Ecology & Biodiversity

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  • Sale! Paristhitiki Evam Paryavaran

    Paristhitiki Evam Paryavaran

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Paristhitiki Evam Paryavaran ‘पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण’ हरिश्चंद्र व्यास द्वारा लिखित एक ऐसी पुस्तक है जो पारिस्थितिक-संतुलन और शुद्ध पर्यावरण के महत्व को उजागर करती है। यह विभिन्न प्रदूषणों का प्रामाणिक आधार पर विवरण प्रस्तुत करती है, उनके कारणों, परिणामों और निवारणों के साथ-साथ पारिस्थितिक-संतुलन स्थापित करने के लिए सृजनात्मक एवं व्यावहारिक सुझाव देती है, जो पर्यावरण संचेतना की दिशा में एक अनूठी कृति है।

  • Sale! Bharat ke Aoushdheeya Pushp

    Bharat ke Aoushdheeya Pushp

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Bharat ke Aoushdheeya Pushp प्राचीनकाल में भारत ने अकूत ज्ञान-संपदा अर्जित की थी, जिसमें आयुर्वेद का विशेष स्थान है। डॉ. परशुराम शुक्ल की यह पुस्तक विभिन्न प्रकार के फूलों के औषधीय उपयोग की विस्तार से समीक्षा करती है, जो एक विलुप्त किन्तु बहुत उपयोगी ज्ञान शाखा का उद्घाटन करती है। यह पुस्तक जनसामान्य और शोधार्थियों दोनों के लिए लाभकारी है, जो उन्हें प्रकृति के औषधीय गुणों से परिचित कराती है।

  • Sale! Bharat ke Mahttvapurn Vriksh

    Bharat ke Mahttvapurn Vriksh

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Bharat ke Mahttvapurn Vrikha भारतीय संस्कृति में वृक्षों को पूज्य माना गया है। डॉ. परशुराम शुक्ल की यह पुस्तक भारत के महत्वपूर्ण वृक्षों के विषय में वैज्ञानिक जानकारी देती है, साथ ही उनसे संबद्ध लोक मानस द्वारा सृजित लोक कथाओं का परिचय देती है। ये कथाएँ पाठक का मनोरंजन करने के साथ-साथ वृक्ष संरक्षण की प्रेरणा भी देती हैं, जो वृक्षों के आधिकारिक ज्ञान और लोकमानस की प्रतिक्रियाओं का विवरण प्रस्तुत करती है।

  • Sale! Parasthitik Punarsthapan

    Parasthitik Punarsthapan

    Original price was: ₹350.00.Current price is: ₹315.00.

    Parasthitik Punarsthapan पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र में अनियंत्रित बदलाव और जैवविविधता पर पड़ रहे प्रत्यक्ष प्रभावों पर केंद्रित यह पुस्तक, पारिस्थितिकी एवं पारिस्थितिक तंत्र, पर्यावरणीय गुणवत्ता, और जैविक संसाधनों के प्रबंधन जैसे ज्वलंत विषयों की विवेचना करती है। डॉ. वेद प्रकाश मीणा की यह कृति स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध स्तर के विद्यार्थियों एवं नियोजनकर्त्ताओं के लिए उपयोगी है।

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