“Chandragupta Vikramaditya – Abhishek Bhag-2” has been added to your cart.
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Chandragupta Vikramaditya – Digvijay Bhag-3 प्राचीन भारत के गुप्तकाल को स्वर्ण युग माना जाता है। ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का यह ऐतिहासिक उपन्यास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के ‘दिग्विजय’ नामक तीसरे खंड में उनके संपूर्ण जीवन, संघर्षों और आशातीत सफलताओं का वर्णन है। यह कृति भारतीय इतिहास के तीसरी से चौथी शताब्दी तक के विस्तृत काल-खंड की राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक हलचलों को महाकाव्यात्मक रूप में प्रस्तुत करती है, जो पाठक को रमाये रखती है।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Chandragupta Vikramaditya – Abhishek Bhag-2 प्राचीन भारत के गुप्तकाल को राजनीतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और ज्ञान-कला की दृष्टि से स्वर्ण युग माना जाता है। ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का यह ऐतिहासिक उपन्यास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के ‘अभिषेक’ नामक दूसरे खंड में उनके पराक्रम कौशल, उदात्त स्वभाव और संवेदनशील व्यवहार से अर्जित आशातीत सफलताओं का वर्णन है। यह कृति भारतीय इतिहास के इस काल-खंड को जीवंत करती है, जिससे पाठक भारत के बहुरंगी अतीत का अनुभव कर सकें।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Chandragupta Vikramaditya – Chandrodai Bhag-1 प्राचीन भारत के इतिहास में गुप्तकाल को स्वर्ण युग माना जाता है। ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का यह वृहद ऐतिहासिक उपन्यास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के चरित्र के विविध पक्षों का उद्घाटन करता है। ‘चंद्रोदय’ नामक यह प्रथम खंड भारतीय इतिहास के तीसरी से चौथी शताब्दी तक के विस्तृत काल-खंड की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक हलचलों को रचनात्मक दृष्टि से चित्रित करता है, जो पाठक को भारत के अतीत की चित्रवीथि में प्रवेश कराता है।