₹600.00Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.
Mahila aur Manavadhikar नारी ने बहुत सहा है, पुरुष के पौरुष मोह जाल में फँसकर सदा ‘शासिता’ रूप में रही है। एम. ए. अंसारी की यह कृति नारी को भोग वस्तु नहीं, बल्कि ‘उत्सव’ और ‘हर्ष’ का कारक मानती है, जो पुरुष के जीवन को पूर्णता देती है। यह पुस्तक नारी के प्रति स्वस्थ और पवित्र दृष्टिकोण अपनाते हुए नारी जीवन से जुड़े सभी सवालों से तर्कपूर्ण ढंग से रूबरू होती है, और नारी-मुक्ति का आह्वान करती है।
₹800.00Original price was: ₹800.00.₹720.00Current price is: ₹720.00.
Bharat me Panchayat Raj Nivarchan प्रजातंत्र के प्रासाद की नींव सार्वजनिक संस्थानों के नियमित और निष्पक्ष चुनावों पर टिकी है। प्रो. पी.सी. माथुर और प्रो. रवीन्द्र शर्मा द्वारा संपादित यह कृति पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचन की अवधारणा, निर्वाचन प्रणाली, और विभिन्न राज्यों में इसके विश्लेषण पर केंद्रित है, जो शोधार्थियों, शोध निदेशकों और पंचायती राज में रुचि रखने वाले विद्वानों के लिए एक संपूर्ण पुस्तक है।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Bhartiya Rajnyan द्वितीय महायुद्ध के बाद स्वतंत्र हुए राष्ट्रों, विशेषकर भारत, के राजनयिक संबंधों की स्थापना पर केंद्रित यह पुस्तक, डॉ. शेफाली बार्थोनिया द्वारा प्रस्तुत। यह भारतीय राजनय के इतिहास का सिंहावलोकन करती है और शीतयुद्ध की समाप्ति के बाद उभरे मानवाधिकार, निशस्त्रीकरण, और पर्यावरण जैसे नए मुद्दों के संदर्भ में भारतीय विदेश नीति की चुनौतियों को रेखांकित करती है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Vishva Shanti ka Gandhiya Pratiman महात्मा गाँधी के अहिंसा और शांति के परम संदेश का विश्लेषण करती यह पुस्तक, विश्व में व्याप्त समस्याओं और तनावों का समाधान गांधी दर्शन में खोजती है। डॉ. अल्पना शर्मा की यह कृति गाँधी के सिद्धांतों और प्रयोगों को व्यावहारिक बताते हुए, ‘सादा जीवन उच्च विचार’ और सत्य-अहिंसा जैसे अचूक हथियारों को विश्व को विनाश और अशांति से बचाने का मार्ग बताती है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Vinoba Bhave : Samajik Rajnetik Chintan डॉ. रवीन्द्र कुमार सोहोनी की यह कृति आचार्य विनोबा भावे के सामाजिक-राजनीतिक चिंतन का विश्लेषण करती है, जो पाश्चात्य विद्वानों की भारतीय राजनीतिक चेतना की शून्यता की भ्रामक अवधारणा का खंडन करती है। यह पुस्तक विनोबा के विवेक को सर्वोपरि मानने, उनके प्रयोगधर्मी चिंतन और जनमानस को झकझोरने की उनकी भूमिका को उजागर करती है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Samakalin Rajniti Ke Pramukh Ayam राजनीति विज्ञान में समकालीनता को रेखांकित करने का एक दुष्कर कार्य, यह कृति समकालीन भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख आयामों का विश्लेषण करती है। डॉ. अरुण चतुर्वेदी और डॉ. संजय लोढ़ा द्वारा संपादित यह पुस्तक, भाषायी और अभिव्यक्ति के मापदंड पर श्रेष्ठ लेखों का संकलन है, जो राजस्थान के राजनीतिक वैज्ञानिकों के योगदान को भी उजागर करती है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Human Rights Challenges and Institutional Response As the world’s largest democracy, India’s engagement with human rights is critical. This book, a sequel to “Concept and National Policy of Human Rights,” offers 19 insightful essays on women’s rights, police responsibilities, and the efficacy of human rights institutions, complemented by an innovative approach to human rights education.
₹950.00Original price was: ₹950.00.₹855.00Current price is: ₹855.00.
Prespectives of Humn Rights in India Explore the contemporary landscape of human rights in India, examined through the lens of global history and post-WWII developments. This book highlights the critical work of the National Human Rights Commission and international organizations in addressing violations, fostering greater awareness.