को उजागर करती है, जो उन्हें हिंदी के महान ललित निबंधकार बनाते हैं।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
भारतेन्दु काल से लेकर वर्तमान तक आधुनिक हिंदी कविता के विकास का समग्र रेखांकन। यह कृति कविता के विभिन्न पड़ावों, वैचारिक मोड़ और शिल्पगत परिवर्तनों का विश्लेषण करती है, छात्रों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक पूर्ण मार्गदर्शिका।
₹800.00Original price was: ₹800.00.₹720.00Current price is: ₹720.00.
गौतमीपुत्र सातकर्णि के असाधारण पराक्रम और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण की गाथा। यह ऐतिहासिक उपन्यास शैव, बौद्ध और ब्राह्मण मतों की साधना-पद्धति, सामंती व्यवस्था और तत्कालीन जीवन की गहन अनुभूति को जीवंत करता है।
₹700.00Original price was: ₹700.00.₹630.00Current price is: ₹630.00.
द्वितीय शताब्दी के संक्रांति काल पर आधारित यह ऐतिहासिक उपन्यास, गौतमीपुत्र सातकर्णि के अपराजेय व्यक्तित्व को चित्रित करता है। यह युग के ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहलुओं को सहजता से अभिव्यक्त करता है।
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.
सूचना के विभिन्न स्रोतों की आवश्यकता, महत्व और उन्हें प्राप्त करने के तरीकों पर केंद्रित यह पुस्तक, शब्दकोश, विश्वकोश, वार्षिकी और सामयिकी जैसे संसाधनों का विस्तृत परिचय देती है। पुस्तकालय कर्मचारियों और आम पाठकों के लिए एक अनिवार्य मार्गदर्शिका।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
प्रस्तुत पुस्तक ‘पुस्तकालय सूचीकरण के सिद्धान्त’ में पुस्तक सूचीकरण के प्रत्येक पक्ष को उजागर करने का प्रयास किया गया है। पुस्तक को छात्रोपयोगी बनाने के लिये बी.लिब व एम.लिब. एस-सी. के पाठ्यक्रमों को ध्यान में रखा गया है। इन्दिरा गाँधी खुला विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम को विशेष रूप से पुस्तक के कलेवर में समेटने का प्रयत्न किया गया है। क्लासीफाईड, कैटैलोग कोड (पंचम संस्करण) ए.ए.सी.आर. (II) दोनों के सिद्धान्तों के आधार पर प्रविष्टियों का वर्णन है तथा जहाँ आवश्यकता हुई दोनों पद्धतियों का तुलनात्मक विवरण भी प्रस्तुत किया है।
पुस्तक में सूचीकरण के क्षेत्र की नवीनतम जानकारी दी गई है एवं सूचीकरण की हर विधा पर ध्यान रखा गया है। नॉन बुक मैटीरियल, मार्क, सी.डी. रोम आदि सभी आधुनिक तकनीकों का समावेश भली प्रकार समझाया गया है। विषय सम्बन्धी सभी पहलुओं को छुआ गया है।
पुस्तक की भाषा एवं शैली को सरल बनाने के लिये साधारण बोलचाल की भाषा का प्रयोग किया गया है। हिन्दी के शब्दों के साथ अँग्रेजी के दिन-प्रतिदन बोले जाने वाले शब्द भी दिये गये हैं और कहीं-कहीं तो हिन्दी के क्लिष्ट शब्दों के स्थान बोलचाल के अँग्रेजी शब्दों का ही प्रयोग किया गया है जिससे कि विषय को समझने में कठिनाई नहीं हो।
₹995.00Original price was: ₹995.00.₹896.00Current price is: ₹896.00.
ग्रामीण स्थानीय प्रशासन और विकास योजनाओं का विस्तृत विवेचन। यह पुस्तक पंचायती राज के क्रमिक विकास, संरचना, वित्त और ग्रामीण विकास के प्रतिमानों को गहराई से उजागर करती है, छात्रों, शोधकर्ताओं और नीति-नियोजकों के लिए अत्यंत उपयोगी।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Suchna Prodhyogiki ‘सूचना प्रौद्योगिकी’ से जुड़ी मूलभूत जानकारी प्रदान करना इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य है। प्रहलाद शर्मा की यह पुस्तक सूचना प्रौद्योगिकी की आवश्यकता एवं महत्व, कम्प्यूटर का परिचय एवं विकास, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, इन्टरनेट, ई-मेल, वायरस, नेटवर्किंग, और ई-कामर्स जैसे सभी पहलुओं को विस्तार से समझाती है। यह कृति पुस्तकालयों में कम्प्यूटर के उपयोग और पुस्तकालय नेटवर्क के बारे में विस्तृत सूचना देती है, जो पाठकों के लिए लाभकारी है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
सूर्यबाला की व्यंग्य यात्रा उनकी कथा यात्रा के समानांतर चलती आई है, जिसमें विट, ह्यूमर और परिहासी आवरण के बीच से विद्रूप उपजता है। ‘मेरी श्रेष्ठ व्यंग रचनाएँ’ संग्रह में आक्रोश और करुणा दोनों है, जिसमें शिष्ट हास्य को व्यंग्य की नक्काशी माना गया है। यह कृति ‘यात्रा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन की’ जैसे व्यंग्यों के माध्यम से सामाजिक विद्रूपताओं पर तीखा प्रहार करती है, जो पाठकों को विचारोत्तेजक और असरदार लगती है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Dr. Bheemrao Ambedkar : Jeevan Aur Darshan भारत-रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर भगवान बुद्ध, महात्मा कबीर, और महात्मा ज्योतिबा फूले की परंपरा में एक महान मानवतावादी और उच्च-कोटि के देशभक्त थे। हरदान हर्ष की यह पुस्तक उनके जीवन, दर्शन, और दलितों, वंचितों, मजदूरों, किसानों, और स्त्रियों के मानवीय अधिकारों के लिए किए गए संघर्षों का विश्लेषण करती है, जो समता, स्वतंत्रता और भाईचारे के दर्शन में विश्वास करने वाले बाबा साहेब की प्रासंगिकता को उजागर करती है।
₹175.00Original price was: ₹175.00.₹158.00Current price is: ₹158.00.
