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₹600.00 Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.Hindi Patrakarita Ke Nutan Ksitij हिन्दी पत्रकारिता के बहुआयामी विकास और उसके उत्कर्ष का विश्लेषण करने वाली यह कृति, डॉ. मनोहर प्रभाकर और डॉ. कल्याण प्रसाद वर्मा द्वारा प्रस्तुत है। यह सूचना-प्रवाह, सामग्री वैविध्य, मोहक मुद्रण और साज-सज्जा की दृष्टि से हुई प्रगति-यात्रा को उजागर करती है, जो पाठकों के मन और मस्तिष्क को झकझोरने वाली है, और मीडिया के विभिन्न पहलुओं के अध्येताओं की जिज्ञासा को तृप्त करती है।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.Agyea Ka Kavya: Jeevan-Satya Aur Darshan सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन अज्ञेय, प्रयोगवाद के प्रणेता और नई कविता के शलाका पुरुष थे। डॉ. मीता शर्मा की यह कृति अज्ञेय के काव्य पर जीवन-सत्य, जीवन मूल्य और दर्शन की दृष्टि से विचार करने वाली एक गंभीर, विश्लेषणात्मक और आलोचनात्मक पुस्तक है। यह भारतीय और पाश्चात्य दार्शनिक चिन्तन, तथा आधुनिक काव्यान्दोलनों का अज्ञेय के काव्य पर प्रभाव का प्रमाण-सम्मत प्रतिपादन करती है।
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₹900.00 Original price was: ₹900.00.₹810.00Current price is: ₹810.00.Media Evam Soochana Prodyogiki Kosh हिंदी में मीडिया एवं सूचना प्रौद्योगिकी विषयक यह प्रथम विस्तृत, शोधपूर्ण, विवेचनात्मक एवं प्रामाणिक कोश है। प्रोफेसर रमेश जैन और डॉ. कैलाश शर्मा द्वारा लिखित यह कृति सूचना प्रौद्योगिकी, संचार एवं उपग्रह, दूरसंचार एवं कंप्यूटर, इंटरनेट, वेब जर्नलिज्म, मल्टीमीडिया, और प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विभिन्न शब्दों की विस्तृत व्याख्या सहित जानकारी प्रदान करती है, जो शिक्षार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
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₹150.00 Original price was: ₹150.00.₹135.00Current price is: ₹135.00.Ekla Chalo Re समकालीन हिन्दी कहानी के विकास में श्याम जांगिड़ एक सुपरिचित नाम है। उनकी कहानियाँ न शैल्पिक-घटाटोप से आक्रांत हैं न भाषा के दिखावटी विलास से, बल्कि उनमें ज़िन्दगी की विद्रूपताएँ और अभावग्रस्तता के बावजूद जीवन के प्रति मोह का स्पंदन है। ‘एकला चलो रे’ संग्रह की कहानियाँ ‘हंस’, ‘कथादेश’ जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं और पाठक को चकित, झंकृत और व्याकुल करती हैं।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.Paristhitiki Evam Paryavaran ‘पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण’ हरिश्चंद्र व्यास द्वारा लिखित एक ऐसी पुस्तक है जो पारिस्थितिक-संतुलन और शुद्ध पर्यावरण के महत्व को उजागर करती है। यह विभिन्न प्रदूषणों का प्रामाणिक आधार पर विवरण प्रस्तुत करती है, उनके कारणों, परिणामों और निवारणों के साथ-साथ पारिस्थितिक-संतुलन स्थापित करने के लिए सृजनात्मक एवं व्यावहारिक सुझाव देती है, जो पर्यावरण संचेतना की दिशा में एक अनूठी कृति है।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.Sachitra Vijyan Vishvkosh धनराज चौधरी का ‘सचित्र विज्ञान विश्वकोश’ उपयोगी और जिज्ञासा को तृप्ति प्रदान करने वाली जानकारियाँ प्रस्तुत करता है। इसमें विज्ञान के सारे क्षेत्रों की आवश्यक बातें, वैज्ञानिकों की संक्षिप्त जीवनियाँ, और चित्रों का बाहुल्य है, जो विज्ञान की बातों को देखकर, स्वयं करके कहीं गहरे संप्रेषित करती हैं। यह पुस्तक मुख्यतः उन लोगों के लिए है जिन्होंने विधिवत् विज्ञान नहीं पढ़ा, लेकिन जो जीवनचर्या में वैज्ञानिक विवेचना अपनाते हैं।