Shah Alam सुरेन्द्र कांत का उपन्यास ‘शाहआलम’ मुगल खानदान के गौरव के क्षरण की त्रासद कथा है, जहाँ मुगल शाहजादे विलास में डूबे निस्तेज और जर्जर हो रहे थे। यह कृति शाहआलम के देशभक्त और बहादुर सिपाही के रूप में भारत के राजाओं को जोड़कर दिल्ली के पुराने गौरव को प्राप्त करने के प्रयास को दर्शाती है, जो अपनी चारित्रिक दृढ़ता और पराक्रमशीलता से महान बनता है।
₹700.00Original price was: ₹700.00.₹630.00Current price is: ₹630.00.
Mudra Banking Evam Rajasv मुद्रा के आविष्कार से मानव के आर्थिक व्यवहारों को एक नवीन स्वरूप प्राप्त हुआ, जिससे अर्थव्यवस्था का समुचित विकास संभव हुआ। डॉ. रीता माथुर की यह पुस्तक ‘मुद्रा बैंकिंग एवं राजस्व’ में मुद्रा, बैंकों के विकास, सार्वजनिक वित्त, मुद्रा का मूल्य-निर्देशांक, साख सृजन, और मौद्रिक नीति जैसे महत्वपूर्ण अवधारणाओं को सम्मिलित किया गया है, जो छात्रों, शोधकर्ताओं, और नीति निर्धारकों के लिए उपयोगी है।
₹700.00Original price was: ₹700.00.₹630.00Current price is: ₹630.00.
Aarthik Avadharnaayein Evam Vidhiya अर्थशास्त्र को एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण विषय के रूप में मान्यता प्राप्त है। डॉ. रीता माथुर की यह पुस्तक ‘आर्थिक अवधारणाएँ एवं विधियाँ’ आर्थिक समस्याएँ, राष्ट्रीय आय, कीमत तंत्र, मांग एवं पूर्ति के मूल तत्व, मुद्रा की प्रकृति एवं कार्य, और सांख्यिकी विधियों जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को सम्मिलित करती है। यह पुस्तक छात्रों, अध्यापकों, और नीति निर्धारकों के लिए सार्थक सिद्ध होगी।
₹800.00Original price was: ₹800.00.₹720.00Current price is: ₹720.00.
Antharashtriya Vyapar: Sidhanth avam Vyvhar विश्व में कोई भी राष्ट्र स्वयं में पूर्णतः स्वतंत्र अथवा स्वनिर्भर नहीं है, सभी राष्ट्र एक-दूसरे पर निर्भर हैं। प्रो. बी.एल. माथुर की यह पुस्तक ‘अन्तर्राष्ट्रीय व्यापारः सिद्धांत एवं व्यवहारः’ अन्तर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्र के सिद्धांतों, आधुनिकतम विकास, और समस्याओं का विवेचन तथा निदान प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक छात्रों, प्राध्यापकों, शोधकर्ताओं, और नीति-निर्धारकों के लिए विशेष उपयोगी है।
₹800.00Original price was: ₹800.00.₹720.00Current price is: ₹720.00.
Samajshastriy Anusandhan Ke Tark Evam Paddhatiyain ‘समाजशास्त्रीय अनुसंधान के तर्क एवं पद्धतियाँ’ में समाजशास्त्रीय शोध से संबंधित सभी महत्वपूर्ण विषयों और प्रकरणों को बखूबी समेटा गया है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा की यह पुस्तक सामाजिक अनुसंधान की प्रकृति, प्रयोजन का चयन, और प्ररचना की विस्तार से विवेचना करती है। यह सामग्री संकलन की प्रविधियों—अवलोकन, प्रश्नावली, अनुसूची, साक्षात्कार—और निदर्शन के विभिन्न प्रकारों का वर्णन करती है, जो शोध कार्य में रुचि रखने वाले सभी पाठकों के लिए उपादेय सिद्ध होगी।
₹800.00Original price was: ₹800.00.₹720.00Current price is: ₹720.00.
Bharatiya Samajik Vyavastha ‘भारतीय सामाजिक व्यवस्था’ एक जटिल समग्र है जिसे समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से समझना आवश्यक है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा की यह पुस्तक भारतीय समाज और संस्कृति के समन्वय, भारतीय परंपरा, संस्कृतिकरण, पश्चिमीकरण, आधुनिकीकरण, और विभिन्न उप-सामाजिक व्यवस्थाओं—आश्रम, वर्ण, जाति, हिन्दू विवाह, संयुक्त परिवार—का विस्तृत विवेचन करती है। यह कृति भारतीय सामाजिक परिवर्तन की प्रमुख प्रक्रियाओं का व्याख्यात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।