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.Bhartrihari ki Amar Rachna नीति, वैराग्य और श्रृंगार-शतकों के प्रणेता महाराजा भर्तृहरि की अमर रचनाओं का डॉ. पी.डी. शर्मा द्वारा अंग्रेजी में सरस अनुवाद। यह कृति भर्तृहरि के व्यापक अनुभव संसार और उनकी वाणी के मुख्य भाव वैराग्य को दर्शाती है, जो तीनों शतकों में व्यक्त भावशवलता, अभिव्यक्ति की भास्वरता और भाषा की सहजता के कारण विश्व की अनेक भाषाओं में अनूदित हुए हैं।
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₹600.00 Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.Bhartiya Sanskriti ke aadhar Stambh भारतीय संस्कृति और प्राचीन साहित्य के विशाल और गहन समुद्र को मथने से प्राप्त नवनीत के रूप में, प्रो. योगेश चन्द्र शर्मा की यह पुस्तक कुछ मुक्ता मणि सरल रूप में प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक भारतीय पर्वों, त्योहारों और परंपराओं के स्रोत और महत्व को तर्कपूर्ण ढंग से समझाती है, जो विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले प्रतिभागियों और विषय में रुचि रखने वाले अन्य पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी प्रमाणित होगी।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.Sathottari Hindi Kahani Sahitya mein Chitrit Gramin Samasyein भारत एक कृषि प्रधान देश है और इसकी सामाजिक संरचना ग्रामीण जीवन पर टिकी है। डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद की यह आलोचना कृति साठोत्तरी हिन्दी कहानी साहित्य में चित्रित ग्रामीण समस्याओं का समाजशास्त्रीय, नृशास्त्रीय, राजनीतिक और साहित्यिक दृष्टि से मूल्यांकन करती है। यह रेणु, मार्कण्डेय, शेखर जोशी जैसे कहानीकारों द्वारा चित्रित बदलते ग्रामीण जीवन का जीवंत दस्तावेज है।
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₹600.00 Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.Vyavsayik Sangathan इस युग में विज्ञान और टेक्नोलॉजी के अप्रत्याशित विकास के फलस्वरूप व्यावसायिक संगठन में अनेक जटिलताएँ आ गई हैं। डॉ. पी.पी. भार्गव की यह पुस्तक उत्पादन की जटिलताओं, राजकीय हस्तक्षेप, विकेन्द्रित व्यवस्था, और प्रतियोगी संस्थाओं का ज्ञान जैसे सभी पहलुओं पर सरल, रोचक और धाराप्रवाह भाषा में विस्तृत विवेचना करती है, जो एक योग्य आर्थिक भविष्य दृष्टा के लिए अनिवार्य है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.Bharatiya Kanthabharan Chitrankan Parampara भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में भावनाओं से ओत-प्रोत लोकप्रिय आभूषण कण्ठाभरण के अध्ययन की उपयोगिता निर्विवाद है। डॉ. शिवा धमेजा की यह पुस्तक प्राचीन भारत की शिल्पराशि और साहित्यिक संपदा के समीक्षात्मक अनुशीलन द्वारा कण्ठाभरणों के विविध स्वरूपों को सामाजिक, आर्थिक व धार्मिक पृष्ठभूमि के परिप्रेक्ष्य में वर्णित करती है। यह कृति कण्ठाभरणों के कलात्मक और सामाजिक महत्व को उजागर करती है।
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₹100.00 Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.SevaSadan प्रेमचंद का उपन्यास ‘सेवासदन’ भारतीय समाज में महिलाओं की दयनीय स्थिति, भ्रष्टाचार और सामाजिक कुरीतियों का मार्मिक चित्रण करता है। यह कृति एक युवा महिला के संघर्षों और सामाजिक दबावों को दर्शाती है, जो उसे एक वेश्यालय में ले जाते हैं, लेकिन अंततः वह समाज सेवा के माध्यम से मुक्ति पाती है। यह उपन्यास सामाजिक सुधार और नैतिक मूल्यों की स्थापना का सशक्त संदेश देता है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.Shararik Avam Mansik Swasthya प्रत्येक व्यक्ति की कामना स्वस्थ व सुखद जीवन व्यतीत करने की रहती है। ब्रह्मदत्त शर्मा की यह पुस्तक शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर केंद्रित है, जिसमें संतुलित आहार, शारीरिक श्रम, और मानसिक तनाव से दूर रहने के उपायों का विस्तार से विवेचन किया गया है। यह कृति बताती है कि तन और मन दोनों की स्वस्थता से ही व्यक्ति व्याधियों से दूर रह सकता है और आनंदमय जीवन जी सकता है।
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.Swami Ramtirth Ek Divye Vibhuti स्वामी रामतीर्थ, भारतीय सांस्कृतिक परिवेश के देदीप्यमान सितारों में से एक, महर्षि दयानंद और स्वामी विवेकानंद की परंपरा में एक आध्यात्मिक वेदान्ती थे। सुरेन्द्र शर्मा द्वारा लिखित यह जीवनी आधुनिक उपभोक्तावादी संस्कृति के प्रदूषित दौर में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व की प्रासंगिकता को उजागर करती है। यह पुस्तक स्वामी जी के उपदेशों, राष्ट्रप्रेम, शांति, और भारत की आजादी हेतु जागृति की लहर का सूत्रपात करती है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.Bharat ke Aoushdheeya Pushp प्राचीनकाल में भारत ने अकूत ज्ञान-संपदा अर्जित की थी, जिसमें आयुर्वेद का विशेष स्थान है। डॉ. परशुराम शुक्ल की यह पुस्तक विभिन्न प्रकार के फूलों के औषधीय उपयोग की विस्तार से समीक्षा करती है, जो एक विलुप्त किन्तु बहुत उपयोगी ज्ञान शाखा का उद्घाटन करती है। यह पुस्तक जनसामान्य और शोधार्थियों दोनों के लिए लाभकारी है, जो उन्हें प्रकृति के औषधीय गुणों से परिचित कराती है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.Bharat ke Mahttvapurn Vrikha भारतीय संस्कृति में वृक्षों को पूज्य माना गया है। डॉ. परशुराम शुक्ल की यह पुस्तक भारत के महत्वपूर्ण वृक्षों के विषय में वैज्ञानिक जानकारी देती है, साथ ही उनसे संबद्ध लोक मानस द्वारा सृजित लोक कथाओं का परिचय देती है। ये कथाएँ पाठक का मनोरंजन करने के साथ-साथ वृक्ष संरक्षण की प्रेरणा भी देती हैं, जो वृक्षों के आधिकारिक ज्ञान और लोकमानस की प्रतिक्रियाओं का विवरण प्रस्तुत करती है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.Mile Sur Mera Tumhara मनमोहन सहगल का उपन्यास ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ आँचलिकता की गंध में लिपटी वर्तमान समाज की संकीर्णताओं का यथार्थ दस्तावेज है। यह पंजाब में प्रवासी मजदूरों के आयात, नशे की लत, कन्या भ्रूण हत्या, और आतंकी साया जैसे ज्वलंत मुद्दों को उजागर करता है, साथ ही पंजाबियों की उदारता, परिश्रम, सम-भाव, और संबंधों की मिठास को दर्शाते हुए ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा, सुर बने हमारा’ का विराट संदेश देता है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.Rajasthan ke Rajwadon ka Sanskritik Vaibhav ‘राजस्थान के रजवाड़ों का सांस्कृतिक वैभव’ यहाँ के राजपूत राजपरिवारों के सांस्कृतिक आदर्शों, विशिष्ट जीवन-मूल्यों, और गौरवशाली परंपराओं पर एक मौलिक और शोधपूर्ण अध्ययन है। राघवेन्द्र सिंह मनोहर की यह कृति धर्म और संस्कृति की रक्षा में क्षत्रिय नरेशों के प्रशंसनीय भूमिका को सुंदर और प्रभावशाली ढंग से उजागर करती है, जहाँ वीरता, त्याग और बलिदान का अद्भुत समन्वय हुआ है।